'वज़ीर अली आदमी है या भूत' – वज़ीर अली के लिए लेफ़्टीनेंट ने ऐसा क्यों कहा ?
'वज़ीर अली आदमी है या भूत' – वज़ीर अली के लिए लेफ़्टीनेंट ने ऐसा क्यों कहा ?
Options
सही विकल्प (ख): उसके पकड़ में न आने के कारण।
कारण: लेफ़्टीनेंट कहता है — 'हफ़्तों हो गए यहाँ खेमा डाले हुए... हाथ ही नहीं लगता', अर्थात इतनी घेराबंदी के बावजूद वज़ीर अली अंग्रेज़ों की पकड़ में नहीं आया, इसी खीझ में उसे 'भूत' कहा गया।
Marking Scheme
- 11 अंक: सही विकल्प (ख) चुनने पर पूर्ण अंक। अन्य किसी विकल्प पर अंक नहीं।
Hint
गद्यांश की पंक्ति 'हफ़्तों हो गए... हाथ ही नहीं लगता' पर ध्यान दें — यही मुख्य कारण है।
Quick Oral Answer
लेफ़्टीनेंट ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि हफ़्तों की घेराबंदी के बावजूद वज़ीर अली अंग्रेज़ी सेना के हाथ नहीं आ रहा था।
Analysis & Explanation
गद्यांश में लेफ़्टीनेंट की यह टिप्पणी उसकी हताशा और खीझ को दर्शाती है, न कि किसी अलौकिक विश्वास को।
सही विकल्प का आधार
- 'भूत' शब्द का प्रयोग यहाँ लाक्षणिक अर्थ में हुआ है — जिसे पकड़ा न जा सके उसे बोलचाल में 'भूत' कह दिया जाता है।
- सही विकल्प (ख) गद्यांश की पंक्ति 'हाथ ही नहीं लगता' से सीधे प्रमाणित होता है।
अन्य विकल्पों के गलत होने का कारण
- (क) 'अदृश्यता' गलत है क्योंकि वज़ीर अली वास्तव में विद्यमान व सक्रिय था, केवल पकड़ में नहीं आ रहा था।
- (ग) 'भयभीत होना' गद्यांश में कहीं संकेतित नहीं है — लेफ़्टीनेंट का स्वर खीझ का है, भय का नहीं।
- (घ) 'असीमित शक्ति' अतिशयोक्तिपूर्ण है और गद्यांश में इसका कोई प्रमाण नहीं मिलता।
परीक्षा में सावधानी
- विद्यार्थी प्रायः 'भूत' शब्द को शाब्दिक अर्थ में लेकर विकल्प (क) या (घ) चुन बैठते हैं, जो गलत है।
Common Mistakes
- 1'भूत' शब्द को शाब्दिक अर्थ (अदृश्य/अलौकिक शक्ति) में लेकर विकल्प (क) या (घ) चुन लेना।
- 2लेफ़्टीनेंट के स्वर को भय समझकर विकल्प (ग) चुन लेना, जबकि यह वास्तव में खीझ और असमर्थता है।
Interesting Facts
ऐतिहासिक रूप से वज़ीर अली वास्तव में अंग्रेज़ी सेना के लिए लंबे समय तक पकड़ से बाहर रहे थे, जिसके कारण उनकी तुलना रॉबिनहुड जैसे लोकनायकों से की जाती थी।
Spotted a mistake or something unclear?
Tell us — we fix reported answers fast.
Frequently Asked Questions
इस प्रश्न का सही विकल्प क्या है?
सही विकल्प (ख) है — 'उसके पकड़ में न आने के कारण'।