'बड़े भाई साहब' पाठ में भाई साहब की दृष्टि में अंग्रेज़ी पढ़ना कोई हँसी-खेल नहीं था। आपको कौन-सा विषय पढ़ना हँसी-खेल नहीं लगता और क्यों ? किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।
'बड़े भाई साहब' पाठ में भाई साहब की दृष्टि में अंग्रेज़ी पढ़ना कोई हँसी-खेल नहीं था। आपको कौन-सा विषय पढ़ना हँसी-खेल नहीं लगता और क्यों ? किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।
मुझे गणित पढ़ना हँसी-खेल नहीं लगता।
- कारण 1: सूत्र और प्रमेय रटने से नहीं, समझकर निरंतर अभ्यास करने से याद रहते हैं; ज़रा-सी चूक से पूरा हल गलत हो जाता है।
- कारण 2: हर कक्षा का पाठ्यक्रम पिछली कक्षा की संकल्पनाओं पर टिका होता है, नींव कमज़ोर होने पर आगे के जटिल प्रश्न हल करना कठिन हो जाता है।
Marking Scheme
- 11 अंक: विषय का नाम स्पष्ट रूप से बताने और उसे 'हँसी-खेल नहीं' कहने पर।
- 21 अंक: कम-से-कम दो सुसंगत, ठोस कारणों के उल्लेख पर (0.5 अंक प्रति कारण); कोई भी तर्कसंगत विषय व कारण स्वीकार्य।
Hint
पाठ के केंद्रीय भाव को याद करें — किसी भी विषय की गंभीरता को समझना और उसमें निरंतर परिश्रम व अनुशासन का महत्व — फिर इसे अपने किसी विषय के अनुभव से जोड़कर दो ठोस कारण दें।
Quick Oral Answer
मुझे गणित पढ़ना हँसी-खेल नहीं लगता क्योंकि इसमें निरंतर अभ्यास और पिछली कक्षाओं की संकल्पनाओं की स्पष्ट समझ ज़रूरी होती है, ठीक वैसे ही जैसे भाई साहब के लिए अंग्रेज़ी पढ़ना गंभीर परिश्रम का विषय था।
Analysis & Explanation
यह प्रश्न विद्यार्थी के अपने पढ़ाई के अनुभव को 'बड़े भाई साहब' पाठ के केंद्रीय भाव से जोड़ने की क्षमता जाँचता है।
केंद्रीय भाव
- प्रेमचंद दिखाते हैं कि भाई साहब स्वयं परीक्षा में बार-बार फेल होकर भी अंग्रेज़ी विषय की कठिनाई व गंभीरता समझते हैं और छोटे भाई को सिखाते हैं कि किसी भी विषय में सफलता स्वाभाविक बुद्धि से नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन व एकाग्रता से मिलती है।
अपेक्षित उत्तर संरचना
- विद्यार्थी को कोई एक विषय चुनकर उसे 'हँसी-खेल नहीं' बताते हुए कम-से-कम दो ठोस, व्यक्तिगत कारण देने होंगे।
नोट
- यह पाठ NCERT स्पर्श भाग-1 (कक्षा 9) का है; कक्षा 10 के 2026 बोर्ड पेपर में प्रयोग होने पर स्रोत सामग्री की पुनः जाँच उचित है।
परीक्षा में सावधानी
- 'मुझे गणित/विज्ञान कठिन लगता है' जैसा सामान्य उत्तर न देकर ठोस, व्यक्तिगत कारणों सहित उत्तर स्पष्ट करें।
Common Mistakes
- 1केवल विषय का नाम लिखकर कारण न बताना, जिससे आधे अंक कट जाते हैं।
- 2उत्तर को पाठ के भाव से न जोड़कर केवल व्यक्तिगत राय तक सीमित रखना।
- 3'हँसी-खेल नहीं' का अर्थ केवल 'कठिन विषय' मान लेना, जबकि पाठ में इसका अर्थ 'गंभीर परिश्रम व अनुशासन की माँग' है।
Interesting Facts
'बड़े भाई साहब' कहानी पहली बार 1934 में प्रकाशित हुई थी और यह प्रेमचंद की आत्मकथात्मक शैली की प्रतिनिधि रचना मानी जाती है।
यह पाठ NCERT स्पर्श भाग-1 (कक्षा 9) पाठ्यपुस्तक का हिस्सा है, न कि कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक का।
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Frequently Asked Questions
'बड़े भाई साहब' पाठ के लेखक कौन हैं?
इस पाठ के लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं, जो हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार माने जाते हैं।
यह पाठ किस कक्षा की पुस्तक में है?
यह पाठ NCERT स्पर्श भाग-1 (कक्षा 9) की पुस्तक में है; कक्षा 10 के 2026 पेपर में इसके आने की स्थिति में स्रोत सामग्री की पुनः जाँच अनुशंसित है।