निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए : ()
(i) 'रेडियो मूलत: एकरेखीय (लीनियर) माध्यम है ।' – कैसे ?
(ii) एंकर-बाइट से क्या तात्पर्य है ?
(iii) विशेष लेखन की भाषा-शैली सामान्य लेखन से किस प्रकार भिन्न है ? स्पष्ट कीजिए ।
(iv) समाचार और फीचर में क्या अंतर है ? उल्लेख कीजिए ।
(v) विश्लेषणात्मक रिपोर्ट किसे कहते हैं ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए : ()
(i) 'रेडियो मूलत: एकरेखीय (लीनियर) माध्यम है ।' – कैसे ?
(ii) एंकर-बाइट से क्या तात्पर्य है ?
(iii) विशेष लेखन की भाषा-शैली सामान्य लेखन से किस प्रकार भिन्न है ? स्पष्ट कीजिए ।
(iv) समाचार और फीचर में क्या अंतर है ? उल्लेख कीजिए ।
(v) विश्लेषणात्मक रिपोर्ट किसे कहते हैं ?
निम्नलिखित में से किन्हीं चार का उत्तर लगभग 40 शब्दों में अपेक्षित है; सुविधा हेतु सभी पाँचों बिंदुओं के उत्तर यहाँ दिए गए हैं:
(i) रेडियो एकरेखीय माध्यम क्यों: रेडियो में श्रोता कार्यक्रम को अपनी इच्छा से आगे-पीछे, रोक या दोहरा नहीं सकता; उसे प्रसारण के क्रम में ही सुनना पड़ता है। ध्यान भटकने पर छूटी बात दोबारा नहीं मिलती, इसलिए रेडियो को एकरेखीय (लीनियर) माध्यम कहते हैं।
(ii) एंकर-बाइट: टीवी समाचार में एंकर की प्रस्तुति के बीच संवाददाता, चश्मदीद या विशेषज्ञ के दृश्य व बयान (साउंड बाइट) को जोड़ा जाता है; इसी को एंकर-बाइट कहते हैं। यह समाचार को प्रामाणिकता व विश्वसनीयता प्रदान करता है।
(iii) विशेष लेखन की भाषा-शैली: विशेष लेखन (खेल, विज्ञान, व्यापार आदि) में विषय-विशेष शब्दावली व विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाता है, जबकि सामान्य लेखन सरल, तटस्थ व आमजन के लिए सुबोध होता है।
(iv) समाचार व फीचर में अंतर: समाचार तात्कालिक, तथ्यपरक व उलटा-पिरामिड शैली में लिखा तटस्थ विवरण है; फीचर किसी विषय पर विस्तृत, रचनात्मक व भावप्रधान लेखन है जिसमें लेखक की शैली झलकती है और कालबद्धता आवश्यक नहीं।
(v) विश्लेषणात्मक रिपोर्ट: वह रिपोर्ट जिसमें घटना के तथ्यों के साथ उसके कारणों, प्रभावों व भविष्य की संभावनाओं का गहन विश्लेषण, पृष्ठभूमि व विशेषज्ञों की राय सहित प्रस्तुत किया जाए, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट कहलाती है।
Marking Scheme
- 1प्रत्येक सही उत्तर हेतु 2 अंक (कुल किन्हीं चार प्रश्नों के लिए )
- 21 अंक: सही परिभाषा/कारण का उल्लेख
- 31 अंक: स्पष्टता व उचित उदाहरण/तर्क सहित प्रस्तुतीकरण
Hint
प्रत्येक चयनित प्रश्न का उत्तर परिभाषा/कारण + एक स्पष्टीकरण के साथ लगभग 40 शब्दों में लिखें।
Quick Oral Answer
रेडियो एकरेखीय माध्यम है क्योंकि श्रोता क्रम बदल नहीं सकता; एंकर-बाइट में एंकर की प्रस्तुति के साथ संवाददाता/चश्मदीद का बयान जुड़ता है; समाचार तथ्यपरक व फीचर रचनात्मक-भावप्रधान होता है; विश्लेषणात्मक रिपोर्ट घटना के कारण-प्रभाव का गहन विश्लेषण करती है।
Analysis & Explanation
संकल्पना: यह प्रश्न अभिव्यक्ति और माध्यम की मूल अवधारणाओं (माध्यम की प्रकृति, प्रसारण-प्रारूप, लेखन-शैलियों में भेद) की समझ जाँचता है।
परीक्षा में सावधानी: प्रत्येक उत्तर परिभाषा/कारण सहित संक्षेप (लगभग 40 शब्द) में दें; अनावश्यक विस्तार से बचें और तकनीकी शब्दों की सही वर्तनी रखें।
वास्तविक जीवन में: एंकर-बाइट प्रारूप आज हर 24×7 समाचार चैनल में प्रयुक्त होता है, जबकि विश्लेषणात्मक रिपोर्ट चुनाव-परिणाम या बजट-विश्लेषण जैसी कवरेज में देखी जा सकती है।
Common Mistakes
- 1'एकरेखीय' का अर्थ न समझकर रेडियो को केवल 'ध्वनि माध्यम' बता देना, कारण स्पष्ट न करना
- 2एंकर-बाइट को सिर्फ 'एंकर की खबर' समझ लेना, बाइट/साउंडबाइट का उल्लेख न करना
- 3समाचार और फीचर के अंतर में केवल एक बिंदु देना जबकि तथ्यपरकता व कालबद्धता दोनों जरूरी हैं
Interesting Facts
भारत में सार्वजनिक प्रसारण के रूप में ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) 1936 से कार्यरत है और आज भी एकरेखीय प्रसारण की विशेषता बनाए हुए है
एंकर-बाइट प्रारूप का प्रयोग 24×7 समाचार चैनलों के आगमन (1990 के दशक के अंत) के बाद तेज़ी से बढ़ा
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us — we fix reported answers fast.
Frequently Asked Questions
रेडियो को एकरेखीय माध्यम क्यों कहा जाता है?
क्योंकि श्रोता प्रसारण को अपनी इच्छानुसार आगे-पीछे या रोक नहीं सकता; उसे कार्यक्रम को उसी क्रम में सुनना होता है जिसमें वह प्रसारित हो रहा है।
एंकर-बाइट और सिर्फ 'बाइट' में क्या अंतर है?
बाइट किसी व्यक्ति का संक्षिप्त बयान/साउंड क्लिप है, जबकि एंकर-बाइट में एंकर की स्टूडियो प्रस्तुति के साथ यह बाइट जोड़कर प्रसारित की जाती है।