आपका नाम बिमल/बिमला है। अपने क्षेत्र में प्राथमिक उपचार केंद्र खुलवाने का निवेदन करते हुए नगर निगम अधिकारी को पत्र लिखिए।
आपका नाम बिमल/बिमला है। अपने क्षेत्र में प्राथमिक उपचार केंद्र खुलवाने का निवेदन करते हुए नगर निगम अधिकारी को पत्र लिखिए।
Official answer
सेवा में,
श्रीमान् नगर निगम अधिकारी,
नगर निगम कार्यालय,
(शहर का नाम)
दिनांक: _
विषय: क्षेत्र में प्राथमिक उपचार केंद्र खुलवाने हेतु निवेदन-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं बिमल/बिमला, _ (क्षेत्र/मोहल्ले का नाम) का/की निवासी हूँ। इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र में चिकित्सा-सुविधाओं की गंभीर कमी की ओर आकर्षित करना चाहता/चाहती हूँ।
हमारे क्षेत्र में लगभग पाँच हज़ार से अधिक लोग निवास करते हैं, परंतु निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र यहाँ से लगभग 10-12 किलोमीटर दूर स्थित है। छोटी-मोटी बीमारी, बुखार, चोट या दुर्घटना की स्थिति में लोगों को इतनी दूर जाना पड़ता है, जिससे विशेषकर वृद्धों, बच्चों व गर्भवती महिलाओं को अत्यधिक कठिनाई होती है। कई बार समय पर उपचार न मिलने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में एक प्राथमिक उपचार केंद्र (Primary Health Centre) शीघ्र खुलवाने की कृपा करें, जिससे यहाँ के निवासियों को आपातकालीन व सामान्य चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके। इस हेतु स्थानीय निवासी हर संभव सहयोग देने को तत्पर हैं तथा आवश्यक भूमि/भवन उपलब्ध कराने में भी सहायता कर सकते हैं।
आशा है कि आप हमारे क्षेत्र की जनता की इस मूलभूत आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।
सधन्यवाद।
भवदीय/भवदीया,
बिमल/बिमला
(पूरा पता)
(संपर्क नंबर)
Marking scheme
- 1.1 अंक: सही प्रारूप (सेवा में, पता, दिनांक, विषय, संबोधन)।
- 2.1 अंक: समस्या का स्पष्ट व ठोस वर्णन (दूरी, चिकित्सा सुविधा की कमी)।
- 3.1 अंक: स्पष्ट व तर्कसंगत निवेदन (प्राथमिक उपचार केंद्र खोलने की माँग)।
- 4.1 अंक: उचित समापन (भवदीय, नाम, पता) व सधन्यवाद।
- 5.1 अंक: भाषा की औपचारिकता, शुद्धता व प्रवाह।
Hint
प्रारूप याद रखें: सेवा में → विषय → महोदय → समस्या (दूरी/कठिनाई) → स्पष्ट निवेदन → भवदीय।
Quick oral answer
यह नगर निगम अधिकारी को लिखा गया एक औपचारिक निवेदन-पत्र है, जिसमें क्षेत्र में चिकित्सा-सुविधा की कमी बताते हुए प्राथमिक उपचार केंद्र खुलवाने की माँग विनम्रता व स्पष्टता के साथ प्रस्तुत की गई है।
Common mistakes
- 1.अनौपचारिक पत्र की शैली (जैसे 'प्रिय' संबोधन) का प्रयोग करना, जबकि यह शासकीय अधिकारी को लिखा औपचारिक पत्र है।
- 2.समस्या का ठोस विवरण (दूरी, संख्या, कठिनाई) दिए बिना सीधे माँग कर देना।
- 3.पत्र का प्रारूप अधूरा रखना — जैसे विषय-पंक्ति या दिनांक छोड़ देना।
Analysis and explanation
यह प्रश्न औपचारिक पत्र-लेखन (प्रार्थना/अनुरोध-पत्र) की क्षमता का मूल्यांकन करता है, जिसमें प्रारूप, भाषा की शुद्धता व विषय-वस्तु की स्पष्टता तीनों महत्त्वपूर्ण हैं।
संकल्पना
- नगर निगम अधिकारी को लिखा पत्र एक शासकीय/औपचारिक पत्र है, अतः इसमें विनम्र किंतु स्पष्ट भाषा, उचित संबोधन ('महोदय') तथा तार्किक क्रम (समस्या → निवेदन → सहयोग का आश्वासन) आवश्यक है।
आवश्यक तत्व
- CBSE मूल्यांकन में प्रारूप (पता, दिनांक, विषय, संबोधन, समापन), विषय-वस्तु (समस्या का स्पष्ट व ठोस वर्णन, तर्कसंगत निवेदन) तथा भाषा (औपचारिक, त्रुटिरहित) — तीनों पर अंक दिए जाते हैं।
परीक्षा में सावधानी
- समस्या का ठोस विवरण (जैसे दूरी, कठिनाई का उदाहरण) दिए बिना सीधे माँग न करें, अन्यथा पत्र प्रभावहीन लगता है।
वास्तविक जीवन में प्रासंगिकता
- यह विषय नागरिक जागरूकता व सामुदायिक स्वास्थ्य-सुविधा की आवश्यकता से जुड़ा है, जो स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखने के व्यावहारिक कौशल को दर्शाता है।
Interesting facts
भारत में 'प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र' (Primary Health Centre) ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा-सेवाएँ उपलब्ध कराने की राष्ट्रीय स्वास्थ्य-नीति का मूल स्तंभ माने जाते हैं।
CBSE की औपचारिक पत्र-लेखन परीक्षा में 'सेवा में' शैली (बिना प्रेषक-पता लिखे सीधे प्राप्तकर्ता से आरंभ) को स्वीकृत आधुनिक प्रारूप माना जाता है।
Question details
Q59 of 66 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 10
- Subject
- Hindi Course B
- Year
- 2026
- Section
- Section घ
- Marks
- 5
- Type
- Long Answer
- Chapter
- अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
- Topic
- पत्र लेखन — नगर निगम अधिकारी को प्राथमिक उपचार केंद्र खुलवाने हेतु निवेदन-पत्र
- Bloom's level
- apply
- Syllabus topic
- लेखन कौशल: औपचारिक पत्र लेखन — प्रार्थना-पत्र/अनुरोध-पत्र (शासकीय अधिकारी को पत्र)
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
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Frequently asked questions
इस पत्र को औपचारिक क्यों माना जाता है?
क्योंकि यह किसी शासकीय अधिकारी (नगर निगम अधिकारी) को लिखा जा रहा है, जिसमें 'सेवा में', 'महोदय' जैसे औपचारिक संबोधन तथा विनम्र, तथ्यात्मक भाषा का प्रयोग किया जाता है।
पत्र में विषय-पंक्ति क्यों महत्त्वपूर्ण है?
विषय-पंक्ति पत्र के मुख्य उद्देश्य को संक्षेप में बताती है, जिससे अधिकारी को पत्र पढ़ते ही समस्या का अंदाज़ा हो जाता है और यह CBSE प्रारूप में अनिवार्य अंश है।
पत्र में क्या-क्या शामिल करना अनिवार्य है?
प्रेषक का पता (या क्षेत्र), दिनांक, प्राप्तकर्ता का पता, विषय, संबोधन, मुख्य विषय-वस्तु, समापन अभिवादन तथा हस्ताक्षर — ये सभी अंश अनिवार्य हैं।