Q35
1 markMCQSection खंड ग

बिस्मिल्ला खाँ द्वारा अपनी शिष्या को 'धत्! पगली' कहकर संबोधित करने में कौन-सा भाव प्रकट होता है?

अपठित बोध (काव्यांश)
अपठित गद्यांश आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न — संबोधन में निहित भाव

Options

()हास का
()स्नेह का
()क्रोध का
()उपहास का
Official Answer

विकल्प (ख) — 'स्नेह का'। कारण: खाँ साहब मुस्कराते हुए, 'लाड़ से भरकर' बोलते हैं, जो 'पगली' संबोधन में गहरे वात्सल्य व आत्मीयता को दर्शाता है।

धत् पगलीस्नेहलाड़आत्मीय संबोधनवात्सल्य

Marking Scheme

  • 11 अंक: सही विकल्प (ख) 'स्नेह का' चुनने पर।

Hint

गद्यांश में दिए गए शब्द 'मुस्कराए' और 'लाड़ से भरकर' पर ध्यान दें — ये भाव की कुंजी हैं।

Quick Oral Answer

'धत्! पगली' संबोधन में खाँ साहब का शिष्या के प्रति स्नेह और वात्सल्य भाव प्रकट होता है — सही विकल्प (ख) है।

Analysis & Explanation

'धत्! पगली' संबोधन के भाव को समझने के लिए गद्यांश के संदर्भ व लहज़े (tone) पर ध्यान देना आवश्यक है, न कि शब्द के शाब्दिक अर्थ पर।


संदर्भ-आधारित विश्लेषण

  • गद्यांश में स्पष्ट है — खाँ साहब 'मुस्कराए' और 'लाड़ से भरकर' बोले, जो स्वयं स्नेह/वात्सल्य भाव की पुष्टि करता है।
  • 'धत्! पगली' एक आत्मीय संबोधन है जो गुरु/बड़े-बुज़ुर्ग अपने प्रिय शिष्य को हल्के-फुल्के अपनत्व से कहते हैं।

परीक्षा में सावधानी

  • विकल्प 'हास' व 'उपहास' नकारात्मक/उपेक्षापूर्ण भाव सुझाते हैं और 'क्रोध' पूर्णतः विपरीत भाव है — ये तीनों प्रसंग के विरुद्ध हैं।
  • शब्दों के शाब्दिक अर्थ से अधिक महत्त्वपूर्ण होता है संदर्भ व लहज़ा।

Common Mistakes

  1. 1'पगली' शब्द को शाब्दिक अर्थ में लेकर उसे उपहास या हास समझ लेना।
  2. 2'मुस्कराए' और 'लाड़ से भरकर' जैसे संकेतक शब्दों को नज़रअंदाज़ कर देना।

Interesting Facts

हिंदी में 'धत्!' शब्द प्रायः स्नेहपूर्ण खिन्नता या हल्के अपनत्व भरे विरोध को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता है, विशेषतः बड़ों द्वारा छोटों के प्रति।

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Frequently Asked Questions

'धत्! पगली' शब्द से क्रोध का भाव क्यों नहीं निकलता?

क्योंकि गद्यांश में इससे पहले 'मुस्कराए' और 'लाड़ से भरकर' शब्द आए हैं, जो स्पष्टतः स्नेह भाव दर्शाते हैं, क्रोध नहीं।