वह आँखों-ही-आँखों में हँसा।
(रेखांकित पद 'वह' का पद-परिचय लिखिए)
वह आँखों-ही-आँखों में हँसा।
(रेखांकित पद 'वह' का पद-परिचय लिखिए)
'वह' — सर्वनाम, पुरुषवाचक सर्वनाम (अन्य पुरुष), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक — क्योंकि यह क्रिया 'हँसा' का कर्ता है।
Marking Scheme
- 11 अंक: सर्वनाम, पुरुषवाचक सर्वनाम (अन्य पुरुष), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक — सभी बिंदुओं का उल्लेख होने पर पूर्ण अंक; केवल 'सर्वनाम' लिखने पर आंशिक अंक।
Hint
पद-परिचय में सदैव पाँच बातें बताएँ — शब्द भेद, उपभेद, लिंग, वचन और कारक।
Quick Oral Answer
'वह' एक पुरुषवाचक सर्वनाम है, जो अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन में है और वाक्य में कर्ता कारक की भूमिका निभाता है।
Analysis & Explanation
'वह' का पद-परिचय सर्वनाम के सभी व्याकरणिक बिंदुओं की पहचान माँगता है।
अवधारणा
- 'वह' किसी संज्ञा (व्यक्ति) के स्थान पर प्रयुक्त है, अतः यह सर्वनाम है।
- यह न वक्ता (उत्तम पुरुष) है, न श्रोता (मध्यम पुरुष), बल्कि किसी तीसरे व्यक्ति का बोध कराता है — इसलिए अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम।
मुख्य बिंदु
- लिंग-वचन क्रिया 'हँसा' से तय होते हैं: पुल्लिंग, एकवचन।
- 'हँसा' क्रिया का कर्ता होने से कारक: कर्ता कारक।
परीक्षा में सावधानी
- केवल 'सर्वनाम' लिखकर रुकना भूल है; उपभेद, लिंग, वचन, कारक — सभी अंश लिखने पर ही पूर्ण अंक मिलता है।
वास्तविक जीवन
- ऐसी पहचान वाक्य-शुद्धता और स्पष्ट लेखन के लिए आवश्यक है।
Common Mistakes
- 1केवल 'सर्वनाम' लिखकर रुक जाना, उपभेद (पुरुषवाचक/अन्य पुरुष) न बताना।
- 2लिंग व वचन का उल्लेख भूल जाना, जबकि पूर्ण अंक के लिए यह अनिवार्य है।
- 3कारक बताना भूल जाना कि 'वह' कर्ता कारक में है।
Interesting Facts
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के छह भेद माने जाते हैं — पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक।
पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन उपभेद होते हैं — उत्तम पुरुष (मैं), मध्यम पुरुष (तुम), अन्य पुरुष (वह/वे)।
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Frequently Asked Questions
पद-परिचय में क्या-क्या बताना आवश्यक है?
शब्द भेद, उपभेद, लिंग, वचन और वाक्य में कारक अथवा व्याकरणिक भूमिका — इन सभी का उल्लेख आवश्यक है।
'वह' सर्वनाम अन्य पुरुष क्यों है?
क्योंकि यह न बोलने वाले (उत्तम पुरुष) को इंगित करता है और न सुनने वाले (मध्यम पुरुष) को, बल्कि किसी तीसरे, अनुपस्थित व्यक्ति की ओर संकेत करता है।