'पेचक की डरावनी आवाज़' का प्रतीकार्थ है –
'पेचक की डरावनी आवाज़' का प्रतीकार्थ है –
Options
Official answer
सही विकल्प: (B) मृत्यु या अनिष्ट की आहट
भारतीय लोक-मान्यताओं में पेचक (उल्लू) की डरावनी आवाज़ को अपशकुन तथा मृत्यु या अनिष्ट के आगमन का संकेत माना जाता है; महामारी से त्रस्त गाँव के संदर्भ में यह ध्वनि आसन्न मृत्यु व विपत्ति के भय को और गहरा करती है।
Marking scheme
- 1.1 अंक: सही विकल्प (B) चुनने पर ही अंक; शाब्दिक अर्थ वाले विकल्पों (A, C, D) पर अंक नहीं दिया जाएगा।
Hint
भारतीय लोक-मान्यताओं में उल्लू/पेचक की आवाज़ किस अशुभ घटना से जोड़ी जाती है, यह याद करें।
Quick oral answer
पेचक की डरावनी आवाज़ का प्रतीकार्थ भारतीय लोक-मान्यता के अनुसार मृत्यु या अनिष्ट की आहट है, जो महामारी-पीड़ित गाँव के भयपूर्ण वातावरण को और गहरा करती है।
Common mistakes
- 1.'प्रतीकार्थ' पूछे जाने पर भी शाब्दिक/स्वाभाविक अर्थ (विकल्प C या D) चुन लेना।
- 2.गद्यांश के महामारी व शोक-प्रधान संदर्भ को नज़रअंदाज़ कर पेचक की आवाज़ को सामान्य पक्षी-ध्वनि मान लेना।
Analysis and explanation
गद्यांश की पृष्ठभूमि
गद्यांश में सियारों के क्रंदन के साथ पेचक की डरावनी आवाज़ को निस्तब्धता भंग करने वाली भयकारी ध्वनियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, ठीक उसी समय जब गाँव में महामारी से मृत्यु व पीड़ा का वातावरण है।
सही विकल्प का औचित्य
भारतीय लोक-परंपरा में पेचक/उल्लू की आवाज़ को दीर्घकाल से अपशकुन व मृत्यु के आगमन का प्रतीक माना गया है; गद्यांश के महामारी-प्रधान संदर्भ में यह प्रतीकार्थ पूर्णतः संगत बैठता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत
- (A) व (D) पेचक की आवाज़ को सामान्य/सजीव ग्रामीण गतिविधि बताते हैं, जबकि गद्यांश का समग्र भाव भय व शोक का है, सामान्य चहल-पहल का नहीं।
- (C) 'स्वाभाविक ध्वनि' कहना प्रतीकार्थ को नकारता है, जबकि प्रश्न स्वयं 'प्रतीकार्थ' पूछ रहा है, शाब्दिक अर्थ नहीं।
परीक्षा में सावधानी
प्रतीकार्थ संबंधी प्रश्नों में गद्यांश के समग्र भाव और लोक-मान्यताओं दोनों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
Interesting facts
भारतीय लोक-संस्कृति में उल्लू (पेचक) की आवाज़ को सदियों से अपशकुन व मृत्यु के पूर्वाभास से जोड़ा जाता रहा है।
साहित्य में रात्रि-पक्षियों की आवाज़ों का प्रयोग प्रायः आसन्न विपत्ति या मृत्यु के पूर्वाभास (foreshadowing) की तकनीक के रूप में किया जाता है।
Question details
Q28 of 31 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 12
- Subject
- Hindi Core
- Year
- 2026
- Section
- Section खंड-ग
- Marks
- 1
- Type
- MCQ
- Chapter
- अपठित बोध (गद्यांश)
- Topic
- पेचक की आवाज़ का प्रतीकार्थ
- Bloom's level
- understand
- Syllabus topic
- इकाई 1: अपठित बोध — गद्यांश में लोक-प्रतीकों की व्याख्या आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us and we will fix it.
Frequently asked questions
पेचक की आवाज़ को अपशकुन क्यों माना जाता है?
भारतीय लोक-परंपरा में उल्लू/पेचक की रात्रि की डरावनी आवाज़ को दीर्घकाल से मृत्यु या अनिष्ट के आगमन का संकेत माना जाता रहा है।
क्या यह प्रश्न सामान्य ज्ञान पर आधारित है या गद्यांश पर?
यह प्रश्न गद्यांश के संदर्भ (महामारी-पीड़ित गाँव) और सामान्य भारतीय लोक-मान्यता दोनों के सम्मिलित प्रयोग से हल होता है।