Question 132 marksShort AnswerSection क

काव्यांश के आधार पर ग्रामीण प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन कीजिए ।

अपठित बोध (अपठित काव्यांश) — यह किसी निर्धारित NCERT पाठ का अंश नहीं, बल्कि अपठित/नया काव्यांश है
अपठित काव्यांश - ग्रामीण प्रकृति का सौंदर्य

Official answer

दिए गए काव्यांश में कवि ने ग्रामीण प्रकृति के सौंदर्य को अत्यंत जीवंत और मानवीकृत बिंबों के माध्यम से चित्रित किया है।


  • धूप-सरसों का चित्रण: धूप को मायके आई मगन बेटी और फूली सरसों को उससे गले मिलती सखी के रूप में दिखाया गया है, जो प्रकृति में आत्मीयता और उल्लास का भाव भरता है।
  • पक्षियों का कलरव: खेतों के ऊपर मीठे स्वर में उड़ते पक्षियों के झुंड सारंगी की मधुर धुन का आभास कराते हैं।
  • नदी व आकाश का सामंजस्य: निर्मल आकाश नदी के जल में झाँकता हुआ शांत खड़ा प्रतीत होता है, जिससे प्रकृति की निश्छल शांति प्रकट होती है।

इस प्रकार कवि ने रंग, गंध, ध्वनि और गति के सुंदर सम्मिश्रण से ग्रामीण प्रकृति के मनोरम, सजीव और शांतिपूर्ण रूप को उकेरा है।

Answer keywords:ग्रामीण प्रकृतिधूप-सरसों बिंबमानवीकरणसारंगीपक्षी कलरवअपठित काव्यांशप्रकृति-चित्रण

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: काव्यांश के कम-से-कम दो प्रकृति-बिंबों (जैसे धूप-सरसों, पक्षी-कलरव, नदी-आकाश) का सही उल्लेख
  2. 2.1 अंक: बिंबों को जोड़कर सुसंगत एवं अपने शब्दों में वर्णन प्रस्तुत करना

Hint

काव्यांश के मानवीकृत बिंबों (धूप-बेटी, सरसों-सखी, सारंगी-पक्षी) को पहचानकर अपने शब्दों में जोड़ें।

Quick oral answer

काव्यांश में धूप-सरसों के मिलन, पक्षियों के कलरव और नदी में झलकते आकाश के मानवीकृत चित्रण द्वारा ग्रामीण प्रकृति का सजीव व शांत सौंदर्य उकेरा गया है।

Common mistakes

  1. 1.काव्यांश की पंक्तियाँ ज्यों-की-त्यों उतार देना, अपने शब्दों में व्याख्या न करना
  2. 2.केवल एक बिंब का उल्लेख कर देना, जबकि पूर्ण उत्तर के लिए कम-से-कम दो-तीन बिंबों की चर्चा आवश्यक है
  3. 3.'ग्रामीण' शब्द से स्पष्ट जुड़ाव न दिखाना

Analysis and explanation

काव्य-कौशल: कवि ने प्रकृति के निर्जीव तत्वों (धूप, सरसों, आकाश) का मानवीकरण कर उन्हें मानवीय संबंधों (बेटी, सखी) से जोड़ा है, जिससे ग्रामीण परिवेश आत्मीय और सजीव प्रतीत होता है।


परीक्षा में सावधानी: उत्तर में काव्यांश की मूल पंक्तियाँ ज्यों-की-त्यों न उतारें; भाव को समझकर अपने शब्दों में प्रस्तुत करें। कम-से-कम दो-तीन भिन्न बिंबों (धूप-सरसों, पक्षी, नदी-आकाश) का उल्लेख अनिवार्य है।


वास्तविक जीवन में: ऐसे बिंब गाँव के वातावरण—खेत, पक्षी, नदी—के प्रति संवेदनशीलता जगाते हैं और प्रकृति-संरक्षण के भाव को भी बल देते हैं।

Interesting facts

अपठित काव्यांश खंड परीक्षार्थी की भावग्रहण एवं मौलिक अभिव्यक्ति क्षमता जाँचने के लिए दिया जाता है, इसमें रटी हुई जानकारी काम नहीं आती

प्रकृति का मानवीकरण (मनुष्य जैसा चित्रण) हिंदी काव्य की एक लोकप्रिय शैली रही है, जिसका प्रयोग सुमित्रानंदन पंत व जयशंकर प्रसाद जैसे कवियों ने भी किया है

Question details

Q13 of 31 questions

Board
CBSE
Class
Class 12
Subject
Hindi Core
Year
2026
Section
Section क
Marks
2
Type
Short Answer
Chapter
अपठित बोध (अपठित काव्यांश) — यह किसी निर्धारित NCERT पाठ का अंश नहीं, बल्कि अपठित/नया काव्यांश है
Topic
अपठित काव्यांश - ग्रामीण प्रकृति का सौंदर्य
Bloom's level
understand
Syllabus topic
अपठित बोध: अपठित काव्यांश पर आधारित भावग्रहण एवं वर्णनात्मक प्रश्न
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

अपठित काव्यांश के उत्तर में पंक्तियाँ सीधे उद्धृत करना सही है?

नहीं, परीक्षक अपने शब्दों में भाव-ग्रहण देखना चाहते हैं। पंक्तियों को शब्दशः उतारने से पूर्ण अंक नहीं मिलते; भाव को समझकर अपनी भाषा में उत्तर देना चाहिए।

'ग्रामीण प्रकृति सौंदर्य' जैसे प्रश्नों में किन बिंबों का उल्लेख जरूरी है?

धूप, फसल (सरसों), पक्षी, नदी, आकाश जैसे प्राकृतिक तत्वों के मानवीकृत चित्रण का उल्लेख अवश्य करें, क्योंकि यही काव्यांश की मूल संवेदना है।