Question 585 marksEssaySection घ

बिस्तर पर बीमारी का एक दिन

• बीमार अवस्था में लेटे रहने का अनुभव

• घरवालों द्वारा की जाने वाली देखभाल

• शीघ्र ठीक होने की इच्छा

अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
निबंध लेखन — बिस्तर पर बीमारी का एक दिन

Official answer

बिस्तर पर बीमारी का एक दिन


स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, यह बात मुझे उस दिन गहराई से समझ में आई जब मैं तेज़ बुखार से पीड़ित होकर पूरे दिन बिस्तर पर पड़ा रहा। स्वस्थ जीवन की सच्ची कीमत तभी समझ आती है जब शरीर बीमारी से जूझ रहा हो।


बीमार अवस्था में लेटे रहने का अनुभव — उस दिन सुबह उठते ही सिर भारी और शरीर टूटा-टूटा-सा महसूस हुआ। तापमान लेने पर पता चला कि तेज़ बुखार है। पूरे दिन बिस्तर पर लेटे रहना पड़ा, न कुछ खाने का मन था, न किसी काम में मन लगता था। खिड़की से बाहर बच्चों को खेलते देखकर बहुत उदासी हुई कि मैं भी उनके साथ नहीं खेल पा रहा। समय जैसे रुक-सा गया था और हर घंटा एक युग के समान प्रतीत हो रहा था।


घरवालों द्वारा की जाने वाली देखभाल — इस कठिन समय में माँ ने पूरे दिन मेरे सिरहाने बैठकर सेवा की — कभी माथे पर ठंडी पट्टी रखी, तो कभी समय पर दवाई व गुनगुना पानी दिया। पिताजी ऑफिस से बार-बार फोन करके हालचाल पूछते रहे और शाम को डॉक्टर को दिखाने भी ले गए। छोटी बहन ने भी अपनी पसंदीदा किताब सुनाकर मेरा मन बहलाने की कोशिश की। परिवार के इस प्रेम और देखभाल ने मुझे यह एहसास दिलाया कि बीमारी में परिवार का साथ कितना अनमोल होता है।


शीघ्र ठीक होने की इच्छा — दिनभर बिस्तर पर पड़े रहकर मेरे मन में बार-बार यही इच्छा उठती रही कि जल्द से जल्द ठीक होकर फिर से पहले जैसा सक्रिय जीवन जिऊँ — स्कूल जाऊँ, दोस्तों के साथ खेलूँ और अपने सारे कार्य स्वयं कर सकूँ। डॉक्टर की दवा व माँ की सेवा के फलस्वरूप अगले दिन बुखार कुछ कम हुआ, जिससे मन में एक नई आशा जगी।


इस अनुभव ने मुझे सिखाया कि स्वास्थ्य के महत्त्व को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए और नियमित व्यायाम, संतुलित आहार तथा स्वच्छता का ध्यान रखकर बीमारियों से बचाव करना चाहिए।

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Marking scheme

  1. 1.1 अंक: उपयुक्त भूमिका (स्वास्थ्य के महत्त्व का उल्लेख)।
  2. 2.1 अंक: बीमार अवस्था के अनुभव का सजीव व भावपूर्ण वर्णन।
  3. 3.1 अंक: घरवालों की देखभाल का विस्तृत व भावनात्मक चित्रण।
  4. 4.1 अंक: शीघ्र ठीक होने की इच्छा का स्वाभाविक वर्णन।
  5. 5.1 अंक: भाषा-शुद्धता, प्रवाह व उपयुक्त निष्कर्ष/सीख।

Hint

'मैं' शैली में भावनात्मक व वर्णनात्मक ढंग से लिखें — पहले बीमारी की स्थिति, फिर परिवार की देखभाल, अंत में ठीक होने की चाह व सीख।

Quick oral answer

बीमारी के उस दिन बिस्तर पर लेटे-लेटे मुझे परिवार की देखभाल का महत्त्व और स्वास्थ्य की कीमत गहराई से समझ में आई, और मन में बार-बार शीघ्र ठीक होकर सामान्य जीवन में लौटने की इच्छा जागती रही।

Common mistakes

  1. 1.घटना को सूखे तथ्यों की तरह लिखना, भावनाओं की अभिव्यक्ति न करना।
  2. 2.तीनों संकेत बिंदुओं में से किसी एक (विशेषकर घरवालों की देखभाल) को बहुत संक्षेप में निपटा देना।
  3. 3.'मैं' शैली की बजाय सामान्य/अनिश्चित शैली में लिखना जिससे व्यक्तिगत अनुभव जैसा प्रभाव नहीं बनता।

Analysis and explanation

यह निबंध व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित रचनात्मक लेखन क्षमता का मूल्यांकन करता है, जिसमें भावनात्मक अभिव्यक्ति व वर्णनात्मक शैली महत्त्वपूर्ण होती है।


अपेक्षित संरचना

  • तीन संकेत बिंदु — अनुभव, देखभाल, ठीक होने की इच्छा — निबंध को एक स्वाभाविक कहानी जैसा प्रवाह देते हैं।
  • प्रथम-पुरुष (मैं) शैली में व्यक्तिगत, जीवंत व भावपूर्ण वर्णन करना चाहिए, केवल सूचनात्मक विवरण नहीं।

परीक्षा में सावधानी

  • घटना को सूखे तथ्यों की तरह न लिखें; भावनाओं (उदासी, असहायता, कृतज्ञता) को व्यक्त करना ज़रूरी है क्योंकि यह विषय भावनात्मक गहराई की माँग करता है।

वास्तविक जीवन में प्रासंगिकता

  • यह निबंध परिवार के महत्त्व, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा वास्तविक जीवन के अनुभवों से जुड़ा है, जो विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन पर चिंतन करने की प्रेरणा देता है।

Interesting facts

व्यक्तिगत-अनुभव आधारित निबंध (personal-experience essay) CBSE की रचनात्मक लेखन-कौशल श्रेणी में आते हैं, जहाँ प्रथम-पुरुष शैली व भावनात्मक अभिव्यक्ति को विशेष महत्त्व दिया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बीमारी के दौरान परिवार का भावनात्मक सहयोग रोगी के मानसिक स्वास्थ्य व शीघ्र स्वस्थ होने की प्रक्रिया में सकारात्मक भूमिका निभाता है।

Question details

Q58 of 66 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course B
Year
2026
Section
Section घ
Marks
5
Type
Essay
Chapter
अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
Topic
निबंध लेखन — बिस्तर पर बीमारी का एक दिन
Bloom's level
create
Syllabus topic
लेखन कौशल: निबंध लेखन — व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित निबंध (बीमारी का एक दिन)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

इस निबंध को किस शैली में लिखना चाहिए?

इसे प्रथम-पुरुष (मैं) शैली में व्यक्तिगत अनुभव के रूप में, भावनात्मक व वर्णनात्मक ढंग से लिखना चाहिए।

इस निबंध में क्या सीख दी जा सकती है?

स्वास्थ्य के महत्त्व, परिवार की देखभाल की अनमोलता तथा नियमित व्यायाम व संतुलित आहार से बीमारियों से बचाव की सीख दी जा सकती है।

क्या इस निबंध में संवाद शामिल किए जा सकते हैं?

हाँ, माँ या परिवार के सदस्यों के संक्षिप्त संवाद शामिल करने से निबंध अधिक सजीव व भावपूर्ण बनता है, बशर्ते वे संक्षिप्त और प्रासंगिक हों।