'गंगातट' पद तत्पुरुष समास का उदाहरण है, कैसे ?
'गंगातट' पद तत्पुरुष समास का उदाहरण है, कैसे ?
'गंगातट' षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण है — विग्रह: 'गंगा का तट'।
कारण: दोनों पदों (गंगा, तट) के बीच के कारक-चिह्न 'का' का लोप हुआ है और उत्तर पद 'तट' प्रधान है, इसलिए यह तत्पुरुष समास है।
Marking Scheme
- 11 अंक: सही विग्रह 'गंगा का तट' लिखने और तत्पुरुष समास होने का सही कारण (उत्तर पद प्रधान, कारक-चिह्न 'का' का लोप) स्पष्ट करने पर पूर्ण अंक दिया जाए।
- 2केवल विग्रह लिखकर कारण न बताने पर आधा अंक काटा जा सकता है।
Hint
तत्पुरुष समास में उत्तर पद प्रधान होता है और विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच लुप्त कारक-चिह्न (परसर्ग) पुनः प्रकट होता है।
Quick Oral Answer
'गंगातट' का विग्रह 'गंगा का तट' होता है; उत्तर पद (तट) प्रधान होने और कारक-चिह्न 'का' लुप्त होने के कारण यह तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष) समास है।
Analysis & Explanation
'गंगातट' तत्पुरुष समास का उदाहरण है क्योंकि विग्रह करने पर उत्तर पद प्रधान निकलता है और लुप्त कारक-चिह्न पुनः प्रकट होता है।
संकल्पना (समास और तत्पुरुष)
- समास में दो या अधिक पद मिलकर एक संक्षिप्त पद बनाते हैं और उनके बीच का कारक-चिह्न (परसर्ग) लुप्त हो जाता है।
- समास के छह भेद हैं — तत्पुरुष, द्वंद्व, द्विगु, बहुव्रीहि, कर्मधारय और अव्ययीभाव।
- तत्पुरुष समास की पहचान: उत्तर पद (दूसरा पद) प्रधान होता है और पूर्व पद उसकी विशेषता बताता है; विग्रह करने पर लुप्त कारक-चिह्न फिर प्रकट होता है।
'गंगातट' पर लागू करना
- विग्रह: 'गंगा का तट'।
- 'का' षष्ठी कारक (संबंधवाचक) का चिह्न है, इसलिए यह षष्ठी तत्पुरुष समास है।
परीक्षा में सावधानी
- विद्यार्थी प्रायः भूल जाते हैं कि तत्पुरुष में कौन-सा पद प्रधान होता है — सही उत्तर: उत्तर (बाद वाला) पद प्रधान होता है, पूर्व पद नहीं।
- इसे बहुव्रीहि समास (तीसरा अर्थ प्रधान) या द्वंद्व समास (दोनों पद प्रधान) से गड्डमड्ड न करें।
वास्तविक जीवन में
- 'राजपुत्र' (राजा का पुत्र), 'देशभक्ति' (देश के लिए भक्ति) — सभी तत्पुरुष समास के उदाहरण हैं और भाषा को संक्षिप्त व प्रभावी बनाते हैं।
Common Mistakes
- 1'गंगातट' को बहुव्रीहि या द्वंद्व समास समझ लेना।
- 2विग्रह करते समय कारक-चिह्न 'का' को छोड़ देना, जिससे समास का प्रकार स्पष्ट नहीं हो पाता।
- 3यह भूल जाना कि तत्पुरुष समास में उत्तर पद (न कि पूर्व पद) प्रधान होता है।
Interesting Facts
हिंदी व्याकरण में समास के छह प्रमुख भेद माने गए हैं — तत्पुरुष, द्वंद्व, द्विगु, बहुव्रीहि, कर्मधारय और अव्ययीभाव।
तत्पुरुष समास स्वयं छह उपभेदों में बँटा है, जो कारकों (कर्ता से अधिकरण तक) के अनुसार बनते हैं — 'गंगातट' उनमें से षष्ठी तत्पुरुष का उदाहरण है।
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Frequently Asked Questions
तत्पुरुष समास की पहचान कैसे करें?
तत्पुरुष समास में उत्तर (दूसरा) पद प्रधान होता है और विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच का कारक-चिह्न (परसर्ग) पुनः प्रकट होता है, जैसे 'गंगातट' = 'गंगा का तट'।
षष्ठी तत्पुरुष समास क्या है?
जब तत्पुरुष समास में विग्रह करने पर 'का, के, की' (षष्ठी कारक-चिह्न) प्रकट होता है, तो उसे षष्ठी तत्पुरुष समास कहते हैं, जैसे 'गंगातट' और 'राजपुत्र'।