Q38
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अंग्रेज़ों ने सआदत अली को तख़्त पर क्यों बैठाया ?

अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
अपठित नाट्यांश — कारण आधारित बोध (वज़ीर अली प्रसंग)

Options

()सआदत अली अंग्रेज़ों का घनिष्ठ मित्र था।
()राज्य-संचालन के कार्य में कुशल था।
()उसके माध्यम से अवध पर कब्ज़ा जमाना चाहते थे।
()ऐश-पसंद और अंग्रेज़ों का भरोसेमंद आदमी था।
Official Answer

सही विकल्प : घ — ऐश-पसंद और अंग्रेज़ों का भरोसेमंद आदमी था

  • अंग्रेज़ों को अपने हितों की सुरक्षा के लिए एक ऐसा शासक चाहिए था जो विलासिता में मग्न रहकर उनकी नीतियों में हस्तक्षेप न करे, सआदत अली इसी कसौटी पर खरा उतरता था।
सआदत अलीअंग्रेज़ों का दोस्तऐश-पसंदतख़्तअवधगद्यांश आधारित प्रश्न

Marking Scheme

  • 11 अंक: सही विकल्प 'घ' चुनने पर पूर्ण अंक; गद्यांश में स्पष्ट रूप से दिए गए तथ्य पर आधारित होना चाहिए।

Hint

गद्यांश में कर्नल के संवाद पर ध्यान दें, जहाँ वह सआदत अली को 'दोस्त' और 'ऐश-पसंद' बताता है।

Quick Oral Answer

अंग्रेज़ों ने सआदत अली को इसलिए तख़्त पर बिठाया क्योंकि वह उनका मित्र और ऐश-पसंद व्यक्ति था, जिससे वे उसके माध्यम से आसानी से अपना प्रभाव बनाए रख सकते थे।

Analysis & Explanation

यह प्रश्न गद्यांश के आधार पर अंग्रेज़ों द्वारा सआदत अली को तख़्त पर बिठाने के कारण को समझने की क्षमता जाँचता है।


पाठ्यांश प्रमाण

  • कर्नल स्पष्ट कहता है — 'सआदत अली हमारा दोस्त है और बहुत ऐश-पसंद आदमी है, इसलिए हमें अपनी आधी मुमलिकत और दस लाख रुपये नगद दे दिए।'

सही उत्तर

  • अतः सही विकल्प 'घ' है, जो पाठ में उल्लिखित दोनों गुणों — मित्रता व ऐश-पसंदी — को समेटता है।

अन्य विकल्प क्यों गलत

  • विकल्प 'क' अधूरा है क्योंकि यह केवल मित्रता की बात करता है, ऐश-पसंद स्वभाव को छोड़ देता है।
  • विकल्प 'ख' गलत है क्योंकि गद्यांश में सआदत अली की प्रशासनिक कुशलता का कोई उल्लेख नहीं है।
  • विकल्प 'ग' एक व्यापक ऐतिहासिक निहितार्थ हो सकता है, पर गद्यांश में इसका सीधा उल्लेख नहीं है।

परीक्षा में सावधानी

  • प्रश्न गद्यांश-आधारित है, अतः उत्तर पाठ में स्पष्ट रूप से दिए गए तथ्यों पर ही आधारित होना चाहिए।

Common Mistakes

  1. 1विकल्प 'ग' को ऐतिहासिक सामान्य ज्ञान के आधार पर चुन लेना, जबकि प्रश्न गद्यांश में स्पष्ट रूप से दिए गए तथ्य पर आधारित है।
  2. 2'क' को पूर्ण उत्तर मान लेना, जबकि यह अधूरा तथ्य प्रस्तुत करता है।

Interesting Facts

वास्तविक इतिहास में सआदत अली ख़ाँ द्वितीय ने अंग्रेज़ों की सहायता से 1798 में अवध का तख़्त प्राप्त किया था।

अंग्रेज़ों ने अवध के नवाबों को अपने प्रभाव में रखने के लिए सदैव ऐसे शासकों को प्राथमिकता दी जो सत्ता-भोग में रुचि रखते थे।

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Frequently Asked Questions

सआदत अली कौन था?

सआदत अली आसिफ़उद्दौला का भाई और वज़ीर अली का प्रतिद्वंद्वी था, जिसे अंग्रेज़ों ने अवध के तख़्त पर बिठाया।

अंग्रेज़ों को सआदत अली से क्या लाभ हुआ?

सआदत अली ने अपनी आधी संपत्ति और दस लाख रुपये अंग्रेज़ों को दे दिए, जिससे अंग्रेज़ों का अवध पर आर्थिक व राजनीतिक प्रभाव बढ़ गया।