'उत्प्रेक्षा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।
'उत्प्रेक्षा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।
काव्य-पंक्ति: 'सोहत ओढ़े पीतु पट स्याम सलोने गात। मनु नीलमनि सैल पर आतपु परयो प्रभात।' (बिहारी सतसई)
स्पष्टीकरण: श्याम देह पर पीले वस्त्र की शोभा को नीलमणि पर्वत पर प्रातःकालीन धूप पड़ने की संभावना 'मनु' (मानो) शब्द द्वारा व्यक्त किया गया है, अतः यह उत्प्रेक्षा अलंकार है।
Marking Scheme
- 11 अंक: सही एवं स्पष्ट उत्प्रेक्षा अलंकार वाली काव्य-पंक्ति (मनो/जनु/मानो शब्द सहित) लिखने पर।
- 2यदि विद्यार्थी स्वरचित सही उदाहरण दे जिसमें संभावना-वाचक शब्द स्पष्ट प्रयुक्त हो, तो पूर्ण अंक दिए जाएँ।
Hint
'मनो', 'जनु', 'मानो' जैसे संभावना-सूचक वाचक शब्द वाली पंक्ति खोजें।
Quick Oral Answer
उत्प्रेक्षा अलंकार में उपमेय में उपमान होने की संभावना 'मनो', 'जनु', 'मानो' जैसे शब्दों से व्यक्त की जाती है, जैसे 'सोहत ओढ़े पीतु पट...मनु नीलमनि सैल पर आतपु परयो प्रभात।'
Analysis & Explanation
उत्प्रेक्षा अलंकार में कवि उपमेय में उपमान की पूर्ण संभावना या कल्पना करता है, जिसे 'मनो/जनु/मानो/मानहुं' जैसे वाचक शब्द व्यक्त करते हैं।
संकल्पना
- उपमा में केवल तुलना (सम/सा/सरिस) होती है, जबकि उत्प्रेक्षा में संभावना/कल्पना (मनो/जनु/मानो) व्यक्त होती है — यही मूल अंतर है।
- यह अलंकार कवि की कल्पनाशीलता और चमत्कारपूर्ण वर्णन-शैली का प्रमाण है।
परीक्षा में सावधानी
- विद्यार्थी प्रायः उपमा और उत्प्रेक्षा को एक समझ बैठते हैं; पहचान का एकमात्र निश्चित आधार वाचक शब्द है — 'सम/सा' उपमा के, 'मनो/जनु/मानो' उत्प्रेक्षा के।
वास्तविक जीवन
- रोज़मर्रा की भाषा में 'मानो वह परी ही हो' कहना भी उत्प्रेक्षा अलंकार का ही उदाहरण है।
Common Mistakes
- 1उपमा और उत्प्रेक्षा के वाचक शब्दों में अंतर न करना।
- 2पंक्ति में संभावना-सूचक शब्द ('मानो' आदि) का प्रयोग न होने पर भी उसे उत्प्रेक्षा बताना।
- 3अलंकार का नाम सही लेकिन पंक्ति गलत/असंगत उदाहरण देना।
Interesting Facts
उत्प्रेक्षा अलंकार को अलंकार-शास्त्र में 'सर्वाधिक प्रयुक्त' अलंकार माना गया है क्योंकि यह सामान्य बोलचाल में भी स्वाभाविक रूप से आता है।
आचार्य दंडी ने उपमा को 'अलंकारों का मूल' कहा है, क्योंकि अधिकांश अन्य अलंकार (रूपक, उत्प्रेक्षा आदि) उपमा से ही विकसित माने जाते हैं।
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us — we fix reported answers fast.
Frequently Asked Questions
उपमा और उत्प्रेक्षा में मुख्य अंतर क्या है?
उपमा में सीधी तुलना (सम/सा) होती है, जबकि उत्प्रेक्षा में उपमेय में उपमान होने की कल्पना/संभावना (मनो/जनु/मानो) व्यक्त की जाती है।
उत्प्रेक्षा अलंकार के वाचक शब्द कौन-से हैं?
मनो, जनु, मानो, मानहुं, जानो आदि उत्प्रेक्षा अलंकार के वाचक/संभावना-सूचक शब्द हैं।