Q44
1 markMCQSection

'मीरा श्रीकृष्ण की चाकरी करना चाहती है' - इस कथन के पक्ष में उचित कारण है :

अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
मीराबाई का भक्ति पद - चाकरी का कारण

Options

()उनका नाम-स्मरण करना चाहती है।
()उनके दैनिक कार्यों में हाथ बँटाना चाहती है।
()उनके दर्शनों का लाभ उठाना चाहती है।
()उनके लिए बाग-बगीचे लगाना चाहती है।
Official Answer

ग) उनके दर्शनों का लाभ उठाना चाहती है।

पंक्ति "चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरसण पास्यूँ" स्पष्ट करती है कि मीरा चाकरी इसलिए करना चाहती हैं ताकि उन्हें प्रतिदिन श्रीकृष्ण का दर्शन प्राप्त हो सके - यही उनका मूल उद्देश्य है।

चाकरीदर्शननित उठमीराश्रीकृष्ण

Marking Scheme

  • 11 अंक: सही विकल्प (ग) चुनने पर पूर्ण अंक।
  • 2आंशिक अंक की व्यवस्था नहीं - MCQ में या तो पूर्ण अंक या शून्य।

Hint

काव्यांश में 'नित उठ दरसण पास्यूँ' पंक्ति पर ध्यान दें - चाकरी करने का मूल उद्देश्य वही है।

Quick Oral Answer

मीरा चाकरी इसलिए करना चाहती हैं ताकि उन्हें प्रतिदिन श्रीकृष्ण का दर्शन मिल सके - यही उनकी सेवा-भावना का मूल कारण है।

Analysis & Explanation

काव्यांश की पंक्ति 'चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरसण पास्यूँ' मीरा की चाकरी करने की इच्छा का मूल कारण स्पष्ट करती है।


सही उत्तर का आधार

  • मीरा चाकरी (सेवा) इसलिए करना चाहती हैं ताकि उन्हें प्रतिदिन (नित उठ) श्रीकृष्ण का दर्शन प्राप्त हो सके।
  • दर्शन प्राप्ति ही मीरा की सबसे बड़ी अभिलाषा है, जो पूरे पद में बार-बार दोहराई गई है ('दरसण पास्यूँ' - दो बार)।

अन्य विकल्पों का खंडन

  • 'नाम-स्मरण' चाकरी का कारण नहीं बल्कि चाकरी के बदले मिलने वाला 'खरची' (जेब-खर्च) है।
  • 'दैनिक कार्यों में हाथ बँटाना' काव्यांश में कहीं उल्लिखित नहीं, पूर्णतः निराधार विकल्प है।
  • 'बाग-बगीचे लगाना' मीरा की चाकरी की एक क्रिया अवश्य है, परन्तु यह चाकरी करने का 'कारण' नहीं बल्कि की जाने वाली एक गतिविधि मात्र है - कारण तो दर्शन-प्राप्ति ही है।

परीक्षा में सावधानी

  • कारण (उद्देश्य) और साधन/क्रिया (गतिविधि) में स्पष्ट अंतर समझना आवश्यक है।

Common Mistakes

  1. 1'सुमरण/खरची' को चाकरी का कारण समझ लेना, जबकि वह चाकरी का प्रतिफल है, कारण नहीं।
  2. 2'बाग लगास्यूँ' को मुख्य कारण मान लेना, जबकि यह केवल एक सहायक क्रिया है।

Interesting Facts

पद में 'दरसण' शब्द दो बार प्रयुक्त हुआ है, जो दर्शन-प्राप्ति की तीव्र लालसा को रेखांकित करता है।

भक्ति काल में 'दर्शन' को भक्त और भगवान के बीच सीधे साक्षात्कार का सर्वोच्च साधन माना गया है।

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Frequently Asked Questions

मीरा चाकरी क्यों करना चाहती हैं?

क्योंकि चाकरी करने से उन्हें प्रतिदिन श्रीकृष्ण का दर्शन प्राप्त होगा, जो उनकी सबसे बड़ी अभिलाषा है।