आप जयपुर शहर के निवासी अमन/रोमा हैं। शहर में आए दिन होने वाली बारिश की वजह से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए नगर निगम अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए, जिसमें शीघ्रातिशीघ्र समस्याओं के समाधान का आग्रह भी किया गया हो।
आप जयपुर शहर के निवासी अमन/रोमा हैं। शहर में आए दिन होने वाली बारिश की वजह से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए नगर निगम अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए, जिसमें शीघ्रातिशीघ्र समस्याओं के समाधान का आग्रह भी किया गया हो।
Official answer
प्रति: mayor.jaipur@municipalcorp.gov.in
विषय: जयपुर शहर में वर्षा से उत्पन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु निवेदन
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं अमन/रोमा, जयपुर शहर का निवासी/निवासिनी हूँ। मैं आपका ध्यान इस ओर आकृष्ट कराना चाहता/चाहती हूँ कि शहर में जब भी बारिश होती है, कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। सड़कों पर घंटों जलभराव रहता है, गड्ढों में गंदा पानी भर जाने से आवागमन कठिन हो जाता है, बिजली बार-बार गुल हो जाती है और जल-जमाव से मच्छर व बीमारियाँ फैलने का खतरा बना रहता है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि शीघ्रातिशीघ्र उचित जल निकासी व्यवस्था करवाई जाए तथा सड़कों की मरम्मत करवाकर नागरिकों को इस समस्या से राहत दिलाई जाए।
सधन्यवाद।
भवदीय,
अमन/रोमा, जयपुर
Marking scheme
- 1.1 अंक: सही प्रारूप — To, Subject-पंक्ति, संबोधन व समापन (भवदीय, नाम)।
- 2.2 अंक: समस्या का सजीव, स्पष्ट व ठोस वर्णन (कम से कम दो-तीन उदाहरण — जलभराव, टूटी सड़कें, बिजली गुल होना, बीमारी का खतरा आदि)।
- 3.1 अंक: विनम्र व स्पष्ट भाषा में समाधान हेतु आग्रह।
- 4.1 अंक: उचित भाषा-शैली एवं लगभग 80 शब्दों की शब्द-सीमा का पालन।
Hint
ई-मेल में To, Subject, संबोधन, समस्या का ठोस विवरण, विनम्र अनुरोध और समापन अवश्य शामिल करें; लगभग 80 शब्दों की सीमा का ध्यान रखें।
Quick oral answer
ई-मेल में सबसे पहले To व Subject लिखा जाता है, फिर संबोधन के बाद समस्या का स्पष्ट विवरण देकर विनम्रता से समाधान का अनुरोध किया जाता है और अंत में भवदीय लिखकर नाम दिया जाता है।
Common mistakes
- 1.Subject पंक्ति को छोड़ देना या अस्पष्ट/सामान्य लिखना (जैसे केवल 'समस्या' लिखना)।
- 2.समस्या का सामान्य विवरण देना, ठोस व वास्तविक उदाहरण (जलभराव, सड़क टूटना आदि) न देना।
- 3.शब्द-सीमा (लगभग 80 शब्द) से अधिक विस्तार में लिख देना या पत्र जैसा प्रारूप अपना लेना।
Analysis and explanation
यह प्रश्न औपचारिक ई-मेल लेखन (नई CBSE पाठ्यचर्या में पत्र-लेखन का स्थान लेने वाला कौशल) की परख करता है।
मुख्य अवधारणा
- ई-मेल में तीन बातें अनिवार्य हैं: सही प्रारूप (To, Subject, संबोधन, समापन), समस्या का ठोस वर्णन और विनम्र भाषा में समाधान का आग्रह।
- 'नगर निगम अध्यक्ष' को लिखा जाने वाला यह ई-मेल अर्ध-औपचारिक शासकीय पत्राचार की शैली में होना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- Subject line समस्या को एक पंक्ति में स्पष्ट करे।
- समस्या-वर्णन में कम-से-कम दो-तीन ठोस उदाहरण हों (जलभराव, टूटी सड़कें, बिजली गुल होना)।
- अंत में विनम्र किंतु दृढ़ स्वर में समाधान की माँग हो।
परीक्षा में सावधानी
- 'Subject' पंक्ति भूल जाना या सामान्य विवरण देकर ठोस उदाहरण न देना — दोनों में अंक कटते हैं।
- लगभग 80 शब्दों की सीमा का पालन आवश्यक है।
वास्तविक जीवन
- यह कौशल आगे चलकर प्रशासन/संस्थाओं को शिकायत-ई-मेल भेजने में सीधे काम आता है।
Interesting facts
CBSE ने सत्र 2023-24 से पाठ्यक्रम में औपचारिक पत्र-लेखन के स्थान पर ई-मेल लेखन को सम्मिलित किया, क्योंकि आजकल अधिकांश औपचारिक संवाद ई-मेल द्वारा ही होते हैं।
जयपुर नगर निगम प्रतिवर्ष मानसून में जल-भराव की शिकायतों के समाधान हेतु विशेष 'मानसून एक्शन प्लान' लागू करता है।
एक प्रभावी शिकायती ई-मेल में समस्या, उसका प्रभाव और स्पष्ट समाधान — तीनों बातें होना ज़रूरी माना जाता है।
Question details
Q61 of 64 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 10
- Subject
- Hindi Course A
- Year
- 2026
- Section
- Section खंड घ
- Marks
- 5
- Type
- Long Answer
- Chapter
- अपठित बोध (काव्यांश)
- Topic
- ई-मेल लेखन — नगर निगम अध्यक्ष को शिकायती ई-मेल
- Bloom's level
- create
- Syllabus topic
- खंड घ: लेखन कौशल — औपचारिक ई-मेल लेखन (शिकायती/निवेदन-पत्र)
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
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Frequently asked questions
ई-मेल लेखन में शब्द सीमा कितनी होनी चाहिए?
प्रश्न में निर्धारित लगभग 80 शब्दों की सीमा का पालन करना चाहिए; अधिक विस्तार से बचें।
क्या ई-मेल में Subject पंक्ति अनिवार्य है?
हाँ, Subject पंक्ति अनिवार्य है और इसके बिना पूर्ण अंक नहीं मिलते; यह ई-मेल का मुख्य बिंदु संक्षेप में दर्शाती है।
पारंपरिक पत्र और ई-मेल के प्रारूप में क्या अंतर है?
ई-मेल में दिनांक व पता ऊपर नहीं लिखा जाता; इसके स्थान पर 'To' व 'Subject' पंक्तियाँ होती हैं, शेष भाग (संबोधन, मुख्य विषय, समापन) पत्र जैसा ही रहता है।