'मालिक फटा सुर न बख्शों' का क्या आशय है?
'मालिक फटा सुर न बख्शों' का क्या आशय है?
Options
Official answer
क - ईश्वर उनके वादन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे। बिस्मिल्ला खाँ वादक थे, गायक नहीं; अतः 'मालिक फटा सुर न बख्शों' का आशय था कि ईश्वर उनकी शहनाई के वादन में कभी बेसुरापन न आने दे।
Marking scheme
- 1.1 अंक: सही विकल्प 'क' चुनने पर पूरा अंक।
- 2.'ख' चुनने पर अंक नहीं मिलेगा क्योंकि खाँ साहब गायक नहीं, वादक थे।
Hint
याद रखें कि बिस्मिल्ला खाँ शहनाई-वादक थे, गायक नहीं - इसी आधार पर 'वादन' और 'गायन' में अंतर करें।
Quick oral answer
इस पंक्ति का आशय है कि ईश्वर खाँ साहब के शहनाई-वादन को सदैव सुरीला बनाए रखे, कभी बेसुरा न होने दे - इसलिए सही उत्तर 'वादन' से संबंधित विकल्प 'क' है।
Common mistakes
- 1.'वादन' और 'गायन' शब्दों में अंतर न करते हुए जल्दबाज़ी में विकल्प 'ख' चुन लेना।
- 2.प्रार्थना का सामान्य अर्थ 'ईश्वर की कृपा बनी रहे' (विकल्प ग) मान लेना, जबकि यह विशेष रूप से सुर/वादन से संबंधित है।
Analysis and explanation
यह प्रश्न उस प्रसिद्ध प्रसंग पर आधारित है जहाँ बिस्मिल्ला खाँ रियाज़ के बाद ईश्वर से 'फटा सुर' न देने की प्रार्थना करते थे।
अवधारणा
- खाँ साहब शहनाई-वादक थे, गायक नहीं; अतः यह प्रार्थना उनके वादन (instrument-playing) से जुड़ी है, गायन से नहीं।
परीक्षा में सावधानी
- विकल्प 'क' (वादन) और 'ख' (गायन) शब्दशः एक जैसे दिखते हैं - यही सबसे बड़ा भ्रम पैदा करता है।
- विकल्प 'ग' भाव को अनावश्यक सामान्यीकृत करता है और 'घ' प्रार्थना को व्यक्तिगत के बजाय सार्वभौमिक बना देता है, जो प्रसंग से मेल नहीं खाता।
कुंजी
- हमेशा याद रखें: खाँ साहब का वाद्य-यंत्र शहनाई था, स्वर नहीं।
Interesting facts
बिस्मिल्ला खाँ प्रतिदिन रियाज़ से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर के नौबतखाने में जाकर यही प्रार्थना करते थे कि उनका सुर कभी बेसुरा न हो।
उनकी शहनाई की धुनें भारत की स्वतंत्रता के प्रथम स्वतंत्रता दिवस समारोह (15 अगस्त 1947, लाल किला) में भी बजाई गई थीं।
Question details
Q38 of 64 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 10
- Subject
- Hindi Course A
- Year
- 2026
- Section
- Section खंड ग
- Marks
- 1
- Type
- MCQ
- Chapter
- अपठित बोध (काव्यांश)
- Topic
- बिस्मिल्ला खाँ की प्रार्थना का आशय
- Bloom's level
- understand
- Syllabus topic
- गद्य खंड: नौबतखाने में इबादत — खाँ साहब की ईश्वर से प्रार्थना का भावार्थ
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
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Frequently asked questions
'फटा सुर' का शाब्दिक अर्थ क्या है?
'फटा सुर' का अर्थ है बेसुरा या बिगड़ा हुआ स्वर, जिसका खाँ साहब हमेशा से डरते थे।
विकल्प 'ख' गलत क्यों है जबकि वह लगभग सही जैसा दिखता है?
क्योंकि बिस्मिल्ला खाँ गायक नहीं बल्कि शहनाई-वादक थे, इसलिए प्रार्थना 'वादन' से संबंधित है, 'गायन' से नहीं।