Q17
1 markMCQSection खंड - ग

काव्यांश में 'काली सिल' उपमान किसके लिए प्रयुक्त किया गया है ?

उषा (शमशेर बहादुर सिंह) — आरोह भाग 2
उषा - काली सिल उपमान

Options

(A)अंधकार से युक्त प्रकृति
(B)अँधेरे से युक्त आसमान
(C)अंधकार से युक्त पृथ्वी
(D)रात्रि का अंधकार
Official Answer

सही विकल्प — (B) अँधेरे से युक्त आसमान। काव्यांश आरंभ ही 'भोर का नभ' से होता है और आगे की सभी उपमाएँ (राख से लीपा चौका, काली सिल) उसी नभ अर्थात् आकाश के लिए हैं, जो भोर से पहले अभी भी अंधकार लिए हुए है।

उषाशमशेर बहादुर सिंहकाली सिलउपमा अलंकारभोर का नभबिंब योजनाशब्दचित्र

Marking Scheme

  • 11 अंक: सही विकल्प (B) चुनने पर पूर्ण अंक; आंशिक अंक नहीं दिए जाते।

Hint

काव्यांश की पहली पंक्ति में दिए गए शब्द 'नभ' को ध्यान में रखकर उपमेय खोजें।

Quick Oral Answer

'काली सिल' उपमान भोर के अभी भी अंधकारमय आकाश (नभ) के लिए प्रयुक्त हुआ है, जिस पर हल्की लालिमा फैलने लगी है।

Analysis & Explanation

संदर्भ: यह काव्यांश शमशेर बहादुर सिंह की प्रसिद्ध कविता 'उषा' से लिया गया है, जिसमें भोर से पहले के आकाश का बिंबात्मक वर्णन है।


सही विकल्प क्यों: कविता की पहली पंक्ति ही 'भोर का नभ' है — आगे 'राख से लीपा हुआ चौका' और 'बहुत काली सिल' दोनों उपमान उसी नभ (आकाश) के अभी शेष अंधकार को व्यक्त करते हैं।


अन्य विकल्प गलत क्यों:

  • (A) 'प्रकृति' एक बहुत व्यापक शब्द है; काव्यांश विशेष रूप से 'नभ' की बात कर रहा है, संपूर्ण प्रकृति की नहीं।
  • (C) 'पृथ्वी' का उल्लेख काव्यांश में कहीं नहीं है — उपमेय स्पष्टतः आकाश है।
  • (D) 'रात्रि का अंधकार' अधूरा उत्तर है क्योंकि यह भोर (उषाकाल) का वर्णन है, पूरी रात्रि का नहीं।

Common Mistakes

  1. 1'सिल' शब्द को केवल रसोई की वस्तु मानकर प्रसंग से काटकर पढ़ना, जबकि यह नभ (आकाश) के लिए उपमान है।
  2. 2'पृथ्वी' या 'प्रकृति' जैसे व्यापक शब्दों को उपमेय मान लेना, जबकि काव्यांश स्पष्टतः 'नभ' की बात कर रहा है।

Interesting Facts

शमशेर बहादुर सिंह (1911–1993) मूलतः चित्रकला के विद्यार्थी थे, इसी कारण उनकी कविताओं में दृश्य बिंबों की भरमार मिलती है।

'उषा' कविता में कवि ने क्रिया-रहित वाक्यों के माध्यम से भोर के एक के बाद एक बदलते दृश्यों को कैमरे के फ्रेम की तरह प्रस्तुत किया है।

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Frequently Asked Questions

'काली सिल' किस कविता से लिया गया उपमान है ?

यह उपमान शमशेर बहादुर सिंह की कविता 'उषा' से लिया गया है, जो कक्षा 12 की आरोह (भाग 2) पाठ्यपुस्तक में संकलित है।

काव्यांश में 'नभ' के लिए कौन-कौन से उपमान प्रयुक्त हुए हैं ?

कवि ने नभ के लिए 'राख से लीपा हुआ चौका' और 'बहुत काली सिल' जैसे उपमानों का प्रयोग किया है, जो भोर से पहले के धुंधले, राख-सदृश रंग को दर्शाते हैं।