Q19
1 markVery Short AnswerSection खंड ख

नागार्जुन ने बच्चे की मुस्कान पर कविता लिखी।

(वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

अपठित बोध (काव्यांश)
वाच्य की पहचान
Official Answer

कर्तृवाच्य (Active Voice) — क्योंकि क्रिया कर्ता 'नागार्जुन' के अनुसार है, 'ने' केवल भूतकालिक सकर्मक क्रिया का चिह्न है।

कर्तृवाच्यवाच्यकर्तासकर्मक क्रियाव्याकरणनागार्जुन

Marking Scheme

  • 11 अंक: सही वाच्य 'कर्तृवाच्य' लिखने पर पूर्ण अंक; केवल 'कर्तृवाच्य' शब्द लिखना ही पर्याप्त है, कारण देना अनिवार्य नहीं।

Hint

देखें कि क्रिया का बल कर्ता पर है या कर्म पर — 'ने' परसर्ग होने पर भी यदि कर्ता प्रधान है तो वह कर्तृवाच्य ही रहता है।

Quick Oral Answer

यह कर्तृवाच्य है क्योंकि कर्ता 'नागार्जुन' स्वयं क्रिया कर रहा है और क्रिया कर्म के लिंग-वचन के अनुसार सामान्य रूप में है।

Analysis & Explanation

यह वाच्य-पहचान का प्रश्न है — 'ने' परसर्ग को कर्मवाच्य समझने की सामान्य भूल से बचना है।


संकल्पना

  • वाक्य में कर्ता 'नागार्जुन' के साथ 'ने' परसर्ग लगा है और क्रिया 'लिखी' कर्म 'कविता' (स्त्रीलिंग) के अनुसार बदल रही है — यह सकर्मक क्रिया के भूतकाल की सामान्य विशेषता है।
  • वाच्य पहचानने का मूल आधार यह है कि वाक्य में कर्ता प्रमुख है या कर्म — यहाँ कर्ता 'नागार्जुन' स्वयं क्रिया कर रहा है।

मुख्य बिंदु

  • कर्तृवाच्य में क्रिया का बल कर्ता (करने वाले) पर होता है, संरचना: कर्ता + कर्म + क्रिया।
  • चूँकि कर्ता प्रधान है, यह शुद्ध कर्तृवाच्य का वाक्य है।

परीक्षा में सावधानी

  • 'ने' परसर्ग देखकर उसे कर्मवाच्य समझ बैठना गलत है — 'ने' सकर्मक क्रिया के भूतकालिक रूप का चिह्न मात्र है, वाच्य-निर्धारक नहीं।

Common Mistakes

  1. 1'ने' परसर्ग देखकर इसे कर्मवाच्य समझ लेना, जबकि 'ने' केवल भूतकाल की सकर्मक क्रिया का चिह्न है।
  2. 2वाच्य के तीनों भेदों (कर्तृ, कर्म, भाव) की परिभाषा ठीक से याद न होना।

Interesting Facts

नागार्जुन (1911-1998) हिंदी और मैथिली के प्रगतिशील कवि थे, जिनकी रचनाओं में आम जनजीवन और बाल-सुलभ भावनाएँ प्रमुखता से झलकती हैं।

वाच्य परिवर्तन CBSE कक्षा 10 हिंदी व्याकरण के प्रत्येक वर्ष के प्रश्नपत्र में पूछा जाने वाला एक स्थायी विषय है।

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Frequently Asked Questions

वाच्य के कितने भेद होते हैं?

वाच्य के तीन भेद होते हैं - कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।

'ने' परसर्ग होने पर वाक्य कर्मवाच्य होता है?

नहीं, आवश्यक नहीं। 'ने' सकर्मक क्रिया के भूतकाल का चिह्न है; वाच्य कर्ता या कर्म की प्रधानता से तय होता है।