Q6
2 marksVery Short AnswerSection खंड क

खुशी और संतुष्टि किस प्रकार मिल सकती है? आप उसे पाने के लिए क्या करेंगे?

अपठित गद्यांश (Unseen Passage)
अपठित गद्यांश — खुशी और संतोष का स्रोत
Official Answer

गद्यांश के अनुसार खुशी और संतुष्टि सदैव भीतर से, आत्म-साक्षात्कार द्वारा मिलती हैं, न कि तुलना या प्रतियोगिता से। इसे पाने के लिए मैं दूसरों से तुलना करना बंद करूँगा/करूँगी, अपने कल के संस्करण से आगे बढ़ने का प्रयास करूँगा/करूँगी, और सोशल मीडिया की तुलना के बजाय आत्म-चिंतन व आत्म-स्वीकृति अपनाऊँगा/अपनाऊँगी।

खुशीसंतोषआत्म-साक्षात्कारतुलनाप्रतियोगिताआत्म-चिंतन

Marking Scheme

  • 11 अंक: गद्यांश के अनुसार खुशी-संतोष का स्रोत (भीतर से/आत्म-साक्षात्कार, तुलना-प्रतियोगिता से नहीं) सही ढंग से बताना।
  • 21 अंक: विद्यार्थी द्वारा इसे पाने हेतु स्वयं का व्यावहारिक व तर्कसंगत उपाय/मत प्रस्तुत करना।

Hint

गद्यांश के अंतिम वाक्य ('खुशी और संतोष हमेशा भीतर से आते हैं...') का प्रयोग करें, फिर अपने निजी अनुभव के आधार पर एक-दो व्यावहारिक कदम जोड़ें।

Quick Oral Answer

खुशी और संतोष भीतर से, आत्म-साक्षात्कार से मिलते हैं, तुलना या प्रतियोगिता से नहीं; इसके लिए मैं दूसरों से तुलना छोड़कर आत्म-चिंतन अपनाऊँगा/अपनाऊँगी।

Analysis & Explanation

यह प्रश्न गद्यांश के निष्कर्ष पर आधारित है और साथ ही विद्यार्थी की व्यक्तिगत राय की भी परीक्षा लेता है।


मुख्य बिंदु

  • खुशी का स्रोत: भीतर से, आत्म-साक्षात्कार द्वारा — तुलना-प्रतियोगिता से नहीं।
  • व्यक्तिगत उपाय: तुलना छोड़ना, आत्म-चिंतन अपनाना, स्वयं के निर्णय स्वयं लेना।

परीक्षा में सावधानी

  • केवल गद्यांश दोहराकर न रुकें; प्रश्न का दूसरा भाग ('आप क्या करेंगे') अनिवार्य रूप से अपने शब्दों में लिखें।

वास्तविक जीवन

  • आत्म-स्वीकृति और सोशल मीडिया तुलना से बचाव आज के डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Common Mistakes

  1. 1प्रश्न के दूसरे भाग ('आप क्या करेंगे') की उपेक्षा करके केवल गद्यांश दोहराना।
  2. 2गद्यांश के मूल भाव के विपरीत यह लिखना कि खुशी दूसरों से आगे निकलने या तुलना जीतने से मिलती है।

Interesting Facts

सकारात्मक मनोविज्ञान (Positive Psychology) में मार्टिन सेलिगमैन जैसे विद्वानों ने भी सिद्ध किया है कि दीर्घकालिक खुशी बाहरी उपलब्धियों से नहीं बल्कि आंतरिक अर्थ और आत्म-स्वीकृति से जुड़ी होती है, जो इस गद्यांश के भाव की पुष्टि करता है।

Spotted a mistake or something unclear?

Tell us — we fix reported answers fast.

Frequently Asked Questions

इस प्रश्न में व्यक्तिगत मत लिखना क्यों आवश्यक है?

क्योंकि प्रश्न का दूसरा भाग 'आप उसे पाने के लिए क्या करेंगे' सीधे विद्यार्थी की स्वयं की राय और व्यावहारिक दृष्टिकोण माँगता है, केवल गद्यांश दोहराने से पूर्ण अंक नहीं मिलते।