Question 522 marksShort AnswerSection खंड ग

'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति 'बादल' के सहारे क्यों की गई है?

यह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)
उत्साह — बादल का प्रतीकात्मक महत्व

Official answer

'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव क्रांति, नवीन ऊर्जा व परिवर्तन का आह्वान है। कवि सुमित्रानंदन पंत बादल को गरजने-बरसने के लिए पुकारते हैं, क्योंकि बादल की गर्जना, बिजली व वर्षा प्रकृति में परिवर्तन लाने वाली सबसे प्रभावी शक्तियाँ हैं, जो सूखी धरती को नवजीवन देती हैं — ठीक वैसे ही जैसे कवि समाज में रूढ़िवादिता व निराशा को समाप्त कर नई चेतना का संचार चाहते हैं।

Answer keywords:उत्साहसुमित्रानंदन पंतबादलक्रांतिनवजीवनप्रतीकऊर्जा

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: कविता के केन्द्रीय भाव (क्रांति, नवीन ऊर्जा, परिवर्तन का आह्वान) का सही उल्लेख।
  2. 2.1 अंक: बादल को माध्यम बनाने का उपयुक्त कारण — बादल परिवर्तन, ऊर्जा और नवजीवन का स्वाभाविक प्रतीक है।

Hint

बादल की गर्जना, बिजली और वर्षा को क्रमशः क्रांति के आह्वान, नई चेतना और नवजीवन के प्रतीक के रूप में जोड़कर लिखें।

Quick oral answer

'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव क्रांति और नवजीवन है, और बादल इसलिए चुना गया क्योंकि वह अपनी गर्जना, बिजली व वर्षा से परिवर्तन व ऊर्जा का सबसे शक्त प्रतीक है।

Common mistakes

  1. 1.कविता को केवल प्रकृति-वर्णन मानकर उसके प्रतीकात्मक/क्रांतिकारी अर्थ को न बताना।
  2. 2.'क्यों बादल' वाले भाग का उत्तर छोड़ देना या अधूरा लिखना।

Analysis and explanation

यह प्रश्न सुमित्रानंदन पंत रचित कविता 'उत्साह' (क्षितिज भाग 2) पर आधारित है, जो छायावादोत्तर काल की प्रतीकात्मक रचना है।


अवधारणा

  • बादल केवल प्राकृतिक तत्व न होकर क्रांति, परिवर्तन व नवचेतना का प्रतीक है।

परीक्षा में सावधानी

  • विद्यार्थी प्रायः कविता को केवल प्रकृति-चित्रण मानकर उत्तर देते हैं और इसके प्रतीकात्मक/सामाजिक अर्थ को अनदेखा कर देते हैं, जिससे 'क्यों बादल' वाले भाग के अंक कटते हैं।
  • यह दर्शाना आवश्यक है कि बादल की गतिशीलता, गर्जन व वर्षा — क्रांति, ऊर्जा व नवजीवन के प्रतीक के रूप में उपयुक्त हैं क्योंकि वे प्रकृति की सबसे शक्तिशाली परिवर्तनकारी शक्ति हैं।

वास्तविक जीवन

  • यह कविता सिखाती है कि सामाजिक परिवर्तन के लिए उत्साह व ऊर्जा आवश्यक है, जैसे बादल की वर्षा सूखी भूमि को पुनर्जीवित करती है।

Interesting facts

सुमित्रानंदन पंत को छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में गिना जाता है और उन्हें 1968 में भारत के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान 'ज्ञानपीठ पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।

'उत्साह' कविता में बादल को 'क्रांतिकारी' और 'विप्लव के अग्रदूत' के रूप में चित्रित किया गया है, जो कवि के प्रगतिशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।

Question details

Q52 of 64 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course A
Year
2026
Section
Section खंड ग
Marks
2
Type
Short Answer
Chapter
यह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)
Topic
उत्साह — बादल का प्रतीकात्मक महत्व
Bloom's level
understand
Syllabus topic
क्षितिज भाग 2: काव्य खंड — 'उत्साह' (सुमित्रानंदन पंत)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

'उत्साह' कविता में बादल किसका प्रतीक है?

बादल क्रांति, नवीन ऊर्जा और परिवर्तन का प्रतीक है।

कवि बादल से क्या आह्वान करते हैं?

कवि बादल से गरजने, बरसने और नवजीवन का संचार करने का आह्वान करते हैं ताकि समाज में नई ऊर्जा और उमंग भर जाए।