गद्यांश के आधार पर लगातार दूसरों से की जा रही प्रतिस्पर्धा की हानि/हानियाँ है/हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
I. शारीरिक थकान
II. आत्मा की थकान
III. सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि
IV. आर्थिक नुकसान
गद्यांश के आधार पर लगातार दूसरों से की जा रही प्रतिस्पर्धा की हानि/हानियाँ है/हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
I. शारीरिक थकान
II. आत्मा की थकान
III. सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि
IV. आर्थिक नुकसान
Options
क — I और II दोनों; गद्यांश स्पष्ट करता है कि निरंतर प्रतिस्पर्धा से शारीरिक थकान के साथ-साथ आत्मा/मानसिक थकान भी होती है।
Marking Scheme
- 11 अंक: सही विकल्प 'क' (I और II दोनों) चुनने पर पूरा अंक।
Hint
गद्यांश में सीधे उल्लिखित 'शरीर की थकान' और 'आत्मा की थकान' वाली पंक्ति खोजें।
Quick Oral Answer
गद्यांश के अनुसार निरंतर प्रतिस्पर्धा से शारीरिक थकान के साथ-साथ आत्मा/मन की थकान भी होती है, इसलिए सही विकल्प 'क' है।
Analysis & Explanation
गद्यांश की पंक्ति से स्पष्ट होता है कि निरंतर प्रतिस्पर्धा से शारीरिक और आत्मिक दोनों प्रकार की थकान होती है।
कारण/तर्क
- 'यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं है, आत्मा की थकान भी है...' — यह पंक्ति I और II दोनों की पुष्टि करती है।
- गद्यांश में सामाजिक प्रतिष्ठा (III) या आर्थिक नुकसान (IV) का कोई उल्लेख नहीं है।
परीक्षा में सावधानी
- विकल्पों में से केवल गद्यांश-आधारित बिंदुओं (I, II) का ही चयन करें; बाहरी सामान्य ज्ञान न जोड़ें।
Common Mistakes
- 1गद्यांश में न वर्णित बिंदुओं (सामाजिक प्रतिष्ठा, आर्थिक नुकसान) को सही मानकर गलत विकल्प चुनना।
- 2गद्यांश को बिना पढ़े केवल सामान्य ज्ञान के आधार पर उत्तर देना।
Interesting Facts
CBSE के गद्यांश आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों में उत्तर हमेशा गद्यांश की मूल पंक्तियों में ही निहित होता है, बाहरी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती।
'Rat race' (प्रतिस्पर्धा की दौड़) की अवधारणा पर वैश्विक मनोविज्ञान अध्ययनों में भी शारीरिक व मानसिक थकान दोनों को दर्ज किया गया है।
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us — we fix reported answers fast.
Frequently Asked Questions
गद्यांश में शारीरिक और आत्मिक थकान का उल्लेख कहाँ है?
गद्यांश की पंक्ति 'यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं है, आत्मा की थकान भी है' में दोनों का स्पष्ट उल्लेख है।