क्या किसी एक लेखक के लिए जो बातें प्रेरणास्रोत हैं वे अन्य लेखक को भी प्रेरित कर सकती हैं? सहमति या असहमति को उचित तर्कों एवं उदाहरणों द्वारा 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
क्या किसी एक लेखक के लिए जो बातें प्रेरणास्रोत हैं वे अन्य लेखक को भी प्रेरित कर सकती हैं? सहमति या असहमति को उचित तर्कों एवं उदाहरणों द्वारा 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
हाँ, मैं इस बात से पूर्णतः सहमत हूँ कि एक लेखक की प्रेरणाएँ अन्य लेखकों को भी प्रेरित कर सकती हैं, क्योंकि सृजन के मूल स्रोत सार्वभौमिक होते हैं। अज्ञेय 'मैं क्यों लिखता हूँ' में बताते हैं कि वे एकांत-बोध, आत्माभिव्यक्ति की छटपटाहट, सत्य की खोज और पाठक से संप्रेषण की चाह के कारण लिखते हैं। ये तत्व मानव-स्वभाव की सार्वभौमिक विशेषताएँ हैं, इसलिए अन्य लेखकों में भी किसी-न-किसी रूप में पाई जाती हैं। जैसे प्रेमचंद सामाजिक विषमता उजागर करने के लिए लिखते थे और महादेवी वर्मा वेदना-करुणा की अभिव्यक्ति के लिए लिखती थीं, वैसे ही हर लेखक की बाहरी परिस्थितियाँ भिन्न होते हुए भी भीतरी प्रेरणा मूलतः एक समान रहती है - स्वयं को जानने और सत्य तक पहुँचने की आकांक्षा। इसलिए एक लेखक की प्रेरणा दूसरे लेखक को भी प्रेरित कर सकती है, भले ही उनकी अभिव्यक्ति-शैली अलग हो।
Marking Scheme
- 11 अंक: स्पष्ट पक्ष
- 21 अंक: अज्ञेय की प्रेरणाओं का उल्लेख
- 31 अंक: उदाहरण सहित समर्थन
- 41 अंक: भाषा स्पष्टता
Hint
अज्ञेय की तीन-चार प्रेरणाओं को सार्वभौमिक बताते हुए अन्य लेखक का उदाहरण दें।
Quick Oral Answer
जी हाँ, क्योंकि लेखन की मूल प्रेरणाएँ सार्वभौमिक हैं।
Analysis & Explanation
यह प्रश्न 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ की गहरी समझ और तार्किक विश्लेषण-क्षमता जाँचता है।
अवधारणा
- अज्ञेय के अनुसार लेखन एकांत-बोध, आत्मान्वेषण, सत्य की खोज और पाठक से संप्रेषण की आंतरिक आवश्यकता से जन्म लेता है।
- ये तत्व किसी एक लेखक तक सीमित नहीं, बल्कि सृजन के सार्वभौमिक स्रोत हैं।
मुख्य बिंदु
- पक्ष (सहमति/असहमति) स्पष्ट रूप से बताएँ।
- पाठ से दो-तीन ठोस प्रेरणा-बिंदु उद्धृत करें।
- यह दिखाएँ कि ये तत्व अन्य लेखकों (प्रेमचंद, महादेवी वर्मा) में भी किसी रूप में विद्यमान हैं।
परीक्षा में सावधानी
- केवल 'हाँ' या 'नहीं' लिखकर उत्तर समाप्त करना अंक कटवाता है।
- पाठ से ठोस उदाहरण न देना सबसे सामान्य त्रुटि है।
वास्तविक जीवन
- यह प्रश्न दर्शाता है कि रचनात्मकता की जड़ें सार्वभौमिक मानवीय अनुभवों में होती हैं, चाहे अभिव्यक्ति का माध्यम या शैली कुछ भी हो।
Common Mistakes
- 1पाठ आधार नहीं, सामान्य राय देना।
- 2सिर्फ एक बिंदु लिखना।
- 3उदाहरण न देना।
Interesting Facts
अज्ञेय को 1978 में ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला।
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us — we fix reported answers fast.
Frequently Asked Questions
लेखक कौन हैं?
अज्ञेय, ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता।