Question 311 markVery Short AnswerSection खंड ख

'उपमा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।

अपठित बोध (काव्यांश)
उपमा अलंकार

Official answer

काव्य-पंक्ति: 'मुख बाल रवि सम लाल होई।' (गोस्वामी तुलसीदास, रामचरितमानस)

स्पष्टीकरण: यहाँ मुख (उपमेय) की तुलना बाल रवि (उपमान) से 'सम' (वाचक शब्द) द्वारा लाल होने के गुण (साधारण धर्म) के आधार पर की गई है, अतः यह उपमा अलंकार है।

Answer keywords:उपमा अलंकारउपमेयउपमानवाचक शब्दसाधारण धर्मसमसरिसकाव्य पंक्ति

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: सही एवं स्पष्ट उपमा अलंकार वाली काव्य-पंक्ति लिखने पर (उपमेय-उपमान-वाचक शब्द स्पष्ट हों)।
  2. 2.यदि विद्यार्थी अपनी रचित सही पंक्ति भी लिखे (जिसमें वाचक शब्द सही प्रयुक्त हो), तो पूर्ण अंक दिए जाएँ।

Hint

'सम', 'सा', 'सी', 'सरिस' जैसे वाचक शब्द वाली पंक्ति खोजें — जहाँ दो वस्तुओं की सीधी तुलना हो।

Quick oral answer

उपमा अलंकार में दो भिन्न वस्तुओं की तुलना 'सम', 'सा', 'सरिस' जैसे वाचक शब्दों से की जाती है, जैसे 'मुख बाल रवि सम लाल होई।'

Common mistakes

  1. 1.उत्प्रेक्षा (मनो/जनु/मानो) और उपमा (सम/सा/सरिस) के वाचक शब्दों में भ्रमित होना।
  2. 2.पंक्ति में केवल तुलना बताना पर वाचक शब्द स्पष्ट रूप से चिह्नित न करना।
  3. 3.स्वरचित उदाहरण में उपमेय या उपमान स्पष्ट न रखना।

Analysis and explanation

उपमा अलंकार में उपमेय की तुलना किसी वाचक शब्द (सम/सा/सी/सरिस) द्वारा समान गुण के आधार पर उपमान से की जाती है।


संकल्पना

  • उपमा के चार अनिवार्य अंग होते हैं — उपमेय (जिसकी तुलना की जाए), उपमान (जिससे तुलना की जाए), वाचक शब्द (तुलना-सूचक शब्द: सम/सा/सी/सरिस/तुल्य) और साधारण धर्म (समान गुण)।
  • चारों अंगों की स्पष्ट पहचान होने पर ही अलंकार 'पूर्णोपमा' कहलाता है।

परीक्षा में सावधानी

  • केवल परिभाषा रटने से अंक नहीं मिलते; उदाहरण में वाचक शब्द (सम/सा/सरिस) स्पष्ट रूप से रेखांकित करना आवश्यक है।
  • वाचक शब्द के अभाव में या 'मनो/जनु' जैसे संभावना-सूचक शब्द आने पर अलंकार उत्प्रेक्षा में बदल जाता है — इसलिए भ्रम से बचें।

वास्तविक जीवन

  • दैनिक बोलचाल में 'वह शेर जैसा बहादुर है' कहना भी उपमा अलंकार का ही प्रयोग है, जो भाषा को प्रभावशाली बनाता है।

Interesting facts

उपमा अलंकार को अलंकार-शास्त्र में 'सर्वाधिक प्रयुक्त' अलंकार माना गया है क्योंकि यह सामान्य बोलचाल में भी स्वाभाविक रूप से आता है।

आचार्य दंडी ने उपमा को 'अलंकारों का मूल' कहा है, क्योंकि अधिकांश अन्य अलंकार (रूपक, उत्प्रेक्षा आदि) उपमा से ही विकसित माने जाते हैं।

Question details

Q31 of 64 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course A
Year
2026
Section
Section खंड ख
Marks
1
Type
Very Short Answer
Chapter
अपठित बोध (काव्यांश)
Topic
उपमा अलंकार
Bloom's level
apply
Syllabus topic
व्याकरण: अलंकार — उपमा अलंकार (उपमेय, उपमान, वाचक शब्द, साधारण धर्म)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

उपमा अलंकार के चार अंग कौन-से हैं?

उपमेय, उपमान, वाचक शब्द और साधारण धर्म — ये उपमा अलंकार के चार अनिवार्य अंग हैं।

उपमा और उत्प्रेक्षा में क्या अंतर है?

उपमा में 'सम/सा/सरिस' जैसे वाचक शब्द होते हैं जबकि उत्प्रेक्षा में 'मनो/जनु/मानो' जैसे संभावना-सूचक शब्दों से उपमेय में उपमान की कल्पना/सम्भावना व्यक्त की जाती है।