Q30
1 markVery Short AnswerSection खंड ख

तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान

मृतक में भी डाल देगी जान

उपरोक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?

यह दंतुरित मुस्कान — नागार्जुन (काव्यखंड, क्षितिज भाग-2)
अलंकार — अतिशयोक्ति अलंकार
Official Answer

अतिशयोक्ति अलंकार — बच्चे की मुस्कान की प्रशंसा इतनी बढ़ा-चढ़ाकर की गई है कि वह मृतक में भी जान डाल सकती है, जो वास्तविकता में असंभव है; लोक-सीमा से बढ़ा कथन ही अतिशयोक्ति है।

अतिशयोक्ति अलंकारबढ़ा-चढ़ाकर वर्णनदंतुरित मुस्काननागार्जुनअर्थालंकार

Marking Scheme

  • 11 अंक: 'अतिशयोक्ति अलंकार' सही नाम लिखने पर पूर्ण अंक।

Hint

जहाँ किसी गुण या बात का वर्णन इतना बढ़ा-चढ़ाकर किया जाए कि वह असंभव-सा प्रतीत हो, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

Quick Oral Answer

यहाँ अतिशयोक्ति अलंकार है क्योंकि बच्चे की मुस्कान की महिमा को इतना बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है कि वह मृत व्यक्ति में भी जान डाल सकती है, जो असंभव है।

Analysis & Explanation

यह प्रश्न अतिशयोक्ति अलंकार की पहचान जाँचता है, जहाँ वर्णन लोक-सीमा को लाँघकर बढ़ा-चढ़ाकर किया जाता है।


अवधारणा

  • बच्चे की दंतुरित मुस्कान की महिमा इतनी बढ़ाकर बताई गई है कि वह मृतक में भी जान डाल सकती है — यह वास्तविकता में असंभव है।

मुख्य बिंदु

  • लोक-सीमा से बढ़कर, लगभग असंभव-सा कथन ही अतिशयोक्ति अलंकार की पहचान है।

परीक्षा में सावधानी

  • अतिशयोक्ति को उत्प्रेक्षा से न मिलाएँ — उत्प्रेक्षा में 'मानो', 'जनु' जैसे संभावनासूचक शब्द आते हैं, अतिशयोक्ति में नहीं।

वास्तविक जीवन

  • नागार्जुन की यह पंक्ति (क्षितिज भाग-2) शिशु की मुस्कान की जीवनदायिनी शक्ति को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।

Common Mistakes

  1. 1अतिशयोक्ति को उत्प्रेक्षा अलंकार समझ लेना, जबकि यहाँ 'मानो', 'जनु' जैसे कल्पना-सूचक शब्द अनुपस्थित हैं।
  2. 2पंक्ति के भाव को केवल अलंकार पहचाने बिना कविता की व्याख्या में उलझ जाना, जबकि प्रश्न केवल अलंकार-भेद माँगता है।

Interesting Facts

'यह दंतुरित मुस्कान' कविता नागार्जुन द्वारा रचित है और यह CBSE कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक 'क्षितिज भाग-2' के काव्यखंड में संकलित है।

अतिशयोक्ति अलंकार का प्रयोग भक्ति और रीतिकाल से लेकर आधुनिक हिंदी कविता तक व्यापक रूप से मिलता है, जैसे तुलसीदास की 'लाजहिं देखत पान की सुनिये' जैसी पंक्तियों में भी।

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Frequently Asked Questions

अतिशयोक्ति अलंकार किसे कहते हैं?

जब किसी बात का वर्णन लोक-सीमा से इतना बढ़ा-चढ़ाकर किया जाए कि वह असंभव-सी प्रतीत हो, तो वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

यह पंक्ति किस कविता से ली गई है?

यह पंक्ति नागार्जुन रचित कविता 'यह दंतुरित मुस्कान' से ली गई है, जो कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग-2 में संकलित है।