Question 271 markVery Short AnswerSection ख

सात ऋषियों का समूह हिमालय पर ध्यान कर रहा था।

(रेखांकित पदों से एक समस्तपद बनाकर लिखिए)

अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
समास - द्विगु समास (समस्तपद निर्माण)

Official answer

रेखांकित अंश 'सात ऋषियों का समूह' से बना समस्तपद है — 'सप्तर्षि'।

संख्यावाचक पूर्व पद (सप्त) और उत्तर पद (ऋषि) से समूह/समाहार का बोध होने के कारण यह द्विगु समास का उदाहरण है।

Answer keywords:द्विगु समाससप्तर्षिसमस्तपदसमूह/समाहारसंख्यावाचक पदसमास निर्माण

Marking scheme

  1. 1.1 अंक: सही समस्तपद 'सप्तर्षि' लिखने पर पूर्ण अंक।
  2. 2.समस्तपद के साथ सही ढंग से वाक्य में प्रयोग करने पर अतिरिक्त सराहना (यद्यपि इस प्रश्न में केवल समस्तपद अपेक्षित है)।

Hint

जब पूर्व पद संख्यावाचक हो और पूरा पद किसी समूह/समाहार का बोध कराए, तो वह द्विगु समास कहलाता है — जैसे 'सात ऋषियों का समूह' = 'सप्तर्षि'।

Quick oral answer

'सात ऋषियों का समूह' का समस्तपद 'सप्तर्षि' है — संख्यावाचक पूर्व पद और समूह के बोध के कारण यह द्विगु समास का उदाहरण है।

Common mistakes

  1. 1.संख्यावाचक शब्द को संस्कृत रूप (सात → सप्त) में न बदलकर गलत समस्तपद (जैसे 'सातऋषि') लिख देना।
  2. 2.इसे द्वंद्व समास समझ लेना, जबकि यहाँ समूह/समाहार का भाव होने से यह द्विगु समास है।

Analysis and explanation

'सात ऋषियों का समूह' से बना समस्तपद 'सप्तर्षि' द्विगु समास का उदाहरण है, क्योंकि इसका पूर्व पद संख्यावाचक है और अर्थ समूह/समाहार का बोध कराता है।


संकल्पना (द्विगु समास)

  • द्विगु समास में पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है और पूरा समस्तपद किसी समूह, समाहार या संग्रह का बोध कराता है।
  • यह द्वंद्व समास से भिन्न है, जहाँ दोनों पद स्वतंत्र रूप से प्रधान होते हैं और 'और' के अर्थ में जुड़े होते हैं।

समस्तपद बनाना

  • 'सात ऋषियों का समूह' में संख्या (सात) और संज्ञा (ऋषि) मिलकर 'सप्तर्षि' समस्तपद बनाते हैं, जो 'समूह' का समाहार अर्थ देता है।
  • समस्तपद बनाते समय संख्यावाचक शब्द को प्रायः संस्कृत रूप में बदलना पड़ता है (सात → सप्त)।

परीक्षा में सावधानी

  • संख्यावाचक शब्द को संस्कृत रूप में बदलना विद्यार्थी प्रायः भूल जाते हैं।
  • वाक्यांश पढ़कर यह पहचानना ज़रूरी है कि 'समूह/समाहार' का भाव है या नहीं, तभी सही समस्तपद बनेगा।

वास्तविक जीवन में

  • 'नवरात्र' (नौ रात्रियों का समूह), 'त्रिलोक' (तीन लोकों का समूह), 'पंचवटी' (पाँच वटवृक्षों का समूह) — द्विगु समास के अन्य प्रचलित उदाहरण हैं।

Interesting facts

'सप्तर्षि' पौराणिक रूप से सात महान ऋषियों (जैसे वशिष्ठ, विश्वामित्र, अत्रि आदि) के समूह को कहा जाता है, जो आकाश में सप्तर्षि तारामंडल (Ursa Major) से भी जुड़ा है।

द्विगु समास से बने कई शब्द आज भी सामान्य बोलचाल में प्रयुक्त होते हैं, जैसे 'नवरात्र', 'चौमासा' (चार महीनों का समूह) और 'त्रिफला' (तीन फलों का मिश्रण)।

Question details

Q27 of 66 questions

Board
CBSE
Class
Class 10
Subject
Hindi Course B
Year
2026
Section
Section ख
Marks
1
Type
Very Short Answer
Chapter
अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
Topic
समास - द्विगु समास (समस्तपद निर्माण)
Bloom's level
apply
Syllabus topic
व्याकरण: समास — द्विगु समास (समस्तपद बनाना)
Author
CBSE
Reviewed by
Padhantu Academic Team

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Frequently asked questions

द्विगु समास की पहचान कैसे करें?

जब पूर्व पद संख्यावाचक विशेषण हो और पूरा समस्तपद किसी समूह या समाहार का बोध कराए, तब वह द्विगु समास कहलाता है, जैसे 'सप्तर्षि' (सात ऋषियों का समूह)।

द्विगु और द्वंद्व समास में क्या अंतर है?

द्विगु समास में पूर्व पद संख्यावाचक होता है और समूह का बोध कराता है (जैसे नवरात्र), जबकि द्वंद्व समास में दोनों पद स्वतंत्र व प्रधान होते हैं और 'और' के भाव से जुड़े होते हैं (जैसे माता-पिता)।