Q30
4 marksShort AnswerSection खंड-ग

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए : (2 × 2 = 4)

(i) 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर भगत जी के चरित्र की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।

(ii) 'शिरीष के फूल' निबंध के आधार पर लिखिए कि पाठ में शिरीष के फूल की तुलना किससे और क्यों की गई है ?

(iii) " 'दासता' केवल कानूनी पराधीनता को ही नहीं कहा जा सकता ।" इस कथन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 'मेरी कल्पना का आदर्श समाज' में 'दासता' को किन व्यापक अर्थों में परिभाषित किया है ?

उषा (शमशेर बहादुर सिंह) — आरोह भाग 2
बाज़ार दर्शन, शिरीष के फूल व दासता की परिभाषा (जाति प्रथा) - लघु उत्तरीय
Official Answer

प्रश्नपत्र में दिए तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 40 शब्दों में अपेक्षित हैं; सुविधा हेतु तीनों के मॉडल उत्तर यहाँ दिए गए हैं:


(i) भगत जी के चरित्र की विशेषताएँ ('बाज़ार दर्शन'):

भगत जी सादगी, संतोष व आत्मसंयम के प्रतीक हैं। वे चूरन बेचने वाले (चूरनवाले) हैं और बाज़ार जाकर भी केवल अपनी आवश्यकता की वस्तुएँ — जीरा और काला नमक — ही खरीदते हैं तथा बाज़ार के आकर्षक व दिखावटी सामान से पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं। यही कारण है कि 'बाज़ार का जादू' उन पर नहीं चल पाता। वे सिद्धांतनिष्ठ हैं और मन की शक्ति से क्रय-लालसा पर नियंत्रण रखने वाले संयमी व्यक्ति हैं।


(ii) शिरीष के फूल की तुलना ('शिरीष के फूल'):

लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी ने शिरीष के फूल की तुलना अवधूत योगी व गांधीजी से की है, क्योंकि यह कड़ी धूप-लू में भी धैर्यपूर्वक खिला, हरा-भरा व ताज़ा बना रहता है — ठीक जैसे गांधीजी विषम परिस्थितियों में भी अविचलित व आशावान बने रहे।


(iii) आंबेडकर द्वारा 'दासता' की व्यापक परिभाषा:

आंबेडकर के अनुसार दासता केवल कानूनी बंधन तक सीमित नहीं; जब किसी व्यक्ति को अपनी इच्छा व विचार के अनुसार जीवन जीने से रोककर दूसरों की इच्छानुसार जीने पर विवश किया जाए, वह भी दासता है — कानूनी स्वतंत्रता के बावजूद सामाजिक-आर्थिक बंधन में जकड़ा व्यक्ति वास्तव में दास ही है।

बाज़ार दर्शनजैनेन्द्र कुमारभगत जीशिरीष के फूलहजारी प्रसाद द्विवेदीजाति प्रथादासता की परिभाषाडॉ. भीमराव आंबेडकर

Marking Scheme

  • 1प्रत्येक चयनित प्रश्न हेतु 2 अंक (कुल किन्हीं दो प्रश्नों के लिए 2×2=4)
  • 2(i) भगत जी: चरित्र-विशेषता (संतोष/संयम) 1 अंक, उदाहरण सहित स्पष्टीकरण 1 अंक
  • 3(ii) शिरीष के फूल: तुलना किससे (अवधूत/गांधीजी) 1 अंक, तुलना का आधार/कारण 1 अंक
  • 4(iii) दासता: व्यापक परिभाषा 1 अंक, कानूनी दासता से भिन्नता स्पष्ट करना 1 अंक

Hint

तीन में से कोई दो प्रश्न चुनें; प्रत्येक उत्तर में पाठ/लेखक का नाम व एक ठोस तर्क/उदाहरण देते हुए लगभग 40 शब्दों में लिखें।

Quick Oral Answer

भगत जी संतोष व आत्मसंयम के प्रतीक हैं; शिरीष का फूल विषम परिस्थितियों में स्थिरचित्तता के कारण अवधूत/गांधीजी जैसा है; दासता केवल कानूनी नहीं, इच्छा व स्वतंत्रता के दमन को भी कहते हैं।

Analysis & Explanation

संदर्भ: यह प्रश्न आरोह भाग 2 के तीन गद्य पाठों — 'बाज़ार दर्शन' (जैनेन्द्र कुमार), 'शिरीष के फूल' (हजारी प्रसाद द्विवेदी) और 'जाति प्रथा' (डॉ. भीमराव आंबेडकर) — पर आधारित है, जिसमें से किन्हीं दो का उत्तर देना है।


मुख्य अवधारणाएँ:

  • भगत जी: संतोषी वृत्ति व आत्म-नियंत्रण का आदर्श उदाहरण, बाज़ार के मायाजाल से अप्रभावित।
  • शिरीष का फूल: प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सहज, स्थिरचित्त व्यक्तित्व का प्रतीक — अवधूत/गांधीजी से तुलना।
  • 'दासता' की व्यापक परिभाषा: केवल कानूनी नहीं, सामाजिक-मानसिक परतंत्रता भी दासता है।

परीक्षा में सावधानी: प्रत्येक उत्तर में पाठ व लेखक का नाम अवश्य लिखें; शब्द-सीमा (लगभग 40 शब्द) में संक्षिप्त परंतु ठोस तर्क दें, अनावश्यक विस्तार से बचें।


वास्तविक जीवन में: संतोषी वृत्ति (भगत जी), विषम परिस्थितियों में स्थिरता (शिरीष/गांधीजी) और सामाजिक असमानता की गहरी समझ (आंबेडकर) — तीनों मूल्य आज के उपभोक्तावादी व असमान समाज में विशेष प्रासंगिक हैं।

Common Mistakes

  1. 1भगत जी की विशेषताओं को केवल 'गरीब व्यक्ति' कहकर सीमित कर देना, संतोष व आत्मसंयम के गहरे भाव को न पकड़ पाना
  2. 2शिरीष की तुलना का 'आधार' (प्रतिकूलता में भी सहजता) स्पष्ट किए बिना केवल 'गांधीजी से तुलना' लिख देना
  3. 3'दासता' को केवल कानूनी गुलामी तक सीमित समझना, सामाजिक-मानसिक परतंत्रता के व्यापक अर्थ को नज़रअंदाज़ करना

Interesting Facts

जैनेन्द्र कुमार का निबंध 'बाज़ार दर्शन' उपभोक्तावाद व बाज़ार के मनोविज्ञान पर हिंदी की सर्वाधिक चर्चित रचनाओं में से एक माना जाता है।

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने 'शिरीष के फूल' निबंध गर्मी के चरम मौसम में लिखा था, जब शिरीष के अतिरिक्त प्रायः सभी वृक्ष झुलस जाते हैं।

डॉ. भीमराव आंबेडकर का निबंध मूलतः 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रस्तुत शोध-पत्र 'Castes in India' पर आधारित है।

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Frequently Asked Questions

इस प्रश्न में कितने उत्तर देने अनिवार्य हैं?

दिए गए तीन उप-प्रश्नों में से किन्हीं दो का उत्तर लगभग 40 शब्दों में देना अनिवार्य है।

भगत जी 'बाज़ार दर्शन' में क्या करते हैं?

भगत जी चूरनवाले हैं; वे बाज़ार जाकर भी केवल अपनी आवश्यकता की वस्तुएँ — जीरा और काला नमक — ही खरीदते हैं और बाज़ार के आकर्षण, दिखावे व फालतू खरीदारी से पूर्णतः अप्रभावित रहते हैं, इसलिए 'बाज़ार का जादू' उन पर नहीं चलता।

शिरीष के फूल की तुलना गांधीजी से क्यों की गई है?

क्योंकि दोनों ही अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों (कड़ी गर्मी/कठिन राजनीतिक हालात) में भी सहज, अविचलित व आशावान बने रहते हैं।