ठूँठ पर बैठे काल की तुलना किससे और किस आधार पर की गई है ?
ठूँठ पर बैठे काल की तुलना किससे और किस आधार पर की गई है ?
ठूँठ पर बैठे 'काल' की तुलना काग (कौवे) से की गई है। जिस प्रकार कौवा किसी सूखे ठूँठ पर चुपचाप, उदास और गुमसुम बैठा रहता है, उसी प्रकार काल भी ठूँठ पर गुमसुम बैठा, अधखुली/सोई आँखों से दिन के अवसान (सूर्यास्त) को स्थिर भाव से देख रहा है। तुलना का आधार है — मौन, निष्क्रियता और स्थिरता का भाव।
Marking Scheme
- 11 अंक: 'काग/कौवा' से तुलना बताने तथा मौन-स्थिरता के आधार का उल्लेख करने पर पूर्ण अंक।
Hint
काव्यांश में काल के साथ किस पक्षी का उपमान प्रयुक्त हुआ है, वही उत्तर है — मौन बैठने के भाव पर ध्यान दें।
Quick Oral Answer
काल की तुलना काग से की गई है, क्योंकि दोनों ठूँठ पर चुपचाप, गुमसुम और स्थिर भाव से बैठे रहते हैं — यही मौन-स्थिरता तुलना का आधार है।
Analysis & Explanation
संदर्भ: पंक्ति है — "काल काग की तरह ठूँठ पर गुमसुम बैठा, सोई आँखों देख रहा है दिवावसान को।"
तुलना का आधार
- कौवा प्रायः सूखे ठूँठ पर अकेला, चुपचाप बैठा दिखाई देता है — कोई हलचल नहीं, केवल मौन प्रतीक्षा।
- काल (समय/मृत्यु का प्रतीक) को भी उसी मुद्रा में बैठाया गया है — निष्क्रिय, स्थिर, पर सजग — जो दिन के ढलने (दिवावसान) को चुपचाप देख रहा है।
काव्यात्मक प्रभाव: यह उपमा काल को एक जीवंत, प्रतीक्षारत प्राणी के रूप में मानवीकृत करती है, जिससे संध्या के दृश्य में एक रहस्यमय, गंभीर और चिंतनशील भाव उत्पन्न होता है — मानो समय स्वयं ठहरकर दिन की समाप्ति देख रहा हो।
Common Mistakes
- 1'काग' के स्थान पर किसी अन्य पक्षी (जैसे कौआ छोड़कर उल्लू या तोता) का नाम लिख देना।
- 2केवल 'कौवे से तुलना' लिख देना और तुलना के आधार (मौन/स्थिरता) का उल्लेख न करना, जिससे अंक कट सकते हैं।
Interesting Facts
हिंदी काव्य-परंपरा में कौवे को प्रायः अकेलेपन, प्रतीक्षा और अशुभ सूचना का प्रतीक माना गया है, जो यहाँ काल के गंभीर स्वरूप को और सघन बनाता है।
'दिवावसान' शब्द दिन के अंत के साथ-साथ प्रतीकात्मक रूप से जीवन की क्षणभंगुरता की ओर भी संकेत करता है।
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Frequently Asked Questions
'काल' को काग से क्यों जोड़ा गया, किसी अन्य पक्षी से क्यों नहीं ?
काग (कौवा) पारंपरिक रूप से अकेलेपन, मौन प्रतीक्षा और गंभीरता का प्रतीक रहा है, जो काल के स्थिर, अपरिहार्य और चुपचाप बीतते जाने के भाव से मेल खाता है।
'सोई आँखों' का यहाँ क्या तात्पर्य है ?
'सोई आँखों' अधखुली, थकी हुई या तंद्रिल दृष्टि की ओर संकेत करता है, जो दिन के धीरे-धीरे ढलने के शांत, मंद दृश्य को और प्रभावी बनाता है।