CBSE Class 10 Hindi Course A 2026 Question Paper

2026SET-180 Marks180 min64 Questions

Section खंड क

1
Short Answerअपठित गद्यांश (Unseen Passage)अपठित गद्यांश — प्रतिस्पर्धा और आत्म-संतोष

जब हम छोटे थे, हमें सिखाया गया कि होशियार बनो। अच्छे नंबर लाओ। जीत कर दिखाओ। धीरे-धीरे ये आदत तमाम सीखें आदत में बदल गईं और पता भी नहीं चला कि कब ये आदत हमारे मन की एक दौड़ में बदल गई। दूसरों से आगे निकलने की दौड़। कभी कक्षा में प्रथम आने की, कभी ऑफिस में पदोन्नति की, कभी समाज में इज़्ज़त कमाने की और कभी अपने ही भाई-बहनों, दोस्तों, रिश्तेदारों से बेहतर दिखने की। परंतु इस लगातार चलने वाली दौड़ में हम भूल गए कि जिस आत्मा को लेकर निकले थे, वह कहाँ है? हर सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि किसे पछाड़ना है। हर शाम थककर सोते हैं और गिनते हैं कि कितने पीछे रह गए। यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं है, आत्मा की थकान भी है क्योंकि हमने अपनी गति किसी और की रफ़्तार से बाँध दी है। हम अपने फैसले किसी और की कामयाबी देखकर लेने लगे हैं। वो किताब क्यों पढ़ रहे हो? क्योंकि सब पढ़ रहे हैं। वो कोर्स क्यों कर रहे हो? क्योंकि उससे नौकरी मिलती है। शहर क्यों जा रहे हो? क्योंकि वहाँ ज़्यादा अवसर हैं। और धीरे-धीरे हमारी ज़िंदगी, हमारी नहीं रह जाती। वह एक नक़ल बन जाती है, दूसरों के रास्तों की, दूसरों के सपनों की। ऐसा नहीं है कि प्रतिस्पर्धा बुरी चीज है। आपको अगर किसी से आगे ही निकलना है, तो उस 'आप' से निकलिए, जो डरता है, जो टालता है, जो रोज़ कहता है 'कल से'। आपका अपना असली प्रतिद्वंद्वी कोई और नहीं, हमारा ही कल का, हमारा ही पुराना संस्करण है। आज के इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में, जहाँ सोशल मीडिया हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को चमका कर पेश करता है, वहाँ अपने ही भीतर स्थिर रहना एक साधना है। खुशी और संतोष हमेशा भीतर से आते हैं और उनका रास्ता आत्म-साक्षात्कार से होकर जाता है, ना कि तुलना और प्रतियोगिता से।

2
1 markMCQअपठित गद्यांश (Unseen Passage)अपठित गद्यांश — प्रतिस्पर्धा की हानियाँ

गद्यांश के आधार पर लगातार दूसरों से की जा रही प्रतिस्पर्धा की हानि/हानियाँ है/हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. शारीरिक थकान II. आत्मा की थकान III. सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि IV. आर्थिक नुकसान

()I और II दोनों
()I, II और III तीनों
()I, II और IV तीनों
()II और IV दोनों
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1 markMCQअपठित गद्यांश (Unseen Passage)अपठित गद्यांश — सोशल मीडिया और आत्म-स्थिरता

सोशल मीडिया के युग में अपने भीतर स्थिर रहना एक साधना क्यों है?

()यह दूसरों की उपलब्धियों को नज़र-अंदाज़ करना सिखाता है।
()इससे हम अधिक सफल और प्रसिद्ध हो सकते हैं।
()हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को दिखा ललचाता रहता है।
()प्रतिस्पर्धात्मक युग में इंद्रियों पर नियंत्रण कठिन है।
4
1 markMCQअपठित गद्यांश (Unseen Passage)अपठित गद्यांश — कथन-कारण आधारित प्रश्न

निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : हमें अपनी ज़िंदगी में दूसरों के सपनों का अनुकरण बंद कर देना चाहिए। कारण : दूसरों की नक़ल से सच्ची खुशी मिल सकती है।

()कथन और कारण दोनों गलत हैं।
()कथन सही है किंतु कारण गलत है।
()कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
()कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
5
2 marksVery Short Answerअपठित गद्यांश (Unseen Passage)अपठित गद्यांश — बचपन की सीख और उसका प्रभाव

हम सभी को बचपन में कौन-सी सीख दी जाती है और उसका क्या प्रभाव हमारे स्वभाव पर पड़ता है?

6
2 marksVery Short Answerअपठित गद्यांश (Unseen Passage)अपठित गद्यांश — खुशी और संतोष का स्रोत

खुशी और संतुष्टि किस प्रकार मिल सकती है? आप उसे पाने के लिए क्या करेंगे?

7
Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)अपठित काव्यांश — प्रकृति के विनाश और बाज़ारीकरण का चित्रण

गाँव में वो दिन था इतवार। मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख एक पतली पगडंडी मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा देखो, यही थी कभी गाँव की नदी। आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार! क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार। भैया! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी, एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़ उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो, और ये बारिश इतनी महँगी क्यों? दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं! दूसरे ग्रह से आई है, मंदी है, छटाँक भर मँगाई है। पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली चौंकी ! देखा आँचल की गाँठ में रुपयों की जगह पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था...

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1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)काव्यांश — प्रतीकों की व्याख्या

नदी के बोतल में और पहाड़ के डिब्बाबंद होने का क्या अर्थ है?

()भविष्य की आशंकाओं के चित्र खींचना
()पर्यावरण के प्रति मनुष्य की उपेक्षा दिखाना
()बाज़ारीकरण की भयावहता स्पष्ट करना
()जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना
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1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)कथन-कारण आधारित प्रश्न

निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : कवयित्री अपने वजूद को मुड़ा हुआ पाती हैं। कारण : वह प्रकृति के बिना अपने अस्तित्व को खतरे में पाती हैं।

()कथन सही है किंतु कारण गलत है।
()कथन और कारण दोनों गलत हैं।
()कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
()कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
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1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)काव्यांश का केंद्रीय भाव

कविता के मुख्य भाव को प्रस्तुत करने वाले विकल्प हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. बाज़ारीकरण का बढ़ता प्रभाव II. प्रकृति की उपेक्षा III. भावी पीढ़ी का भय

()केवल III सही है।
()केवल II सही है।
()I और III सही हैं।
()I और II सही हैं।
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2 marksVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ एवं उद्देश्य

'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसे साथ लेकर जाने का क्या कारण था?

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2 marksVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)पर्यावरण संरक्षण के उपाय

कविता जिन खतरों की ओर इशारा कर रही है उनसे बचने के दो प्रभावी उपाय लिखिए।

Section खंड ख

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1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाक्य भेद - मिश्र वाक्य की पहचान

वे जब उनका ज़िक्र करते हैं तब उसी नैसर्गिक आनंद में आँखें चमक उठती हैं। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए)

14
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाक्य रूपांतरण - सरल से मिश्र वाक्य

पान वाले के खुद के मुँह में पान ठूँसा हुआ था। (मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)

15
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाक्य रूपांतरण - संयुक्त से सरल वाक्य

पान वाले के लिए यह एक मज़ेदार बात थी लेकिन हालदार साहब के लिए चकित करने वाली। (सरल वाक्य में बदलकर लिखिए)

16
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाक्य रूपांतरण - सरल से संयुक्त वाक्य

आषाढ़ की रिमझिम है। समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा। (संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)

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1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)आश्रित उपवाक्य और उसका भेद

जब उत्साह कविता लिखी गई तब देश आज़ाद नहीं था। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद पहचान कर लिखिए)

18
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाच्य परिवर्तन - कर्मवाच्य

सभी बच्चों ने पाठ पढ़ा। (कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए)

19
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाच्य की पहचान

नागार्जुन ने बच्चे की मुस्कान पर कविता लिखी। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

20
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाच्य परिवर्तन (भाववाच्य से कर्तृवाच्य)

वृद्धा से चला नहीं जा रहा था। (कर्तृवाच्य में बदलकर लिखिए)

21
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाच्य परिवर्तन (कर्तृवाच्य से भाववाच्य)

तुम जा नहीं सकते। (भाववाच्य में बदलकर लिखिए)

22
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)वाच्य की पहचान

आपके द्वारा अपनी सफलता का उल्लेख नहीं किया गया। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

23
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)पद-परिचय (सर्वनाम)

बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में धान रोप रहे थे। (रेखांकित पद 'अपने' का पद-परिचय लिखिए)

24
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)पद-परिचय (क्रिया-विशेषण)

मेरी गणित की किताब उधर रखी है। (रेखांकित पद 'उधर' का पद-परिचय लिखिए)

25
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)पद-परिचय — सर्वनाम

वह आँखों-ही-आँखों में हँसा। (रेखांकित पद 'वह' का पद-परिचय लिखिए)

26
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)पद-परिचय — संज्ञा

उत्तराखंड में आए दिन भूस्खलन की घटनाएँ हो रही हैं। (रेखांकित पद 'घटनाएँ' का पद-परिचय लिखिए)

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1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)पद-परिचय — विस्मयादिबोधक अव्यय

हे भगवान ! यह कैसी खबर आई? (रेखांकित पद 'हे भगवान' का पद-परिचय लिखिए)

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1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)अलंकार — रूपक अलंकार

गोपी पद-पंकज पावन कि रज जामे सिर भीजे – पंक्ति में रेखांकित अंश के अलंकार का भेद लिखिए।

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1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)अलंकार — मानवीकरण अलंकार

आँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाए – पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

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1 markVery Short Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)अलंकार — अतिशयोक्ति अलंकार

तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान मृतक में भी डाल देगी जान उपरोक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?

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1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)उपमा अलंकार

'उपमा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।

32
1 markVery Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)उत्प्रेक्षा अलंकार

'उत्प्रेक्षा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।

Section खंड ग

33
Short Answerअपठित बोध (काव्यांश)अपठित गद्यांश — उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ की सरलता एवं विनम्रता

किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, ''बाबा ! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमद न पहना करें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमद में सबसे मिलते हैं।'' खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, ''धत्! पगली ई भारतरत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनाई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शों। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।''

34
1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)अपठित गद्यांश आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न — शिष्या का व्यवहार

शिष्या द्वारा बिस्मिल्ला खाँ को टोकने के पीछे कौन-से कारण थे? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. शिष्या को फटी तहमद के कारण शर्म आ रही थी। II. शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित थी। III. खाँ साहब बनाव-शृंगार को विशेष महत्त्व नहीं देते थे। IV. शिष्या खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव रखती थी।

()कथन I और III सही हैं।
()कथन I और IV सही हैं।
()कथन II और IV सही हैं।
()कथन II और III सही हैं।
35
1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)अपठित गद्यांश आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न — संबोधन में निहित भाव

बिस्मिल्ला खाँ द्वारा अपनी शिष्या को 'धत्! पगली' कहकर संबोधित करने में कौन-सा भाव प्रकट होता है?

()हास का
()स्नेह का
()क्रोध का
()उपहास का
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1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)अपठित गद्यांश आधारित कथन-कारण (Assertion-Reason) प्रश्न

निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : बिस्मिल्ला खाँ ईश्वर से सच्चे सुरों की प्रार्थना करते थे। कारण : भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के कारण वे अधिक विनम्र हो गए थे।

()कथन सही है परंतु कारण गलत है।
()कथन और कारण दोनों गलत हैं।
()कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
()कथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
37
1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)खाँ साहब (बिस्मिल्ला खाँ) की विशेषताएँ

इस गद्यांश के आधार पर खाँ साहब की विशेषताएँ हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. परिश्रमी II. प्रतिभावान III. सरल

()I, II और III तीनों
()I और II दोनों
()II और III दोनों
()I और III दोनों
38
1 markMCQअपठित बोध (काव्यांश)बिस्मिल्ला खाँ की प्रार्थना का आशय

'मालिक फटा सुर न बख्शों' का क्या आशय है?

()ईश्वर उनके वादन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे।
()ईश्वर उनके गायन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे।
()ईश्वर की अनुकंपा सदैव बनी रही।
()ईश्वर किसी को बेसुरा न बनाए।
39
2 marksShort Answerअपठित बोध (काव्यांश)नेताजी की मूर्ति पर असली चश्मे का महत्व

'नेताजी का चश्मा' पाठ में नेताजी की मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना बड़ी बात नहीं थी, बड़ी बात तो असली चश्मे की मौजूदगी थी। क्यों? उपयुक्त तर्कों के आधार पर उत्तर लिखिए।

40
2 marksShort Answerअपठित बोध (काव्यांश)बालगोबिन भगत के बेटे का चरित्र-चित्रण

बालगोबिन भगत का बेटा सामान्य बच्चों से अलग कैसे था? वे उसके साथ किस प्रकार का बर्ताव करते थे?

42
2 marksShort Answerअपठित बोध (काव्यांश)मन्नू भंडारी पर पिता के प्रभाव के पहलू

'एक कहानी यह भी' पाठ में मन्नू भंडारी ने स्वयं पर अपने पिता के प्रभाव को स्वीकारा है। उनके व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए जो पिता के प्रभाव को दर्शाते हों।

43
Short Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)सूरदास के पद — भ्रमरगीत

ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी। प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। 'सूरदास' अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी।।

44
1 markMCQयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)सूरदास के पद — भ्रमरगीत

'ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।' पंक्ति के द्वारा क्या स्पष्ट होता है?

()श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा।
()उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा।
()गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं।
()तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता।
45
1 markMCQयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)सूरदास के पद — भ्रमरगीत

कृष्ण-प्रेम में डूबी गोपियों की तुलना किससे की गई है? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. कमल के पत्ते से II. जल में पड़े तेल चुपड़े घड़े से III. गुड़ से चिपटी चींटियों से

()केवल III सही है।
()केवल I सही है।
()I और III दोनों सही हैं।
()II और III दोनों सही हैं।
46
1 markMCQयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)सूरदास के काव्य की विशेषताएँ

प्रस्तुत पद के आधार पर सूरदास के काव्य के बारे में कहा जा सकता है। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. सहज उपमाओं द्वारा गूढ़ भाव व्यक्त किए गए हैं। II. उनके काव्य में केवल दार्शनिक चिंतन है। III. उनका काव्य बहुत अधिक अलंकृत और सजावटी है। IV. योग साधना से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्त्व दिया गया है।

()I और II सही हैं।
()III और IV सही हैं।
()II और III सही हैं।
()I और IV सही हैं।
47
1 markMCQयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)सूरदास के पद — भ्रमरगीत

निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : गोपियाँ उद्धव को 'बड़भागी' कहते हुए वास्तव में 'भाग्यहीन' बता रही हैं। कारण : वे योग का संदेश लेकर आए हैं।

()कथन सही है परंतु कारण गलत है।
()कथन और कारण दोनों गलत हैं।
()कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
()कारण और कथन दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
48
1 markMCQयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)सूरदास के पद — भ्रमरगीत

'प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी।' पंक्ति किसके संबंध में कही गई है तथा इसका क्या आशय है?

()उद्धव के संबंध में — वे प्रेम-भावना में तनिक भी सम्मिलित नहीं हुए और कृष्ण के सौंदर्य से उनकी दृष्टि प्रभावित नहीं हुई।
()गोपियों के संबंध में — वे प्रेम रूपी नदी में पूर्णतः डूबी हुई हैं।
()श्रीकृष्ण के संबंध में — वे प्रेम रूपी नदी के समान अथाह हैं।
()सूरदास के संबंध में — वे स्वयं भक्ति-रस में डूबे हुए कवि हैं।
49
2 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद — जनक की सभा का दृश्य

परशुराम के आगमन के पश्चात् राजा जनक की सभा का दृश्य 'राम-लक्ष्मण-परशुराम' संवाद के आधार पर अपने शब्दों में वर्णित कीजिए।

50
2 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)संगतकार — कर्त्तव्य बनाम मनुष्यता

'संगतकार' कविता में कवि जिसे संगतकार की मनुष्यता बता रहा है वह वास्तव में उसका कर्त्तव्य ही है। इस कथन के पक्ष में उचित तर्कों को प्रस्तुत कीजिए।

51
2 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)यह दंतुरित मुस्कान — बांस/बबूल का प्रतीक

'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में बाँस या बबूल की संज्ञा से किसे संबोधित किया गया है और क्यों?

52
2 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)उत्साह — बादल का प्रतीकात्मक महत्व

'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति 'बादल' के सहारे क्यों की गई है?

53
4 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)माता का अँचल — भोलानाथ और पिता का जीवन-प्रसंग

'प्रयास करने पर पुरुष भी बच्चों का पालन-पोषण भली-भाँति कर सकते हैं।' 'माता का अँचल' पाठ में वर्णित भोलानाथ और उसके पिता के जीवन-प्रसंगों से दो उदाहरण लेते हुए इस कथन के पक्ष में उचित तर्क प्रस्तुत कीजिए।

54
4 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)साना-साना हाथ जोड़ि — लायुंग का आकर्षण और पर्यटन स्थल की विशेषताएँ

'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ की लेखिका को 'लायुंग' किन कारणों से अधिक पसंद आया? आपके विचार से किसी पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध और दर्शनीय बनाने वाले बिंदु कौन-से होते हैं?

55
4 marksShort Answerयह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)मैं क्यों लिखता हूँ - लेखकीय प्रेरणा

क्या किसी एक लेखक के लिए जो बातें प्रेरणास्रोत हैं वे अन्य लेखक को भी प्रेरित कर सकती हैं? सहमति या असहमति को उचित तर्कों एवं उदाहरणों द्वारा 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के संदर्भ में लिखिए।

Section खंड घ

56
6 marksEssayअपठित बोध (काव्यांश)यात्राएँ हमें बेहतर मनुष्य बनाती हैं - निबंध लेखन

यात्राएँ हमें बेहतर मनुष्य बनाती हैं संकेत बिंदु – • सांस्कृतिक, भौगोलिक जानकारी • भिन्न परिवेश और मान्यताएँ • अनुभव की व्यापकता

57
6 marksEssayअपठित बोध (काव्यांश)उत्तम स्वास्थ्य: सबसे बड़ा धन - निबंध लेखन

उत्तम स्वास्थ्य : सबसे बड़ा धन संकेत बिंदु – • स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन/विचार • स्वस्थ तन-मन से ही सभी कार्य संभव • स्वास्थ्य-रक्षा के लिए आवश्यक कदम

58
6 marksEssayअपठित बोध (काव्यांश)जब मैंने बैंक में बचत खाता खुलवाया - निबंध लेखन

जब मैंने बैंक में बचत खाता खुलवाया संकेत बिंदु – • खाता खुलवाने की प्रक्रिया की जानकारी • आवश्यक दस्तावेज़ों सहित बैंक जाना • खाता खुलवाना और प्रसन्नता का अनुभव

59
5 marksLong Answerअपठित बोध (काव्यांश)पत्र लेखन - संपादक को पत्र

आप कवीश/काव्या हैं। आपने अपने मुहल्ले में 'कचरा पृथक्करण' (वेस्ट सेग्रीगेशन) के अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया है। इसकी जानकारी देते हुए दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।

60
5 marksLong Answerअपठित बोध (काव्यांश)पत्र लेखन - मित्र को पत्र

अथवा आप कवीश/काव्या हैं। एक सप्ताह के लिए आपके माता-पिता को अचानक दूसरे शहर में जाना पड़ा। उनके पीछे से आपने घर का प्रबंधन कैसे सँभाला। इस अनुभव की विस्तृत जानकारी देते हुए अपने प्रिय मित्र को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।

61
5 marksLong Answerअपठित बोध (काव्यांश)ई-मेल लेखन — नगर निगम अध्यक्ष को शिकायती ई-मेल

आप जयपुर शहर के निवासी अमन/रोमा हैं। शहर में आए दिन होने वाली बारिश की वजह से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए नगर निगम अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए, जिसमें शीघ्रातिशीघ्र समस्याओं के समाधान का आग्रह भी किया गया हो।

62
5 marksLong Answerलेखन कौशल — स्ववृत्त लेखन (Resume Writing)स्ववृत्त लेखन (Resume) — इंटर्नशिप हेतु आवेदन

अथवा आपका नाम हुमा/फरहान है। आप अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की पढ़ाई एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कर रहे हैं। इसी दौरान एक प्रमुख प्रकाशन संस्थान में इंटर्नशिप की जानकारी आपको मिली है। इंटर्नशिप के लिए आवेदन हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए।

63
4 marksLong Answerअपठित बोध (काव्यांश)विज्ञापन लेखन — डेयरी उत्पाद कंपनी 'एकम'

आपने अपने पिता के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादों (डेयरी प्रोडक्ट्स) की एक कंपनी 'एकम' शुरू की है। उसके प्रचार-प्रसार हेतु लगभग 40 शब्दों में उसका एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।

64
4 marksLong Answerअपठित बोध (काव्यांश)बधाई संदेश लेखन — बहन को गीत की सफलता पर

अथवा आपकी बड़ी बहन का लिखा गीत– 'मेरे देश की मिट्टी' प्रसिद्ध हो गया। लगभग 40 शब्दों में उनको एक बधाई संदेश लिखिए।

Frequently Asked Questions

How many questions are in the CBSE Class 10 Hindi Course A 2026 paper?

The CBSE Class 10 Hindi Course A 2026 question paper has 64 questions carrying a total of 80 marks.

What is the maximum marks for CBSE Class 10 Hindi Course A 2026?

The maximum marks for the CBSE Class 10 Hindi Course A 2026 exam is 80.

How long is the CBSE Class 10 Hindi Course A 2026 exam?

The CBSE Class 10 Hindi Course A 2026 exam duration is 180 minutes (3 hours).

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