Question 461 markMCQSection ग

श्रीकृष्ण का सामीप्य पाने के लिए मीरा द्वारा कौन-सा कार्य नहीं किए जाने की बात कही गई ?

अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
मीराबाई का भक्ति पद - मीरा के कार्यों की पहचान

Options

(क)कृष्ण का गुणगान करते हुए धेनु चराना
(ख)कृष्ण की चाकरी करने को तैयार रहना
(ग)उनके लिए ऊँचे-ऊँचे महल बनवाना
(घ)उनके पसंदीदा वस्त्र धारण करना

Official answer

क) कृष्ण का गुणगान करते हुए धेनु चराना

"बिन्दरावन में धेनु चरावे, मोहन मुरली वाला" पंक्ति में धेनु चराने की क्रिया स्वयं श्रीकृष्ण (मोहन मुरली वाला) के लिए कही गई है, मीरा के किसी कार्य के रूप में नहीं।

Answer keywords:धेनु चरानामोहन मुरली वालाकर्ता-पहचानमीरा के कार्य

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: सही विकल्प (क) चुनने पर पूर्ण अंक।
  2. 2.आंशिक अंक की व्यवस्था नहीं - MCQ में या तो पूर्ण अंक या शून्य।

Hint

ध्यान दें कि 'धेनु चरावे' किसकी क्रिया है - कर्ता (मोहन मुरली वाला अर्थात् कृष्ण) पर ध्यान दें, मीरा पर नहीं।

Quick oral answer

धेनु चराने का कार्य श्रीकृष्ण (मोहन मुरली वाला) का बताया गया है, मीरा का नहीं; इसलिए यही वह कार्य है जो मीरा द्वारा नहीं किया जाना कहा गया है।

Common mistakes

  1. 1.'बिन्दरावन में धेनु चरावे' पंक्ति में कर्ता को मीरा समझ लेना, जबकि वास्तविक कर्ता श्रीकृष्ण (मोहन मुरली वाला) हैं।
  2. 2.काव्यांश में मीरा और कृष्ण के कार्यों को मिला-जुलाकर पढ़ने से भ्रम होना।

Analysis and explanation

काव्यांश की पंक्ति 'बिन्दरावन में धेनु चरावे, मोहन मुरली वाला' में गायों को चराने की क्रिया स्वयं श्रीकृष्ण (मोहन मुरली वाला) के लिए कही गई है, मीरा के लिए नहीं।


सही उत्तर का आधार

  • यह पंक्ति कृष्ण के रूप-वर्णन का हिस्सा है, न कि मीरा द्वारा किए जाने वाले किसी कार्य का वर्णन।
  • अतः 'कृष्ण का गुणगान करते हुए धेनु चराना' वह कार्य है जो मीरा द्वारा नहीं किया जाना कहा गया है।

शेष विकल्पों की पुष्टि (ये सब मीरा के कार्य हैं)

  • 'चाकर रहस्यूँ' पंक्ति से सिद्ध होता है कि मीरा स्वयं चाकरी करने को तैयार हैं।
  • 'ऊँचा ऊँचा महल बणावं' पंक्ति में मीरा स्वयं महल बनवाने की बात कहती हैं।
  • 'साँवरिया रा दरसण पास्यूँ पहर कुसुम्बी साड़ी' पंक्ति में मीरा स्वयं कुसुम्बी साड़ी पहनने की बात करती हैं।

परीक्षा में सावधानी

  • यह पहचानना आवश्यक है कि 'धेनु चराना' कृष्ण की क्रिया है, मीरा की नहीं।

Interesting facts

'धेनु चराना' श्रीकृष्ण की बाल्यावस्था और गोपाल रूप की एक प्रसिद्ध पौराणिक विशेषता है, जिसका उल्लेख अनेक भक्ति-काव्यों में मिलता है।

मीरा के पदों में प्रायः कृष्ण-रूप वर्णन और आत्म-समर्पण दोनों भाव एक साथ गुँथे होते हैं, जिससे कर्ता की पहचान सावधानी से करनी पड़ती है।

Question details

Q46 of 66 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course B
Year
2026
Section
Section ग
Marks
1
Type
MCQ
Chapter
अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
Topic
मीराबाई का भक्ति पद - मीरा के कार्यों की पहचान
Bloom's level
analyze
Syllabus topic
खंड ग: अपठित बोध - काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न 9(iii)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

'धेनु चरावे' किसके लिए कहा गया है?

यह क्रिया श्रीकृष्ण (मोहन मुरली वाला) के लिए कही गई है, मीरा के लिए नहीं।