Q8
1 markMCQSection

काव्यांश में धूप को किस रूप में चित्रित किया गया है ?

अपठित बोध (गद्यांश)
धूप का मानवीकरण-चित्रण

Options

(A)चाँदी की साड़ी के रूप में
(B)फूली सरसों के रूप में
(C)मैके में आई बेटी के रूप में
(D)हमजोली सखी के रूप में
Official Answer

सही विकल्प (C) मैके में आई बेटी के रूप में है।


पंक्ति 'मैके में आई बेटी की तरह मगन है' में कवि ने धूप के प्रसन्न, मुक्त व मस्त स्वभाव की तुलना उस बेटी से की है जो अपने मायके आकर आनंदित है।

धूपमानवीकरणमैके में आई बेटीचाँदी की साड़ीउपमाकाव्यांश

Marking Scheme

  • 11 अंक: सही विकल्प (C) का चयन

Hint

'मैके में आई बेटी की तरह मगन है' — यह पंक्ति सीधे धूप पर लागू होती है।

Quick Oral Answer

काव्यांश में धूप को 'मैके में आई बेटी' के रूप में चित्रित किया गया है, जो उसकी प्रसन्नता और मस्ती को दर्शाता है।

Analysis & Explanation

सही विकल्प क्यों: काव्यांश की पंक्ति "धूप चमकती है चाँदी की साड़ी पहने / मैके में आई बेटी की तरह मगन है" में धूप को सीधे 'मैके में आई बेटी' के रूप में चित्रित किया गया है — यही धूप का मूल मानवीकरण-बिंब है।


गलत विकल्प क्यों:


  • (A) चाँदी की साड़ी — यह धूप का वस्त्र/उपमा है, धूप का स्वयं का रूप नहीं।
  • (B) फूली सरसों — यह वह वस्तु है जिससे धूप लिपटती है, धूप का चित्रण नहीं।
  • (D) हमजोली सखी — यह उपमा धूप और सरसों के आपसी संबंध के लिए है, धूप के मूल रूप के लिए नहीं।

परीक्षा में सावधानी: काव्यांश में एक से अधिक उपमाएँ होने पर मूल विषय (धूप) पर लागू सीधी उपमा को अन्य सहायक उपमाओं से अलग पहचानना आवश्यक है।

Common Mistakes

  1. 1'चाँदी की साड़ी' को धूप का रूप समझ लेना जबकि वह केवल उपमा-वस्त्र है
  2. 2'हमजोली सखी' वाली उपमा को धूप के लिए मान लेना जबकि वह धूप-सरसों संबंध के लिए है

Interesting Facts

हिंदी कविता में प्रकृति के मानवीकरण की परंपरा छायावाद युग (जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत) से विशेष रूप से प्रचलित हुई, जहाँ धूप, हवा, नदी को मानवीय भाव दिए गए।

'मैका' शब्द विवाहित स्त्री के पीहर (माता-पिता के घर) के लिए प्रयुक्त होता है, जो भारतीय ग्रामीण संस्कृति में विशेष भावनात्मक महत्त्व रखता है।

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Frequently Asked Questions

काव्यांश में धूप की तुलना किससे की गई है ?

धूप की तुलना 'मैके में आई बेटी' से की गई है, जो चाँदी की साड़ी पहने मगन है।

'हमजोली सखियाँ गले मिली हैं' किसके लिए प्रयुक्त उपमा है ?

यह उपमा धूप के फूली सरसों से लिपटने के लिए प्रयुक्त है, धूप के मूल रूप के लिए नहीं।