Q31
10 marksLong AnswerSection खंड-ग

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए : (2 × 5 = 10)

(i) " 'सिल्वर वैडिंग' कहानी वर्तमान युग में बदलते हुए जीवन मूल्यों की कहानी है ।" स्पष्ट कीजिए कि ये जीवन मूल्य कौन-से हैं और क्यों बदल रहे हैं ।

(ii) "यह खेती हमें गड्ढे में धकेल रही है । पढ़ जाऊँगा तो नौकरी लग जाएगी, चार पैसे हाथ में रहेंगे ।" – 'जूझ' पाठ से उद्धृत इस कथन के संदर्भ में ग्रामीण युवाओं की मानसिक स्थिति का वर्णन कीजिए ।

(iii) लेखक ने सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े नगर मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना की तुलना आज के नगरों से किस प्रकार की है ? 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के आधार पर विवेचना कीजिए ।

उषा (शमशेर बहादुर सिंह) — आरोह भाग 2
सिल्वर वैडिंग, जूझ व अतीत में दबे पाँव - दीर्घ उत्तरीय
Official Answer

प्रश्नपत्र में दिए तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 100 शब्दों में अपेक्षित हैं; सुविधा हेतु तीनों के मॉडल उत्तर यहाँ दिए गए हैं:


(i) 'सिल्वर वैडिंग' में बदलते जीवन-मूल्य:

मनोहर श्याम जोशी की कहानी 'सिल्वर वैडिंग' परंपरागत पारिवारिक मूल्यों — त्याग, अनुशासन, सामूहिकता व आत्मीयता — के स्थान पर आधुनिक, पश्चिमी व उपभोक्तावादी मूल्यों के उभार को दिखाती है। यशोधर बाबू जैसी पुरानी पीढ़ी परंपरा व नैतिक मूल्यों में विश्वास रखती है, जबकि उनके बच्चे आधुनिक जीवन-शैली, व्यक्तिवाद व भौतिक सुख-सुविधाओं को प्राथमिकता देते हैं — जैसे विवाह-वर्षगाँठ को पश्चिमी ढंग से 'सिल्वर वैडिंग' के रूप में मनाना। यह बदलाव आर्थिक उदारीकरण, पाश्चात्य प्रभाव व बदलती पीढ़ी की महत्त्वाकांक्षाओं के कारण हो रहा है, जिससे पीढ़ियों के बीच मूल्य-संघर्ष व अकेलापन उत्पन्न होता है।


(ii) 'जूझ' में ग्रामीण युवाओं की मानसिकता:

'जूझ' में उद्धृत यह कथन दिखाता है कि ग्रामीण युवा खेती को घाटे व अनिश्चितता का सौदा मानने लगे हैं तथा शिक्षा व नौकरी को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान व बेहतर जीवन का साधन समझते हैं। आनंद यादव के इस आत्मकथात्मक अंश में नायक आनंदा के पिता पढ़ाई को व्यर्थ समझते हैं तथा मजदूरी/श्रम के पैसे बचाने के लिए पुत्र को स्कूल से हटाकर खेत के काम में जोत देना चाहते हैं, जबकि आनंदा पढ़-लिखकर गरीबी, अपमान व संघर्षपूर्ण ग्रामीण जीवन से मुक्ति पाना चाहता है। ध्यान रहे, पिता खेती को हेय नहीं मानते — वे तो बेटे के श्रम का उपयोग खेत में ही करना चाहते हैं, इसीलिए पिता-पुत्र के बीच शिक्षा को लेकर गहरा द्वंद्व उत्पन्न होता है। यह द्वंद्व ग्रामीण युवाओं की बदलती आकांक्षाओं व परंपरागत कृषि-जीवन के प्रति मोहभंग को दर्शाता है।


(iii) मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना व आधुनिक नगरों की तुलना:

लेखक ओम थानवी सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े नगर मुअनजो-दड़ो की अत्यंत सुनियोजित नगर-योजना — चौड़ी, सीधी व एक-दूसरे को समकोण पर काटती सड़कें, वैज्ञानिक जल-निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक स्नानागार तथा प्रायः हर घर में स्नानघर व कुएँ — की तुलना आज के अनियोजित, अव्यवस्थित नगरों से करते हैं। वे बताते हैं कि आज अनेक आधुनिक शहरों में भी जल-निकासी व सफाई-व्यवस्था उतनी वैज्ञानिक व सुव्यवस्थित नहीं जितनी हज़ारों वर्ष पूर्व मुअनजो-दड़ो में थी, जो हमें अपने नगर-नियोजन पर आत्ममंथन के लिए बाध्य करती है।

सिल्वर वैडिंगमनोहर श्याम जोशीजूझआनंद यादवअतीत में दबे पाँवओम थानवीमुअनजो-दड़ोबदलते जीवन-मूल्य

Marking Scheme

  • 1प्रत्येक चयनित प्रश्न हेतु 5 अंक (कुल किन्हीं दो प्रश्नों के लिए 2×5=10)
  • 2(i) सिल्वर वैडिंग: पुरानी पीढ़ी के मूल्य 1-2 अंक, नई पीढ़ी के बदलते मूल्य 1-2 अंक, कारण/निष्कर्ष 1 अंक
  • 3(ii) जूझ: कथन का संदर्भ/भाव 1-2 अंक, ग्रामीण युवाओं की मानसिकता का विश्लेषण 2 अंक, निष्कर्ष 1 अंक
  • 4(iii) अतीत में दबे पाँव: मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना की विशेषताएँ 2-3 अंक, आज के नगरों से तुलना 2 अंक

Hint

तीन में से कोई दो प्रश्न चुनें; प्रत्येक उत्तर में पाठ/लेखक का नाम, ठोस उदाहरण व स्पष्ट कारण देते हुए लगभग 100 शब्दों में लिखें।

Quick Oral Answer

'सिल्वर वैडिंग' परंपरागत बनाम आधुनिक मूल्यों का टकराव दिखाती है; 'जूझ' में ग्रामीण युवा खेती छोड़कर शिक्षा को प्राथमिकता देने लगे हैं; 'अतीत में दबे पाँव' मुअनजो-दड़ो की वैज्ञानिक नगर-योजना की तुलना आज के अनियोजित नगरों से करता है।

Analysis & Explanation

संदर्भ: यह प्रश्न वितान भाग 2 के तीन पूरक पाठों — 'सिल्वर वैडिंग' (मनोहर श्याम जोशी), 'जूझ' (आनंद यादव) और 'अतीत में दबे पाँव' (ओम थानवी) — पर आधारित है, जिसमें से किन्हीं दो का लगभग 100 शब्दों में उत्तर देना है।


मुख्य अवधारणाएँ:

  • सिल्वर वैडिंग: परंपरागत बनाम आधुनिक/पश्चिमी जीवन-मूल्यों का टकराव, पीढ़ी-अंतराल।
  • जूझ: ग्रामीण युवाओं में खेती के प्रति मोहभंग व शिक्षा के प्रति बढ़ता आकर्षण।
  • अतीत में दबे पाँव: मुअनजो-दड़ो की वैज्ञानिक नगर-योजना व आज के अनियोजित नगरों के बीच विरोधाभास।

परीक्षा में सावधानी: दीर्घ उत्तर में पाठ/लेखक का नाम, ठोस उदाहरण व स्पष्ट कारण-परिणाम संबंध अवश्य दें; केवल कथानक न दोहराएँ, विश्लेषण पर बल दें।


वास्तविक जीवन में: पीढ़ी-अंतराल, ग्रामीण पलायन व शहरी नियोजन की चुनौतियाँ आज भी भारतीय समाज के प्रमुख मुद्दे हैं, जो इन तीनों पाठों को समसामयिक रूप से प्रासंगिक बनाते हैं।

Common Mistakes

  1. 1'सिल्वर वैडिंग' में केवल कहानी का सार लिख देना, 'कौन-से मूल्य बदल रहे हैं और क्यों' का विश्लेषण न करना
  2. 2'जूझ' के उत्तर में आनंदा व उसके पिता के दृष्टिकोण के बीच का द्वंद्व स्पष्ट न करना
  3. 3मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना की विशेषताओं (सड़कें, जल-निकासी, स्नानागार) को गिनाए बिना सीधे 'तुलना' पर चले जाना

Interesting Facts

मनोहर श्याम जोशी दूरदर्शन के प्रसिद्ध धारावाहिक 'हम लोग' के पटकथा-लेखक भी थे, जिसे भारत का पहला सोप ओपेरा माना जाता है।

'जूझ' मूलतः मराठी आत्मकथात्मक उपन्यास है, जिसके लिए आनंद यादव को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

मुअनजो-दड़ो (लगभग 2500 ईसा पूर्व) की जल-निकासी व्यवस्था को विश्व की सबसे प्राचीन वैज्ञानिक सीवर-प्रणालियों में से एक माना जाता है।

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Frequently Asked Questions

इस प्रश्न में कितने प्रश्नों के उत्तर देने हैं?

दिए गए तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो का उत्तर लगभग 100 शब्दों में देना है, प्रत्येक 5 अंक का है।

'सिल्वर वैडिंग' में कौन-से जीवन-मूल्य बदल रहे हैं?

परंपरागत त्याग, अनुशासन व सामूहिकता के मूल्यों के स्थान पर आधुनिक, व्यक्तिवादी, उपभोक्तावादी व पश्चिमी जीवन-शैली के मूल्य उभर रहे हैं, जो आर्थिक उदारीकरण व पाश्चात्य प्रभाव के कारण हैं।

मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना की क्या विशेषताएँ थीं?

चौड़ी व सीधी सड़कें, वैज्ञानिक जल-निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक स्नानागार तथा प्रायः हर घर में स्नानघर व कुएँ — ये सभी मुअनजो-दड़ो की अत्यंत सुनियोजित नगर-रचना को दर्शाते हैं।