गोपी पद-पंकज पावन कि रज जामे सिर भीजे – पंक्ति में रेखांकित अंश के अलंकार का भेद लिखिए।
गोपी पद-पंकज पावन कि रज जामे सिर भीजे – पंक्ति में रेखांकित अंश के अलंकार का भेद लिखिए।
रूपक अलंकार — यहाँ गोपी के चरणों (पद) पर बिना किसी वाचक शब्द के सीधे कमल (पंकज) का आरोप किया गया है, अतः उपमेय-उपमान में पूर्ण अभेद है।
Marking Scheme
- 11 अंक: 'रूपक अलंकार' सही नाम लिखने पर पूर्ण अंक; बिना कारण के भी सही नाम लिखने पर पूर्ण अंक दिया जा सकता है।
Hint
जहाँ उपमेय और उपमान में तुलनावाचक शब्द (जैसे, सा) के बिना ही पूर्ण अभेद (एकरूपता) दिखाई जाए, वहाँ रूपक अलंकार होता है।
Quick Oral Answer
यहाँ रूपक अलंकार है क्योंकि गोपी के चरणों (उपमेय) पर बिना किसी तुलनावाचक शब्द के सीधे कमल (उपमान) का आरोप किया गया है।
Analysis & Explanation
यह प्रश्न रूपक अलंकार की पहचान जाँचता है, जहाँ उपमेय पर उपमान का पूर्ण आरोप होता है।
अवधारणा
- 'पद-पंकज' में गोपी के चरणों (उपमेय) पर सीधे कमल (उपमान) का आरोप है, बिना किसी वाचक शब्द ('जैसे', 'सा') के।
मुख्य बिंदु
- उपमेय और उपमान में पूर्ण अभेद दिखाया गया है — यही रूपक अलंकार की मूल पहचान है।
परीक्षा में सावधानी
- रूपक को उपमा अलंकार से न मिलाएँ — उपमा में वाचक शब्द अनिवार्य होते हैं, रूपक में नहीं।
वास्तविक जीवन
- भक्ति काव्य (सूरदास, मीरा) में भाव की तीव्रता व्यक्त करने हेतु रूपक अलंकार का प्रचुर प्रयोग मिलता है।
Common Mistakes
- 1रूपक अलंकार को उपमा अलंकार समझ लेना, जबकि उपमा में वाचक शब्द (सा, जैसे) अनिवार्य होते हैं जो यहाँ अनुपस्थित हैं।
- 2'पद-पंकज' समास को न पहचानकर अलंकार की पहचान में चूक जाना।
Interesting Facts
रूपक अलंकार में उपमेय पर उपमान का इस प्रकार आरोप होता है कि दोनों में कोई भेद ही प्रतीत नहीं होता, जैसे 'चरण-कमल', 'मुख-चंद्र' आदि।
भक्तिकाल के कवियों (सूरदास, मीरा, तुलसीदास) ने कृष्ण व राम के अंग-वर्णन में रूपक अलंकार का अत्यधिक प्रयोग किया है।
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Frequently Asked Questions
रूपक अलंकार और उपमा अलंकार में क्या अंतर है?
उपमा में उपमेय और उपमान की तुलना 'जैसे', 'सा' जैसे वाचक शब्दों से की जाती है, जबकि रूपक में बिना वाचक शब्द के उपमेय पर उपमान का पूर्ण आरोप कर दिया जाता है।
'पद-पंकज' में रूपक अलंकार कैसे बनता है?
'पद' (चरण) को सीधे 'पंकज' (कमल) कहकर दोनों में अभेद स्थापित किया गया है, इसलिए यह रूपक अलंकार है।