निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : (2 × 3 = 6)
(i) महादेवी वर्मा ने भक्तिन के साथ अपने संबंध को किस रूप में महसूस किया ? 'भक्तिन' पाठ के आधार पर लिखिए ।
(ii) 'काले मेघा पानी दे' पाठ में लोक-प्रचलित विश्वास और विज्ञान के द्वंद्व का चित्रण किस प्रकार किया गया है ?
(iii) श्रम विभाजन किसे कहते हैं ? सभ्य समाज के लिए इसकी क्या आवश्यकता है ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : (2 × 3 = 6)
(i) महादेवी वर्मा ने भक्तिन के साथ अपने संबंध को किस रूप में महसूस किया ? 'भक्तिन' पाठ के आधार पर लिखिए ।
(ii) 'काले मेघा पानी दे' पाठ में लोक-प्रचलित विश्वास और विज्ञान के द्वंद्व का चित्रण किस प्रकार किया गया है ?
(iii) श्रम विभाजन किसे कहते हैं ? सभ्य समाज के लिए इसकी क्या आवश्यकता है ?
Official answer
प्रश्नपत्र में दिए तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 60 शब्दों में अपेक्षित हैं; सुविधा हेतु तीनों के मॉडल उत्तर यहाँ दिए गए हैं:
(i) महादेवी वर्मा का भक्तिन से संबंध:
महादेवी वर्मा ने भक्तिन के साथ अपने संबंध को स्वामिनी-सेविका का न मानकर एक आत्मीय, पारिवारिक और सखी-भाव से युक्त रिश्ता महसूस किया। भक्तिन उनकी हर छोटी-बड़ी आवश्यकता का ध्यान रखती, निर्णय स्वयं लेती और कभी-कभी अपनी बात मनवाने पर अड़ जाती, फिर भी महादेवी उसकी सेवा-भावना व निश्छल स्नेह को गहराई से अनुभव करती थीं। यह संबंध क्रमशः माँ-बेटी जैसे वात्सल्यपूर्ण रिश्ते में बदल गया।
(ii) 'काले मेघा पानी दे' में लोक-विश्वास और विज्ञान का द्वंद्व:
सूखे की स्थिति में गाँव के लोग वर्षा हेतु इंदर सेना निकालकर 'काले मेघा पानी दे' गाते हुए बादलों को रिझाने का लोक-प्रचलित अनुष्ठान करते हैं, जिसे आधुनिक शिक्षित वर्ग अंधविश्वास मानकर उपहास करता है। धर्मवीर भारती दिखाते हैं कि यह क्रिया मात्र अंधविश्वास नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था, प्रकृति से संवाद और ग्रामीण एकता की अभिव्यक्ति भी है — इसी में परंपरा और विज्ञान का द्वंद्व उभरता है।
(iii) श्रम-विभाजन और सभ्य समाज:
श्रम-विभाजन का अर्थ है समाज में विभिन्न कार्यों/व्यवसायों का लोगों के बीच बँटवारा, जिससे उत्पादन-कुशलता व दक्षता बढ़े। डॉ. आंबेडकर के अनुसार सभ्य समाज के लिए यह आवश्यक है क्योंकि यह जटिल आर्थिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाता है, परंतु भारतीय जाति-प्रथा इसे श्रमिकों के स्थायी, वंशानुगत विभाजन में बदल देती है, जो व्यक्ति की रुचि व स्वतंत्र चयन को नकारती है।
Marking scheme
- 1.प्रत्येक चयनित प्रश्न हेतु 3 अंक (कुल किन्हीं दो प्रश्नों के लिए 2×3=6)
- 2.(i) भक्तिन: संबंध की प्रकृति (आत्मीय/पारिवारिक) 1 अंक, भक्तिन की भूमिका/विशेषताएँ 1 अंक, उदाहरण/निष्कर्ष 1 अंक
- 3.(ii) काले मेघा पानी दे: लोक-अनुष्ठान का वर्णन 1 अंक, विज्ञान/आधुनिक दृष्टिकोण का उल्लेख 1 अंक, द्वंद्व स्पष्ट करना 1 अंक
- 4.(iii) श्रम विभाजन: परिभाषा 1 अंक, सभ्य समाज हेतु आवश्यकता 1 अंक, जाति-प्रथा से भिन्नता/आलोचना 1 अंक
Hint
तीन में से कोई दो प्रश्न चुनें; प्रत्येक उत्तर में पाठ/लेखक का नाम व मूल तर्क स्पष्ट रूप से लिखें, लगभग 60 शब्दों में।
Quick oral answer
भक्तिन में महादेवी का संबंध सेविका से आत्मीय पारिवारिक जुड़ाव जैसा था; 'काले मेघा पानी दे' लोक-आस्था व विज्ञान के द्वंद्व को दिखाता है; श्रम-विभाजन सभ्य समाज के लिए आवश्यक है परंतु जाति-प्रथा इसे जन्माधारित बना देती है, जिसकी आंबेडकर आलोचना करते हैं।
Common mistakes
- 1.दो से अधिक प्रश्नों का आंशिक उत्तर लिखने का प्रयास करना, जिससे कोई भी उत्तर पूर्ण नहीं बन पाता
- 2.पाठ व लेखक का नाम न लिखना, जिससे उत्तर सामान्य/अस्पष्ट लगता है
- 3.'जाति प्रथा' के उत्तर में केवल श्रम-विभाजन की परिभाषा देकर आंबेडकर की आलोचना (जन्माधारित विभाजन) का उल्लेख न करना
Analysis and explanation
संदर्भ: यह प्रश्न आरोह भाग 2 के तीन भिन्न गद्य पाठों — 'भक्तिन' (महादेवी वर्मा), 'काले मेघा पानी दे' (धर्मवीर भारती) और 'जाति प्रथा' (डॉ. भीमराव आंबेडकर) — पर आधारित विकल्प-प्रश्न है, जिसमें से किन्हीं दो का उत्तर देना है।
मुख्य अवधारणाएँ:
- 'भक्तिन': सेविका-स्वामिनी के औपचारिक संबंध से आगे बढ़कर बना आत्मीय, पारिवारिक रिश्ता।
- 'काले मेघा पानी दे': लोक-आस्था बनाम वैज्ञानिक तर्क का द्वंद्व एवं सामूहिक चेतना का महत्त्व।
- 'जाति प्रथा': श्रम-विभाजन की आर्थिक आवश्यकता बनाम भारतीय जाति-व्यवस्था में इसका दुरुपयोग।
परीक्षा में सावधानी: केवल दो प्रश्न चुनें और चयन के बाद उत्तर बदलने में समय न गँवाएँ; प्रत्येक उत्तर में पाठ/लेखक का नाम अवश्य लिखें तथा शब्द-सीमा (लगभग 60 शब्द) का पालन करें।
वास्तविक जीवन में: घरेलू सहायकों के साथ मानवीय संबंध, वर्षा को लेकर लोक-मान्यताएँ, और कार्यस्थल पर कौशल-आधारित (जन्म-आधारित नहीं) श्रम-विभाजन की बहसें आज भी प्रासंगिक हैं।
Interesting facts
महादेवी वर्मा का संस्मरण 'भक्तिन' उनके संस्मरण-संग्रह 'स्मृति की रेखाएँ' (1941) का प्रसिद्ध अंश है, जिसमें उन्होंने अपनी सेविका के व्यक्तित्व को आत्मीयता से चित्रित किया है।
धर्मवीर भारती का निबंध 'काले मेघा पानी दे' इलाहाबाद क्षेत्र की लोक-परंपरा 'इंदर सेना' पर आधारित है, जो आज भी कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा हेतु निकाली जाती है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय में जाति-प्रथा पर शोध-पत्र प्रस्तुत किया था, जिसके विचार बाद में उनके निबंधों में विस्तारित हुए।
Question details
Q29 of 31 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 12
- Subject
- Hindi Core
- Year
- 2026
- Section
- Section खंड-ग
- Marks
- 6
- Type
- Short Answer
- Chapter
- उषा (शमशेर बहादुर सिंह) — आरोह भाग 2
- Topic
- भक्तिन, काले मेघा पानी दे व श्रम-विभाजन (जाति प्रथा) - लघु उत्तरीय
- Bloom's level
- understand
- Syllabus topic
- आरोह भाग 2, गद्य खंड — 'भक्तिन' (महादेवी वर्मा), 'काले मेघा पानी दे' (धर्मवीर भारती), 'जाति प्रथा' (डॉ. भीमराव आंबेडकर): किन्हीं दो प्रश्नों पर आधारित
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us and we will fix it.
Frequently asked questions
इस प्रश्न में कितने उप-प्रश्नों के उत्तर देने हैं?
दिए गए तीन उप-प्रश्नों में से किन्हीं दो के ही उत्तर लगभग 60 शब्दों में देने हैं; तीनों का उत्तर देने पर अतिरिक्त अंक नहीं मिलते।
महादेवी वर्मा और भक्तिन का संबंध किस प्रकार का था?
यह संबंध औपचारिक स्वामिनी-सेविका का न होकर एक आत्मीय, पारिवारिक और वात्सल्यपूर्ण रिश्ता था, जिसमें भक्तिन ने सेवा के साथ-साथ अपनी स्वतंत्र राय व निर्णय-क्षमता भी बनाए रखी।
डॉ. आंबेडकर के अनुसार श्रम-विभाजन में क्या दोष है?
डॉ. आंबेडकर श्रम-विभाजन को आर्थिक दृष्टि से आवश्यक मानते हैं, परंतु भारतीय जाति-प्रथा में यह श्रमिकों के जन्माधारित, स्थायी विभाजन में बदल जाता है, जो व्यक्ति की रुचि व स्वतंत्रता को नकारता है।