Q39
2 marksShort AnswerSection खंड ग

'नेताजी का चश्मा' पाठ में नेताजी की मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना बड़ी बात नहीं थी, बड़ी बात तो असली चश्मे की मौजूदगी थी। क्यों? उपयुक्त तर्कों के आधार पर उत्तर लिखिए।

अपठित बोध (काव्यांश)
नेताजी की मूर्ति पर असली चश्मे का महत्व
Official Answer

मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना केवल एक भौतिक कमी थी, जिसे कोई भी शिल्पकार जोड़ या हटा सकता था। परंतु कैप्टन चश्मेवाले जैसे साधारण व्यक्ति का बिना दिखावे के, बार-बार असली चश्मा लगाना दर्शाता था कि आम जनता के मन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के प्रति सच्चा सम्मान और देशभक्ति आज भी जीवित है। यही अटूट प्रेम मूर्ति की सजावट से कहीं अधिक महत्वपूर्ण था, इसलिए 'बड़ी बात' असली चश्मे की मौजूदगी ही थी।

नेताजी का चश्माकैप्टन चश्मेवालादेशभक्तिश्रद्धाप्रतीकस्वतःस्फूर्त सम्मान

Marking Scheme

  • 11 अंक: यह स्पष्ट करना कि पत्थर का चश्मा न होना केवल तकनीकी/भौतिक कमी थी, महत्वपूर्ण नहीं।
  • 21 अंक: असली चश्मे की मौजूदगी को आम जनता की स्वतःस्फूर्त देशभक्ति और सच्ची श्रद्धा के प्रतीक के रूप में स्पष्ट करना।

Hint

उत्तर में पत्थर के चश्मे और असली चश्मे के प्रतीकात्मक अंतर - दिखावा बनाम सच्ची श्रद्धा - को स्पष्ट करें।

Quick Oral Answer

पत्थर के चश्मे का न होना मात्र एक कमी थी, परंतु असली चश्मे की मौजूदगी आम आदमी की सच्ची, निःस्वार्थ देशभक्ति और नेताजी के प्रति श्रद्धा का प्रतीक थी - यही 'बड़ी बात' थी।

Analysis & Explanation

'नेताजी का चश्मा' पाठ का यह प्रश्न सच्ची देशभक्ति बनाम दिखावटी सम्मान के केंद्रीय भाव की समझ माँगता है।


अवधारणा

  • पत्थर की मूर्ति का चश्मा टूटना/चोरी होना एक भौतिक-तकनीकी कमी थी, जिसे कोई भी मूर्तिकार आसानी से ठीक कर सकता था।
  • कैप्टन चश्मेवाला बार-बार सस्ता पर असली चश्मा बिना किसी आदेश या पुरस्कार की आशा के लगाता था।

मुख्य तर्क

  • असली चश्मे की मौजूदगी आम जनता की स्वतःस्फूर्त देशभक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति जीवित सम्मान का प्रतीक थी।

परीक्षा में सावधानी

  • विद्यार्थी अक्सर केवल कथानक (कैप्टन चश्मा बेचता था) दोहरा देते हैं, पर 'बड़ी बात' का सही तर्क - सच्चे सम्मान का प्रतीक - लिखना भूल जाते हैं, जिससे पूर्ण अंक नहीं मिलते।

Common Mistakes

  1. 1केवल कहानी की घटना (चश्मा बदलना) दोहरा देना, बिना उसके प्रतीकात्मक/भावनात्मक अर्थ को स्पष्ट किए।
  2. 2'बड़ी बात' के तर्क को स्पष्ट न करके सामान्य उत्तर देना कि 'चश्मा अच्छा लगता था'।

Interesting Facts

यह कहानी स्वयं प्रकाश द्वारा लिखी गई है और इसमें प्रतीकात्मक रूप से यह दिखाया गया है कि सच्ची देशभक्ति किसी बड़े आयोजन में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे निःस्वार्थ कार्यों में झलकती है।

कैप्टन नाम का पात्र वास्तव में विकलांग था, फिर भी वह नियमित रूप से मूर्ति पर चश्मा लगाने का काम करता रहा, जो उसकी दृढ़ देशभक्ति को दर्शाता है।

Spotted a mistake or something unclear?

Tell us — we fix reported answers fast.

Frequently Asked Questions

कैप्टन चश्मेवाला मूर्ति पर चश्मा क्यों लगाता था?

अपनी सच्ची देशभक्ति और नेताजी के प्रति श्रद्धा के कारण, बिना किसी पुरस्कार की आशा के।

पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

सच्ची देशभक्ति दिखावे में नहीं बल्कि निःस्वार्थ, छोटे कार्यों में झलकती है।