'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ की लेखिका को 'लायुंग' किन कारणों से अधिक पसंद आया? आपके विचार से किसी पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध और दर्शनीय बनाने वाले बिंदु कौन-से होते हैं?
'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ की लेखिका को 'लायुंग' किन कारणों से अधिक पसंद आया? आपके विचार से किसी पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध और दर्शनीय बनाने वाले बिंदु कौन-से होते हैं?
Official answer
लेखिका मधु कांकरिया को 'लायुंग' इसलिए अधिक पसंद आया क्योंकि यूमथांग जाने से पहले वे कुछ समय यहीं बिताना चाहती थीं — ऊँची पहाड़ियों के निचले हिस्से में बसा यह स्थान सबसे शांत, एकांत व अछूते प्राकृतिक सौंदर्य वाला था, जहाँ भीड़-भाड़ व शहरी कोलाहल से दूर सुकून का अनुभव होता है।
मेरे विचार से किसी पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध व दर्शनीय बनाने वाले प्रमुख बिंदु ये हैं: (1) अछूता, स्वच्छ प्राकृतिक सौंदर्य (पहाड़, नदियाँ, वनस्पति), (2) शांत व प्रदूषण-मुक्त वातावरण, (3) स्थानीय संस्कृति, परंपरा व लोगों की मेहमाननवाज़ी, (4) सुगम यातायात व बुनियादी सुविधाएँ, तथा (5) ऐतिहासिक या धार्मिक महत्त्व। इन सभी बिंदुओं का समन्वय ही किसी स्थान को पर्यटकों के लिए वास्तव में आकर्षक व यादगार बनाता है।
Marking scheme
- 1.2 अंक: लायुंग के पसंद आने के पाठ-आधारित कारण — शांत/एकांत स्थान, अछूता प्राकृतिक सौंदर्य आदि का सही उल्लेख।
- 2.2 अंक: पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध/दर्शनीय बनाने वाले बिंदुओं पर तर्कसंगत, मौलिक विचार (कम-से-कम 3-4 बिंदु)।
Hint
दो भाग स्पष्ट रूप से अलग करके लिखें — पहले लायुंग के पसंद आने के पाठ-आधारित कारण (शांत, एकांत, अछूती प्राकृतिक सुंदरता), फिर अपने विचार से पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध बनाने वाले बिंदु।
Quick oral answer
लायुंग का शांत, एकांत व अछूता प्राकृतिक सौंदर्य लेखिका को अधिक पसंद आया; किसी पर्यटन स्थल को दर्शनीय बनाने के लिए प्रकृति, स्वच्छता, संस्कृति और सुविधाएँ आवश्यक हैं।
Common mistakes
- 1.प्रश्न के दूसरे भाग (अपने विचार) को छोड़ देना या बहुत संक्षेप में लिखना।
- 2.लायुंग के पाठ-आधारित कारणों के बजाय पूरी यात्रा-वृत्तांत की सामान्य जानकारी दे देना।
Analysis and explanation
यह प्रश्न मधु कांकरिया रचित यात्रा-वृत्तांत 'साना-साना हाथ जोड़ि' (कृतिका भाग 2) पर आधारित है, जिसमें लेखिका ने सिक्किम (गंतोक से यूमथांग की ओर) की यात्रा के दौरान देखे स्थलों — जिनमें लायुंग भी सम्मिलित है — का वर्णन किया है।
प्रश्न की संरचना
- इसमें दो भाग हैं: पहला पाठ-आधारित तथ्यात्मक (लायुंग क्यों पसंद आया) और दूसरा वैयक्तिक-विश्लेषणात्मक (पर्यटन स्थल को क्या प्रसिद्ध बनाता है) — दोनों को संतुलित रूप से उत्तर देना आवश्यक है।
परीक्षा में सावधानी
- विद्यार्थी प्रायः केवल पाठ के तथ्य दोहराकर दूसरे भाग (अपने विचार) को बहुत संक्षेप में लिखते हैं, जिससे मूल्यांकन-स्तर के अंक कटते हैं।
- लायुंग के प्राकृतिक सौंदर्य, शांति व एकांत का उल्लेख करते हुए पर्यटन स्थल की विशेषताओं (प्रकृति, संस्कृति, सुविधा, स्वच्छता) पर स्वतंत्र विचार भी प्रस्तुत करें।
वास्तविक जीवन
- यह पाठ प्रकृति-संरक्षण व शांत, कम प्रदूषित स्थलों के महत्त्व की सीख देता है, जो आज के स्थायी (sustainable) पर्यटन की अवधारणा से जुड़ता है।
Interesting facts
'साना-साना हाथ जोड़ि' शीर्षक एक स्थानीय (नेपाली/लेप्चा) लोकोक्ति से प्रेरित है, जिसका भाव है 'छोटे-छोटे हाथ जोड़कर श्रद्धा/प्रार्थना करना', जो सिक्किम की सादगी और श्रद्धा को दर्शाता है।
मधु कांकरिया समकालीन हिंदी की सशक्त कथाकार व यात्रा-लेखिका हैं, जिनकी रचनाएँ सामाजिक व पर्यावरणीय मुद्दों पर केंद्रित रहती हैं।
Question details
Q54 of 64 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 10
- Subject
- Hindi Course A
- Year
- 2026
- Section
- Section खंड ग
- Marks
- 4
- Type
- Short Answer
- Chapter
- यह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)
- Topic
- साना-साना हाथ जोड़ि — लायुंग का आकर्षण और पर्यटन स्थल की विशेषताएँ
- Bloom's level
- evaluate
- Syllabus topic
- कृतिका भाग 2: 'साना-साना हाथ जोड़ि' (मधु कांकरिया)
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
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Frequently asked questions
'साना-साना हाथ जोड़ि' किस विधा की रचना है?
यह मधु कांकरिया द्वारा रचित एक यात्रा-वृत्तांत (यात्रा-वर्णन) है, जो सिक्किम की यात्रा पर आधारित है।
लायुंग कहाँ स्थित है?
लायुंग सिक्किम में यूमथांग जाने के मार्ग में ऊँची पहाड़ियों के निचले हिस्से में बसा एक शांत, एकांत स्थान है, जिसे पाठ में लेखिका द्वारा विशेष रूप से पसंद किया गया है।