श्रीकृष्ण की चाकरी में मीरा को जेब खर्च के रूप में क्या प्राप्त होगा ?
श्रीकृष्ण की चाकरी में मीरा को जेब खर्च के रूप में क्या प्राप्त होगा ?
Options
Official answer
ख) नाम-स्मरण
"चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची" पंक्ति से स्पष्ट है कि चाकरी के बदले 'दर्शन' मुख्य प्रतिफल है, जबकि जेब-खर्च (खरची) के रूप में मीरा को 'सुमरण' अर्थात् नाम-स्मरण प्राप्त होगा।
Marking scheme
- 1.1 अंक: सही विकल्प (ख) चुनने पर पूर्ण अंक।
- 2.आंशिक अंक की व्यवस्था नहीं - MCQ में या तो पूर्ण अंक या शून्य।
Hint
'सुमरण पास्यूँ खरची' पंक्ति को ध्यान से पढ़ें - 'खरची' शब्द के ठीक पहले क्या आया है, वही उत्तर है।
Quick oral answer
मीरा को चाकरी में खरची (जेब-खर्च) के रूप में 'सुमरण' यानी नाम-स्मरण प्राप्त होगा, जबकि दर्शन और भाव-भक्ति अन्य दो प्रतिफल हैं।
Common mistakes
- 1.'दर्शन' और 'खरची' को एक ही प्रतिफल समझ लेना, जबकि काव्यांश में इन्हें स्पष्ट रूप से अलग-अलग रूपकों में बाँटा गया है।
- 2.'जागीर' के रूप में मिलने वाली भाव-भक्ति को खरची (जेब-खर्च) समझ लेना।
Analysis and explanation
काव्यांश की पंक्ति 'चाकरी में दरसण पास्यूँ, सुमरण पास्यूँ खरची' में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चाकरी के बदले मीरा को 'दर्शन' मिलेगा, परन्तु 'खरची' (जेब-खर्च) के रूप में उन्हें 'सुमरण' अर्थात् नाम-स्मरण प्राप्त होगा।
सही उत्तर का आधार
- पंक्ति में दर्शन और खरची को स्पष्ट रूप से अलग-अलग बताया गया है (दरसण पास्यूँ अलग, सुमरण पास्यूँ खरची अलग)।
अन्य विकल्पों का खंडन
- 'कृष्ण के दर्शन' गलत है क्योंकि दर्शन चाकरी का मुख्य प्रतिफल है, खरची नहीं।
- 'भाव रूपी भक्ति' गलत है क्योंकि यह 'जागीर' के रूप में प्राप्त होने वाली वस्तु है, खरची के रूप में नहीं ('भाव भगती जागीरी पास्यूँ')।
- 'वृंदावन में रहना' काव्यांश में खरची के रूप में कहीं उल्लिखित नहीं है।
परीक्षा में सावधानी
- पंक्ति की संरचना को ध्यान से समझना आवश्यक है - चाकरी के बदले तीन अलग-अलग प्रतिफल तीन अलग-अलग रूपकों (दर्शन, खरची-सुमरण, जागीर-भक्ति) में वर्णित हैं।
Interesting facts
मीरा ने चाकरी के तीन प्रतिफलों को तीन अलग सामाजिक-आर्थिक रूपकों में बाँटा है - दर्शन (मुख्य सेवा-फल), खरची (जेब-खर्च रूपी सुमरण), और जागीर (स्थायी संपत्ति रूपी भाव-भक्ति) - जो मध्यकालीन सामंती व्यवस्था से प्रेरित प्रतीक-विधान है।
'सुमरण' शब्द भक्ति-काव्य में निरंतर ईश्वर-नाम के जप/स्मरण की साधना को दर्शाता है।
Question details
Q47 of 66 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 10
- Subject
- Hindi Course B
- Year
- 2026
- Section
- Section ग
- Marks
- 1
- Type
- MCQ
- Chapter
- अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
- Topic
- मीराबाई का भक्ति पद - खरची के रूप में सुमरण
- Bloom's level
- remember
- Syllabus topic
- खंड ग: अपठित बोध - काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न 9(iv)
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
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Frequently asked questions
मीरा को खरची के रूप में क्या मिलेगा?
मीरा को खरची (जेब-खर्च) के रूप में 'सुमरण' यानी श्रीकृष्ण का नाम-स्मरण प्राप्त होगा।