'बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से' – पंक्ति का सही अर्थ है –
'बहुत काली सिल जरा से लाल केसर से' – पंक्ति का सही अर्थ है –
Options
Official answer
सही विकल्प — (A) भोर का आकाश लालिमा से युक्त है। पंक्ति बताती है कि अब तक अंधकारमय (काली सिल-सा) रहा आकाश हल्की लालिमा (केसर के रंग) से रंगने लगा है, अर्थात् उषाकाल की लालिमा फैलने लगी है।
Marking scheme
- 1.1 अंक: सही विकल्प (A) चुनने पर पूर्ण अंक; आंशिक अंक नहीं दिए जाते।
Hint
यह पंक्ति रंग-परिवर्तन (काले से लाल की ओर) दर्शाती है, शाब्दिक क्रिया नहीं।
Quick oral answer
पंक्ति यह बताती है कि भोर का अब तक काला आकाश हल्की लालिमा (केसर) लिए हुए है, अर्थात् उषा का आगमन आरंभ हो चुका है।
Common mistakes
- 1.अगली पंक्ति की 'धुल गई हो' उपमा को इसी पंक्ति के साथ जोड़कर शाब्दिक 'धुलाई' मान लेना।
- 2.'बहुत काली' पर ही ध्यान देकर 'जरा से लाल केसर से' के महत्त्व को नज़रअंदाज़ कर देना।
Analysis and explanation
संदर्भ: यह पंक्ति नभ के रंग-परिवर्तन को उपमा द्वारा दर्शाती है — काली सिल पर जैसे किसी ने थोड़ा लाल केसर मल दिया हो।
सही विकल्प क्यों: 'जरा से लाल केसर से' स्पष्ट संकेत है कि अंधकार में लालिमा का प्रवेश हो रहा है — यही उषा के आगमन का संकेत है, इसलिए 'आकाश लालिमा से युक्त है' सबसे उपयुक्त अर्थ है।
अन्य विकल्प गलत क्यों:
- (B) केवल 'आकाश काला है' कहना अधूरा है क्योंकि यह 'जरा से लाल केसर' के उल्लेख की उपेक्षा करता है।
- (C) और (D) दोनों पंक्ति को शाब्दिक रूप से (वास्तव में कुछ धोया गया) पढ़ते हैं, जबकि 'धुल गई हो' अगली पंक्ति में मात्र एक उपमा है, वास्तविक क्रिया नहीं।
Interesting facts
भारतीय काव्य-परंपरा में उषा (भोर) को प्रायः लाल-केसरिया रंग से जोड़ा जाता है, जो नई शुरुआत और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
शमशेर बहादुर सिंह की कविताओं में रंगों का प्रयोग बिंब-निर्माण की मुख्य युक्ति रहा है — 'उषा' कविता इसका प्रमुख उदाहरण है।
Question details
Q18 of 31 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 12
- Subject
- Hindi Core
- Year
- 2026
- Section
- Section खंड - ग
- Marks
- 1
- Type
- MCQ
- Chapter
- उषा (शमशेर बहादुर सिंह) — आरोह भाग 2
- Topic
- उषा - काली सिल व लाल केसर पंक्ति का अर्थ
- Bloom's level
- analyze
- Syllabus topic
- आरोह भाग 2, इकाई: काव्य खंड — 'उषा' (शमशेर बहादुर सिंह): रंग-बिंब और अर्थ-ग्रहण
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
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Frequently asked questions
इस पंक्ति में 'केसर' किसका प्रतीक है ?
'केसर' भोर के आकाश में फैलने वाली हल्की लालिमा (उषा के आगमन) का प्रतीक है, जो अंधकार में धीरे-धीरे प्रवेश कर रही है।
क्या इस पंक्ति में वास्तव में कुछ धोया गया है ?
नहीं, 'धुल गई हो' अगली पंक्ति में आया एक काल्पनिक उपमान है — यह आकाश के रंग-परिवर्तन को सुंदर ढंग से व्यक्त करने की काव्यात्मक युक्ति है, वास्तविक धुलाई नहीं।