Question 112 marksVery Short AnswerSection क

'जीवन का फूल खिलने' से क्या अभिप्राय है ?

अपठित गद्यांश (पाठ्येतर/Unseen Passage – खंड क)
अपठित गद्यांश – 'जीवन का फूल खिलना' का अभिप्राय

Official answer

'जीवन का फूल खिलने' से अभिप्राय है — जीवन का सार्थक, आनंदमय व पूर्ण रूप में साकार होना। गद्यांश के अनुसार यह तभी संभव है जब मनुष्य काँटों अर्थात दुख-कष्ट से भागने के बजाय उन्हें फूलों जितना ही प्रेम व स्वीकार करे। ऐसा न करने पर उसे केवल कृत्रिम 'प्लास्टिक के फूल' अर्थात खोखला, अधूरा सुख ही मिलता है।

Answer keywords:जीवन का फूलसच्चा सुखकाँटों की स्वीकृतिप्लास्टिक के फूलपूर्णताकष्ट सहना

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: 'जीवन का फूल खिलना' का अर्थ — जीवन में सच्चे सुख/पूर्णता की प्राप्ति — सही ढंग से स्पष्ट करने पर।
  2. 2.1 अंक: इसके लिए काँटों (कष्टों) को स्वीकारना व उनसे प्रेम करना आवश्यक है, इस भाव को गद्यांश के आधार पर उल्लेख करने पर।

Hint

उत्तर में 'फूल = सच्चा सुख/पूर्णता' और 'काँटे = कष्ट, जिन्हें स्वीकारना आवश्यक है' — इस संबंध को स्पष्ट करें।

Quick oral answer

जीवन का फूल खिलने का अर्थ है सच्चे व पूर्ण सुख की प्राप्ति, जो तभी संभव है जब हम कष्टों (काँटों) को भी स्वीकार करें, न कि केवल सुख की कल्पना में जिएँ।

Common mistakes

  1. 1.केवल 'फूल खिलना यानी खुशी होना' जैसा सतही अर्थ लिखना, बिना काँटे-फूल के संबंध को स्पष्ट किए।
  2. 2.'प्लास्टिक के फूल' के रूपक का उल्लेख न करना, जो उत्तर को गद्यांश-आधारित और पूर्ण बनाता है।
  3. 3.उत्तर को अनावश्यक रूप से लंबा या असंबंधित उदाहरणों से भरना, जबकि 2 अंकों के प्रश्न के लिए संक्षिप्त व सटीक उत्तर अपेक्षित है।

Analysis and explanation

यह प्रश्न पंक्ति 'अगर आप चाहते हैं कि सच में आपके जीवन का फूल खिले, तो काँटों से दूर रहने की आदत छोड़ दें' पर आधारित है।


प्रतीकार्थ

  • फूल = सुंदरता, सुख और पूर्णता
  • काँटे = कष्ट, दुख और जीवन के नकारात्मक पक्ष

मूल भाव

  • वास्तविक और स्थायी सुख (जीवन का सच्चा फूल खिलना) तभी संभव है जब व्यक्ति कष्टों को जीवन का अनिवार्य अंग मानकर स्वीकार करे, न कि उनसे बचे या उन्हें दबाए
  • जो केवल सुखद पक्ष चाहता है, वह वास्तविक अनुभव से वंचित रह जाता है — जैसे प्लास्टिक का फूल सुंदर तो दिखता है पर उसमें न सुगंध होती है, न काँटे

परीक्षा में सावधानी

  • केवल शाब्दिक अनुवाद ('फूल खिलना यानी खुशी आना') तक सीमित न रहें; पूर्ण अंक के लिए काँटे-फूल के अन्योन्याश्रित संबंध को स्पष्ट करना आवश्यक है, अर्थात कष्ट स्वीकारे बिना सच्चा सुख संभव नहीं।

Interesting facts

'प्लास्टिक के फूल' का रूपक आधुनिक हिंदी गद्य में कृत्रिमता और सतहीपन को दर्शाने के लिए एक लोकप्रिय बिंब है।

यह विचार कि 'दुख के बिना सुख अधूरा है' बौद्ध और भारतीय दार्शनिक परंपरा में 'द्वंद्वातीत' अवस्था की अवधारणा से मिलता-जुलता है।

Question details

Q11 of 66 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course B
Year
2026
Section
Section क
Marks
2
Type
Very Short Answer
Chapter
अपठित गद्यांश (पाठ्येतर/Unseen Passage – खंड क)
Topic
अपठित गद्यांश – 'जीवन का फूल खिलना' का अभिप्राय
Bloom's level
understand
Syllabus topic
खंड क: अपठित बोध – गद्यांश आधारित लघु उत्तरीय प्रश्न 2(iv)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

Spotted a mistake or something unclear?

Tell us and we will fix it.

Frequently asked questions

'प्लास्टिक के फूल' का यहाँ क्या अर्थ है?

यह कृत्रिम, अधूरे और सतही सुख का प्रतीक है, जो तब मिलता है जब व्यक्ति कष्टों को स्वीकारे बिना केवल सुखद कल्पनाओं में जीता है।

इस प्रश्न में कितने अंक के लिए कितनी बातें लिखनी चाहिए?

2 अंकों के लिए दो मुख्य बिंदु पर्याप्त हैं: (1) फूल खिलने का अर्थ सच्चा सुख/पूर्णता, (2) इसके लिए काँटों/कष्टों की स्वीकृति आवश्यक।