'तोप' कविता के माध्यम से कवि ने हमें देशभक्ति का कौन-सा पाठ पढ़ाया है ? स्पष्ट कीजिए।
'तोप' कविता के माध्यम से कवि ने हमें देशभक्ति का कौन-सा पाठ पढ़ाया है ? स्पष्ट कीजिए।
Official answer
अतीत बनाम वर्तमान: 1857 के दमन की प्रतीक रही यह तोप आज कंपनी बाग में एक शक्तिहीन, जंग खाई धरोहर मात्र बनकर रह गई है, जहाँ बच्चे उस पर चढ़कर खेलते हैं और गौरैया निर्भय होकर बैठती हैं।
मूल संदेश: सत्ता और दमन चाहे कितने भी प्रबल क्यों न हों, समय के साथ क्षणभंगुर सिद्ध होते हैं, जबकि जीवन व स्वतंत्रता की भावना सदैव जीवित रहती है — इतिहास से सीख लेकर वर्तमान की आज़ादी का मूल्य समझना ही सच्ची देशभक्ति है।
Marking scheme
- 1.1 अंक: तोप के अतीत और वर्तमान स्वरूप की तुलना — दमन का प्रतीक बनाम अब शक्तिहीन धरोहर।
- 2.1 अंक: मूल संदेश — सत्ता क्षणभंगुर है, इतिहास से सीख लेकर स्वतंत्रता के मूल्य को समझना ही देशभक्ति है।
Hint
तोप के अतीत (शक्ति-दमन का प्रतीक) और वर्तमान (शक्तिहीन, कौतूहल की वस्तु) की तुलना करते हुए सत्ता की क्षणभंगुरता की सीख लिखें।
Quick oral answer
तोप कविता हमें सिखाती है कि सत्ता और शक्ति स्थायी नहीं होती; समय के साथ हर दमनकारी शक्ति निष्प्रभावी हो जाती है, इसलिए हमें इतिहास से सीख लेकर स्वतंत्रता का मूल्य समझना चाहिए।
Common mistakes
- 1.केवल तोप के भौतिक वर्णन (जंग खाई, कंपनी बाग में रखी) तक सीमित रहना, संदेश न लिखना।
- 2.1857 की क्रांति और तोप के प्रतीकात्मक अर्थ को न जोड़ पाना।
Analysis and explanation
वीरेन डंगवाल की व्यंग्यात्मक कविता 'तोप' 1857 की क्रांति के दमन में प्रयुक्त एक ऐतिहासिक तोप के माध्यम से सत्ता की क्षणभंगुरता पर बल देती है।
कथ्य
- तोप कभी बड़ी शक्ति का प्रतीक थी, जिसने 1857 की क्रांति को कुचलने में भूमिका निभाई।
- आज वही तोप कंपनी बाग में इतिहास के अवशेष के रूप में खड़ी है — बच्चे उस पर चढ़कर खेलते हैं, गौरैया निर्भय होकर उस पर बैठती-फुदकती हैं।
- यह विरोधाभास दिखाता है कि सत्ता चाहे कितनी भी दमनकारी हो, समय के साथ निष्प्रभावी हो जाती है, जबकि जीवन व स्वतंत्रता की भावना सदैव जीवित रहती है।
परीक्षा में सावधानी
- केवल तोप के वर्तमान स्वरूप का वर्णन पर्याप्त नहीं; इससे मिलने वाली शिक्षा — सत्ता का क्षणभंगुर होना, इतिहास से सीख, स्वतंत्रता का मूल्य — स्पष्ट रूप से लिखनी चाहिए।
वास्तविक जीवन में
- यह कविता सिखाती है कि किसी भी सत्ता के अहंकार में स्थायित्व नहीं होता और वास्तविक शक्ति दमन में नहीं, जीवन और स्वतंत्रता में निहित है।
Interesting facts
यह तोप वास्तव में 1857 के विद्रोह के समय अंग्रेज़ों द्वारा भारतीय विद्रोहियों के दमन में प्रयोग की गई थी।
वीरेन डंगवाल हिंदी की नई कविता धारा के प्रमुख कवि हैं, जिनकी भाषा में व्यंग्य और सामाजिक-राजनीतिक चेतना स्पष्ट झलकती है।
कविता में 'गर्व से चमकना' और 'अब हरा है' जैसे बिंब तोप के भूतकाल और वर्तमान के बीच के अंतर को उभारते हैं।
Question details
Q52 of 66 questions
- Board
- CBSE
- Class
- Class 10
- Subject
- Hindi Course B
- Year
- 2026
- Section
- Section ग
- Marks
- 2
- Type
- Short Answer
- Chapter
- अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
- Topic
- तोप — देशभक्ति का पाठ
- Bloom's level
- analyze
- Syllabus topic
- स्पर्श भाग-2, पद्य खंड: तोप (वीरेन डंगवाल) — इतिहास और सत्ता-परिवर्तन
- Author
- CBSE
- Reviewed by
- Padhantu Academic Team
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us and we will fix it.
Frequently asked questions
तोप कविता के कवि कौन हैं?
वीरेन डंगवाल।
गौरैया चिड़ियों का उल्लेख कविता में क्यों किया गया है?
यह दर्शाने के लिए कि जीवन और प्रकृति की शक्ति विनाशकारी हथियारों (तोप) से अधिक चिरस्थायी और निर्भय है।