Question 441 markMCQSection खंड ग

'ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।' पंक्ति के द्वारा क्या स्पष्ट होता है?

यह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)
सूरदास के पद — भ्रमरगीत

Options

(क)श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा।
(ख)उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा।
(ग)गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं।
(घ)तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता।

Official answer

सही विकल्प (ख) — उद्धव का मन प्रेम से अछूता (निर्लिप्त) रहा, यह इस उपमा का भावगत आशय है।

Answer keywords:उद्धवतेल की गागरनिर्लिप्तताअछूता मनव्यंग्य

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: सही विकल्प (ख) के चयन हेतु।

Hint

याद रखें कि यह संपूर्ण पद उद्धव को संबोधित है, न कि कृष्ण या गोपियों को।

Quick oral answer

इस पंक्ति से स्पष्ट होता है कि उद्धव का मन कृष्ण-प्रेम से पूर्णतः अछूता और निर्लिप्त रहा, ठीक जैसे तेल भरे घड़े पर पानी की बूँद नहीं ठहरती।

Common mistakes

  1. 1.पंक्ति को शाब्दिक अर्थ (विकल्प घ) में समझ लेना और भावार्थ न पकड़ पाना।
  2. 2.उपमा को गोपियों या कृष्ण से जोड़ देना जबकि यह उद्धव के लिए प्रयुक्त है।

Analysis and explanation

यह प्रश्न जल में डूबी तेल की गागर वाली उपमा का सही आशय पहचानने पर आधारित है।


संकल्पना

  • पूरा पद उद्धव को संबोधित है ('ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी'); तेल-घट की उपमा उद्धव की निर्लिप्तता को दर्शाती है।

मुख्य बिंदु

  • जैसे तेल-घट पर जल की बूँद नहीं ठहरती, वैसे ही कृष्ण के निकट रहकर भी उद्धव का मन प्रेम-भावना से अछूता रहा।

परीक्षा में सावधानी

  • यह पंक्ति कृष्ण के लिए नहीं (विकल्प क गलत) और न गोपियों के लिए है (विकल्प ग गलत, क्योंकि वे तो प्रेम में डूबी हैं) — केवल उद्धव की निर्लिप्तता का प्रतीकात्मक अर्थ ही सही उत्तर है, शाब्दिक अर्थ (विकल्प घ) नहीं।

Interesting facts

यह उपमा (तेल-घट) लोक-जीवन से ली गई है — सूरदास की काव्य-शैली की विशेषता यही है कि वे जटिल भावों को अत्यंत सरल, दैनिक जीवन की उपमाओं से व्यक्त करते हैं।

Question details

Q44 of 64 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course A
Year
2026
Section
Section खंड ग
Marks
1
Type
MCQ
Chapter
यह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)
Topic
सूरदास के पद — भ्रमरगीत
Bloom's level
understand
Syllabus topic
काव्य खंड: 'पद' (सूरदास) — उद्धव के निर्लिप्त स्वभाव का चित्रण
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

यह पंक्ति किसके लिए कही गई है?

यह पंक्ति उद्धव के लिए कही गई है, यह दर्शाने हेतु कि कृष्ण के निकट रहकर भी उनका मन प्रेम से अछूता रहा।