फूली हुई सरसों से आकर कौन लिपट गई ?
फूली हुई सरसों से आकर कौन लिपट गई ?
Options
सही विकल्प: (A) धूप
काव्यांश की पंक्ति "फूली सरसों से आके लिपट गई है, जैसे दो हमजोली सखियाँ गले मिली हैं" में विषय पिछली पंक्तियों से चला आ रहा 'धूप' ही है — धूप को चाँदी की साड़ी पहने, मैके आई बेटी की तरह मगन बताया गया है और वही आकर फूली सरसों से सखी की तरह लिपट जाती है।
Marking Scheme
- 11 अंक: सही विकल्प (A) धूप के चयन हेतु — कोई आंशिक अंक नहीं।
Hint
काव्यांश की पहली पंक्तियों में जिसे 'साड़ी पहने' और 'मगन' बताया गया है, वही आगे की क्रिया का कर्ता है।
Quick Oral Answer
फूली सरसों से 'धूप' आकर लिपट गई, क्योंकि काव्यांश में धूप को ही नायिका के रूप में चित्रित किया गया है जो सखी-भाव से सरसों से मिलती है।
Analysis & Explanation
यह प्रश्न काव्यांश में प्रयुक्त मानवीकरण अलंकार की सही पहचान परखता है।
सही विकल्प क्यों सही है
- काव्यांश की पहली दो पंक्तियों में 'धूप' को नायिका के रूप में स्थापित किया गया है — "चाँदी की साड़ी पहने", "मैके में आई बेटी की तरह मगन"।
- अगली पंक्ति में क्रिया "लिपट गई है" का कर्ता भी यही धूप है, जो फूली सरसों से सखी-भाव से मिलती है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) हवा — काव्यांश में हवा का कोई उल्लेख नहीं है।
- (C) बेटी — 'बेटी' केवल उपमा (तरह) के रूप में प्रयुक्त है, वह स्वयं क्रिया की कर्ता नहीं है।
- (D) चाँदनी — काव्यांश भोर/दिन के दृश्य का वर्णन करता है, चाँदनी (रात्रि-प्रकाश) का प्रसंग यहाँ नहीं है।
परीक्षा-सुझाव: ऐसे प्रश्नों में क्रिया के कर्ता को पिछली पंक्तियों के प्रसंग से जोड़कर पहचानना चाहिए, केवल अंतिम पंक्ति पर निर्भर न रहें।
Common Mistakes
- 1क्रिया के कर्ता को अंतिम पंक्ति में ही खोजने की कोशिश करना, जबकि कर्ता पिछली पंक्ति से चला आ रहा है।
- 2उपमा में प्रयुक्त शब्द 'बेटी' को ही उत्तर मान लेना, जबकि वह केवल तुलना के लिए प्रयुक्त है।
Interesting Facts
प्रकृति की मानवीय भावों (जैसे सखी-भाव, मगनता) से तुलना करना छायावादोत्तर हिंदी कविता की एक प्रमुख शैलीगत विशेषता रही है।
सरसों के फूलने का मौसम (माघ-फागुन) भारतीय ग्रामीण जीवन में वसंत और उल्लास का प्रतीक माना जाता है।
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us — we fix reported answers fast.
Frequently Asked Questions
इस पंक्ति में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है ?
यहाँ मानवीकरण अलंकार है, क्योंकि धूप को सखी की तरह लिपटने और मैके आई बेटी की तरह मगन होने के मानवीय भाव दिए गए हैं।
इस प्रश्न को हल करने की सबसे तेज़ विधि क्या है ?
पूरे काव्यांश में क्रिया के कर्ता को पहचानने के लिए वाक्य की शुरुआत से अंत तक विषय की निरंतरता देखें, न कि केवल दी गई पंक्ति को अलग से पढ़ें।