खेतों की गोदी में सारंगी बजती है –
खेतों की गोदी में सारंगी बजती है –
Options
सही विकल्प: (B) खेतों के ऊपर उड़ते पक्षियों के मीठे स्वरों की
अगली ही पंक्ति "दल-के-दल पक्षी उड़ते हैं मीठे स्वर के" स्पष्ट करती है कि 'सारंगी' का रूपक पक्षियों के झुंड द्वारा उड़ते समय निकाले गए मधुर स्वरों के लिए प्रयुक्त हुआ है।
Marking Scheme
- 11 अंक: सही विकल्प (B) के चयन हेतु — कोई आंशिक अंक नहीं।
Hint
'सारंगी' के ठीक बाद वाली पंक्ति में ही उसका वास्तविक स्रोत बताया गया है।
Quick Oral Answer
'सारंगी बजना' पक्षियों के झुंड द्वारा उड़ते समय निकाले गए मीठे स्वरों का रूपक है, जैसा अगली पंक्ति में स्पष्ट किया गया है।
Analysis & Explanation
यह प्रश्न पंक्ति के रूपक (metaphor) को उसकी अगली पंक्ति के प्रकाश में समझने की क्षमता परखता है।
सही विकल्प क्यों सही है
- कवि ने 'सारंगी बजना' कहकर संगीत का बिंब रचा है और तुरंत अगली पंक्ति में उस संगीत का स्रोत बता दिया है — पक्षियों के झुंड का मीठा कलरव।
- 'गोदी' शब्द खेतों की ममतामयी छवि गढ़ता है, जिसमें यह स्वर गूँजता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) हवा की ध्वनि — काव्यांश में हवा का उल्लेख नहीं है।
- (C) किसान की बाँसुरी — काव्यांश में किसान या बाँसुरी का कोई संदर्भ नहीं है।
- (D) बच्चों की पुकार — काव्यांश में बच्चों का कोई उल्लेख नहीं है।
परीक्षा-सुझाव: रूपक/बिंब वाले प्रश्नों में उत्तर प्रायः तुरंत अगली या पिछली पंक्ति में ही स्पष्ट कर दिया जाता है — पूरे प्रसंग को जोड़कर पढ़ें।
Common Mistakes
- 1'सारंगी' को शाब्दिक अर्थ में वाद्ययंत्र मानकर किसान/बाँसुरी जैसे असंबद्ध विकल्प चुन लेना।
- 2अगली पंक्ति को न पढ़कर केवल दी गई पंक्ति के आधार पर अटकल से उत्तर देना।
Interesting Facts
हिंदी काव्य में प्रकृति की ध्वनियों (पक्षी-कलरव, नदी-कलकल) को प्रायः संगीत वाद्यों (सारंगी, वीणा, बाँसुरी) के रूपक से व्यक्त किया जाता रहा है।
'गोदी' शब्द का प्रयोग खेतों को माँ के समान वात्सल्यमयी रूप में चित्रित करने के लिए किया गया है।
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Frequently Asked Questions
'सारंगी बजती है' का शाब्दिक अर्थ क्यों नहीं लिया जाना चाहिए ?
क्योंकि काव्यांश में कहीं भी वाद्ययंत्र बजाने वाले व्यक्ति का उल्लेख नहीं है; यह पूर्णतः प्राकृतिक ध्वनि का काव्यात्मक रूपक है, जिसका स्रोत अगली पंक्ति में पक्षियों का कलरव बताया गया है।
'गोदी' शब्द का यहाँ क्या भाव है ?
'गोदी' शब्द खेतों को माँ के समान स्नेहमयी और सुरक्षित स्थान के रूप में चित्रित करता है, जिसकी गोद में पक्षियों का संगीत गूँजता है।