Q1
Short AnswerSection

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : गहराते जलवायु संकट के कारण धरती का तापमान न केवल बढ़ रहा है बल्कि गर्म दिनों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तापमान बढ़ने से मानव के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है क्योंकि गरमी शरीर व दिमाग को बहुत पीड़ा देती है। शरीर में पानी की कमी से रक्त-वाहिकाओं पर गरमी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे थक्के जमने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है और मस्तिष्क आघात व दिल का दौरा पड़ता है। गुरदे में रक्त का प्रवाह कम होने से गुरदा शिथिल या खराब हो सकता है। मौजूदा मानसिक स्वास्थ्य विकार बढ़ सकते हैं। शिशु और छोटे बच्चे वयस्कों की तुलना में ज्यादा असुरक्षित होते हैं। हाल के वर्षों में जलवायु संकट से निपटने की ओर वैश्विक स्तर पर ध्यान जाने लगा है। वर्ष 2015 से 2023 तक के कॉप सम्मेलन में राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की गई। गरमी में लू से बचाव के लिए व्यक्तिगत, घरेलू, स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास होने चाहिए। सीधे सूरज के नीचे आने से बचना, ढीले-ढाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना, सिर व आँखों की सुरक्षा, तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना, हरे-भरे क्षेत्रों को बढ़ावा देना — ये सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी है।

अपठित गद्यांश (गद्य बोध)
अपठित गद्यांश – जलवायु संकट एवं लू से बचाव
Official Answer

यह अपठित गद्यांश है (इस पर स्वतंत्र रूप से कोई प्रश्न नहीं, अंक = 0)।


सार: बढ़ते वैश्विक तापमान व गहराते जलवायु संकट के कारण मानव स्वास्थ्य — विशेषकर शिशुओं, छोटे बच्चों व बुजुर्गों — पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है: निर्जलीकरण, रक्त-वाहिकाओं पर दबाव, मस्तिष्काघात, हृदयाघात व गुर्दे की समस्याएँ हो सकती हैं।


बचाव: व्यक्तिगत सावधानियाँ (धूप से बचाव, हल्के सूती वस्त्र, तरल पदार्थों का सेवन) तथा सामूहिक प्रयास (हरियाली बढ़ाना, राष्ट्रीय नीतिगत कदम) आवश्यक हैं।


नीचे दिए गए प्रश्न (क्रमांक 2 से 6) इसी गद्यांश पर आधारित हैं।

जलवायु संकटबढ़ता तापमानलूमस्तिष्काघातगुर्दानिर्जलीकरणहरियालीकॉप सम्मेलन

Marking Scheme

  • 1यह मूल गद्यांश है; इस पर स्वतंत्र रूप से कोई अंक निर्धारित नहीं है (0 अंक) — अंक इस पर आधारित उपप्रश्नों (2–6) में निहित हैं।

Hint

गद्यांश को ध्यान से पढ़ें और नीचे दिए गए सभी प्रश्नों (2 से 6) के उत्तर इसी गद्यांश की जानकारी के आधार पर दें।

Quick Oral Answer

यह गद्यांश जलवायु संकट के कारण बढ़ते तापमान और लू से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा उनसे बचाव के उपायों पर केंद्रित है।

Analysis & Explanation

यह एक अपठित गद्यांश है, जो जलवायु संकट व बढ़ते तापमान के मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव पर आधारित है।


विषय व उद्देश्य

  • CBSE में समसामयिक पर्यावरणीय विषयों पर अपठित गद्यांश देने का उद्देश्य पठन-बोध, अनुमान लगाने और मुख्य विचार पकड़ने की क्षमता की जांच है, न कि रटी हुई जानकारी की।

उत्तर लिखने की रणनीति

  • गद्यांश को दो बार पढ़ें — पहली बार सामान्य समझ के लिए, दूसरी बार प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए।
  • उत्तर सदैव गद्यांश की भाषा/तथ्यों पर ही आधारित रखें, अपनी ओर से जानकारी न जोड़ें।

परीक्षा में सावधानी

  • सामान्य ज्ञान के आधार पर उत्तर देने से बचें; उत्तर केवल गद्यांश में दिए गए तथ्यों तक सीमित रखें।

वास्तविक जीवन में

  • यह गद्यांश जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता तथा हीटवेव प्रबंधन (जैसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देश) के महत्त्व को रेखांकित करता है।

Common Mistakes

  1. 1गद्यांश को सरसरी तौर पर पढ़कर उत्तर सामान्य ज्ञान से देना, जबकि उत्तर गद्यांश आधारित होने चाहिए।
  2. 2महत्त्वपूर्ण तथ्यों (जैसे शिशु व बुजुर्गों की असुरक्षा के कारण) को रेखांकित न करना, जिससे बाद के प्रश्नों में समय अधिक लगता है।

Interesting Facts

वर्ष 2015 से 2023 तक के कॉप (COP) सम्मेलनों में जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करने पर बल दिया गया।

भारत में गर्मी से बचाव हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) हर वर्ष हीट एक्शन प्लान जारी करता है।

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Frequently Asked Questions

अपठित गद्यांश के उत्तर कैसे लिखने चाहिए?

उत्तर सदैव गद्यांश में दी गई जानकारी के आधार पर, अपने शब्दों में संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से लिखने चाहिए।