सभ्यता के विकास से पूर्व मनुष्य की क्या स्थिति थी ? सभ्यता के विकास के क्या परिणाम हुए ?
सभ्यता के विकास से पूर्व मनुष्य की क्या स्थिति थी ? सभ्यता के विकास के क्या परिणाम हुए ?
सभ्यता-पूर्व स्थिति:
- मनुष्य घर बनाना नहीं जानता था, पेड़ की छाया या पहाड़ की खोह में रहता था।
- खेती नहीं जानता था, कंद-मूल खाकर गुज़ारा करता था।
- वस्त्र बुनना नहीं जानता था; निर्वस्त्र रहता था या छाल/खाल पहनता था।
सभ्यता के विकास का परिणाम:
- मनुष्य खेती करने, अनाज पकाकर खाने, घर बनाने व वस्त्र बुनने लगा।
- आज रेल, मोटर, हवाई जहाज़, सड़कें, भवन तथा अच्छा भोजन व पोशाक सभ्यता के प्रतीक बन गए।
Marking Scheme
- 11 अंक: सभ्यता-पूर्व मानव की असहाय/आदिम स्थिति का सही वर्णन
- 21 अंक: सभ्यता के विकास के परिणामस्वरूप हुए भौतिक परिवर्तनों का उल्लेख
Hint
पहले भाग में असभ्य अवस्था के 3 बिंदु, दूसरे भाग में आज की सभ्यता के प्रतीक बिंदुवार लिखें।
Quick Oral Answer
सभ्यता-पूर्व मनुष्य आवासहीन, कृषि-रहित व वस्त्रहीन था; सभ्यता के विकास से उसने खेती, आवास, वस्त्र और आज रेल-मोटर जैसे साधन प्राप्त किए।
Analysis & Explanation
अवधारणा: गद्यांश मनुष्य की असभ्य अवस्था (आश्रयहीन, कृषि-रहित, वस्त्रहीन जीवन) से सभ्य अवस्था (कृषि, आवास, वस्त्र, आधुनिक साधन) तक की यात्रा का विवरण देता है।
परीक्षा में सावधानी: दोनों भाग — 'पूर्व स्थिति' और 'परिणाम' — को अलग-अलग बुलेट में स्पष्ट रूप से लिखें, दोनों को मिलाकर एक पैराग्राफ में न लिखें।
वास्तविक जीवन में: आज की परिवहन, आवास व वस्त्र सुविधाएँ उसी विकास-यात्रा का परिणाम हैं जो गद्यांश में वर्णित है।
Common Mistakes
- 1दोनों भागों (पूर्व-स्थिति व परिणाम) को अलग किए बिना एक साथ मिलाकर लिखना
- 2गद्यांश के ठोस उदाहरणों (कंद-मूल, छाल-खाल) के बिना सामान्य शब्दों में उत्तर देना
Interesting Facts
मानव विकास के अध्ययन में 'नवपाषाण क्रांति' (Neolithic Revolution) को कृषि के आरंभ और स्थायी बस्तियों की शुरुआत का सबसे बड़ा मोड़ माना जाता है।
वस्त्र बुनने की कला के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500 ई.पू.) की खुदाई में सूती धागों के रूप में मिले हैं।
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Frequently Asked Questions
सभ्यता के विकास से पहले मनुष्य कैसे जीवन बिताता था ?
वह घर बनाना नहीं जानता था, पेड़ की छाया या पहाड़ की खोह में रहता था, खेती नहीं करता था और कंद-मूल खाकर तथा छाल/खाल पहनकर गुज़ारा करता था।
सभ्यता के विकास के आज के प्रमुख प्रतीक क्या हैं ?
रेलगाड़ी, मोटर, हवाई जहाज़, चौड़ी सड़कें, बड़े मकान तथा अच्छा भोजन व पोशाक आज सभ्यता के प्रमुख प्रतीक माने जाते हैं।