Question 81 markMCQSection क

'ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है' – का गद्यांश के संदर्भ में आशय है :

अपठित गद्यांश (पाठ्येतर/Unseen Passage – खंड क)
अपठित गद्यांश – 'ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है' का आशय

Options

(क)प्रकाश का भान अंधकार में ही होता है।
(ख)अंधेरे के कारण ही प्रकाश का महत्त्व है।
(ग)कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है।
(घ)अंधेरे में रहने वाले ही प्रकाश का मोल समझते हैं।

Official answer

सही विकल्प (ग): 'कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है' — क्योंकि ज्योति (प्रकाश/सुख) का मूल्य अंधेरे (कष्ट) के विपरीत होने पर ही समझ आता है।

Answer keywords:ज्योतिअंधेराप्रतीकात्मक अर्थसुख-दुखकष्टसंदर्भ आधारित आशय

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: सही विकल्प (ग) चुनने पर पूर्ण अंक।
  2. 2.बहुविकल्पीय प्रश्न में केवल सही विकल्प अंकित करने पर ही अंक; व्याख्या अपेक्षित नहीं।

Hint

पंक्ति को शाब्दिक अर्थ में नहीं, बल्कि 'काँटे-फूल/सुख-दुख' के प्रसंग में प्रतीकात्मक अर्थ में देखें।

Quick oral answer

इसका आशय है कि सुख का वास्तविक अनुभव कष्टों को सहने के बाद ही होता है, ठीक वैसे ही जैसे प्रकाश का मोल अंधेरे के बाद ही समझ आता है।

Common mistakes

  1. 1.पंक्ति का शाब्दिक/भौतिक अर्थ लेकर विकल्प (क) या (घ) चुन लेना।
  2. 2.गद्यांश के प्रसंग (काँटे-फूल, सुख-दुख) को ध्यान में न रखकर पंक्ति को अलग-थलग समझना।

Analysis and explanation

यह पंक्ति ('ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है') उस संदर्भ में आई है जहाँ लेखक काँटों (कष्टों) से दूर भागने की आदत छोड़ने की बात कहता है।


प्रतीकार्थ

  • ज्योति = सुख/प्रकाश
  • अंधेरा = दुख/कष्ट
  • अतः सही आशय: सुख का वास्तविक अनुभव कष्टों को सहने व स्वीकारने के बाद ही होता है — विकल्प (ग)

अन्य विकल्प गलत क्यों

  • विकल्प (क), (घ): पंक्ति का केवल शाब्दिक/भौतिक अर्थ (वास्तविक प्रकाश-अंधकार) लेते हैं, जबकि यहाँ प्रयोग लाक्षणिक है
  • विकल्प (ख): 'महत्त्व' पर केंद्रित है, जबकि गद्यांश का बल 'अनुभव होने' पर है

परीक्षा में सावधानी

  • लाक्षणिक प्रयोगों में तत्काल शाब्दिक अर्थ न लें; संदर्भ (context) के अनुसार भाव ग्रहण करें।

Interesting facts

अपठित गद्यांश के MCQ में अक्सर एक विकल्प शाब्दिक अर्थ वाला और एक भावार्थ/प्रतीकात्मक अर्थ वाला रखा जाता है ताकि गहरी समझ की जाँच हो सके।

'प्रकाश और अंधकार' का रूपक भारतीय दर्शन और साहित्य में प्रायः ज्ञान-अज्ञान अथवा सुख-दुख के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त होता रहा है।

Question details

Q8 of 66 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course B
Year
2026
Section
Section क
Marks
1
Type
MCQ
Chapter
अपठित गद्यांश (पाठ्येतर/Unseen Passage – खंड क)
Topic
अपठित गद्यांश – 'ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है' का आशय
Bloom's level
understand
Syllabus topic
खंड क: अपठित बोध – गद्यांश आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न 2(i)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

यहाँ 'ज्योति' और 'अंधेरा' किसके प्रतीक हैं?

गद्यांश के संदर्भ में 'ज्योति' सुख का और 'अंधेरा' कष्ट/दुख का प्रतीक है।

विकल्प (क) गलत क्यों है?

क्योंकि यह पंक्ति का केवल शाब्दिक/भौतिक अर्थ देता है, जबकि गद्यांश में इसका प्रतीकात्मक अर्थ अभिप्रेत है।